अतर सिंह भड़ाना हत्या: मुख्य आरोपी मुकेश फौजी गिरफ्तार, 35 पुलिस टीमें तैनात

भरतपुर जिले के भोंडा गांव में पूर्व विधायक की हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार सुबह सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की। अतर सिंह भड़ाना हत्या मामले में मुख्य आरोपी मुकेश फौजी को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही छापेमारी का दायरा बढ़ाकर अब 35 पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गई हैं। दूसरी ओर गांव में कार्रवाई के डर से अधिकांश पुरुष गांव छोड़कर जा चुके हैं, जिससे गांव में अजीब सी वीरानी छाई है। आईजी प्रीति चंद्रा ने साफ कहा है कि कार्रवाई कानून के दायरे में हो रही है और अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

अतर सिंह भड़ाना हत्या: मुख्य आरोपी कौन है और गिरफ्तारी कैसे हुई

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी के तौर पर मुकेश फौजी की भूमिका सामने आई थी और लंबे समय से उसकी तलाश चल रही थी। शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसे दबोच लिया। यह गिरफ्तारी उस अभियान का हिस्सा है, जिसमें गुरुवार को भी कई आरोपियों को पकड़ा गया था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी है, इसलिए ऑपरेशन का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। शुरुआती दिनों में 25 से 30 टीमें लगाई गई थीं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर लगभग 35 हो गई है। सभी टीमें समन्वय के साथ काम कर रही हैं और गिरफ्तारियां लगातार की जा रही हैं।

भोंडा गांव में वीरानगी: महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग ही बचे

वारदात के बाद भोंडा गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पुलिस कार्रवाई के डर से गांव के ज्यादातर पुरुष गांव छोड़कर चले गए हैं। पीछे रह गए हैं सिर्फ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ कानून के दायरे में ही की जा रही है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।

आईजी प्रीति चंद्रा का सख्त संदेश: अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई

मामले पर आईजी प्रीति चंद्रा ने मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पुलिस पर महिलाओं को परेशान करने के आरोपों को खारिज किया। उनके मुताबिक, गांव में पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मी तैनात की गई हैं और महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

आईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि पूछताछ या जानकारी लेना उत्पीड़न नहीं है। जब भी पुलिस किसी महिला से पूछताछ करती है, तो पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाती है। यानी कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पुलिस कार्रवाई को लेकर फैल रही खबरों पर आईजी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति भ्रामक जानकारी या अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

घटनाक्रम: 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक

तारीख घटनाक्रम
11 अक्टूबर (शाम ~6:30) भोंडा गांव स्थित क्रेशर लीज साइट पर 70-80 लोगों की भीड़ ने पूर्व विधायक पर हमला किया
11 अक्टूबर (रात ~11:30) गंभीर घायल पूर्व विधायक को एसएमएस अस्पताल जयपुर लाया गया, चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
12 अक्टूबर पोस्टमॉर्टम के बाद शव पैतृक गांव पाली (फरीदाबाद, हरियाणा) ले जाकर अंतिम संस्कार
12-14 अक्टूबर कई आरोपियों की गिरफ्तारी, वैर थाने के तीन अधिकारियों का निलंबन
15 अक्टूबर (गुरुवार) पुलिस अभियान के दौरान कई और आरोपियों की धरपकड़
16 अक्टूबर (शुक्रवार सुबह) मुख्य आरोपी मुकेश फौजी गिरफ्तार
17 अक्टूबर 35 पुलिस टीमें छापेमारी में, आईजी का बयान, गांव के पुरुषों का पलायन

11 अक्टूबर की शाम: क्या हुआ था उस दिन

11 अक्टूबर की शाम करीब साढ़े छह बजे पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना (68) भरतपुर के वैर उपखंड स्थित भोंडा गांव में अपनी क्रेशर खनन लीज साइट पर पहुंचे थे। उसी शाम हुए हमले में उनकी पत्नी कमलेश द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, शाम 6 से 7 बजे के बीच गांव के 70 से 80 लोगों ने लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और अन्य हथियारों से उन पर हमला बोल दिया।

हमले में भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ मौजूद गगन शर्मा को भी गंभीर चोटें आईं। घायलों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां रात करीब साढ़े 11 बजे चिकित्सकों ने पूर्व विधायक को मृत घोषित कर दिया। भड़ाना की मौत की खबर अगले दिन प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गई।

विवाद की जड़: चार साल पुराना क्रेशर संघर्ष

इस वारदात के पीछे कोई अचानक बना विवाद नहीं, बल्कि बरसों पुरानी रंजिश है। थाना प्रभारी के अनुसार, क्रेशर को लेकर ग्रामीणों और संचालक के बीच पिछले चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि क्रेशर लीज वाली जमीन पर चारागाह की जमीन पर कब्जा किया गया था।

कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, यह टकराव 12 साल पुराने झगड़े की कड़ी भी है। गांववालों का कहना है कि स्टोन क्रेशर यूनिट और वहां से गुजरने वाले ट्रकों की वजह से उनके मवेशियों के चारागाह तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया था। इसी विवाद की वजह से क्रेशर पिछले एक साल से बंद पड़ा था।

अतर सिंह भड़ाना हत्या: अब आगे क्या होगा — जांच और कानूनी प्रक्रिया

पुलिस ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी आरोपी पकड़े नहीं जाते, अभियान जारी रहेगा। छापेमारी की कार्रवाई लगातार हो रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य नामों की तलाश की जा रही है।

उधर, मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी कार्रवाई हुई है — राज्य सरकार ने वैर पुलिस स्टेशन के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस की चार्जशीट और न्यायिक प्रक्रिया इस हत्याकांड की तस्वीर और साफ करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: अतर सिंह भड़ाना हत्या मामले में मुख्य आरोपी कौन है?
उत्तर: पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी मुकेश फौजी है, जिसे 16 अक्टूबर की सुबह गिरफ्तार किया गया। उसके अलावा भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

प्रश्न 2: भोंडा गांव में इस समय क्या स्थिति है?
उत्तर: गांव के अधिकांश पुरुष गांव छोड़कर जा चुके हैं। गांव में सिर्फ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रह गए हैं। पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए बल और महिला पुलिसकर्मी तैनात किए हैं।

प्रश्न 3: अतर सिंह भड़ाना की हत्या क्यों हुई?
उत्तर: पुलिस जांच के मुताबिक, क्रेशर खनन लीज को लेकर ग्रामीणों और पूर्व विधायक के बीच चार साल से विवाद चल रहा था। 11 अक्टूबर की शाम इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

प्रश्न 4: मामले में अब तक कितनी पुलिस टीमें लगी हैं?
उत्तर: शुरुआत में 25 से 30 टीमें लगाई गई थीं, लेकिन अब आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगभग 35 पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं।

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