दीपावली से पहले जयपुर में कर्मचारियों का हल्लाबोल: बोनस और बकाया भुगतान की मांग, सीएम को ज्ञापन

दीपावली की खुशियों का मौसम नजदीक आते ही राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। जयपुर में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने शुक्रवार को बड़ा प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी लंबित मांगों के जल्द निस्तारण की मांग उठाई। राजस्थान कर्मचारी दीपावली बोनस की मांग इस प्रदर्शन के केंद्र में रही — कर्मचारियों का कहना है कि त्योहार से पहले नगद बोनस का ऐलान हो, ताकि वे भी दीपावली धूमधाम से मना सकें। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीपीएफ, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश जैसे बकाया भुगतानों का मुद्दा भी गरमाया रहा।

महासंघ के पदाधिकारियों का सीधा आरोप है कि कर्मचारियों ने सेवाकाल में पूरी जिम्मेदारी से काम किया, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद अपने ही हक की राशि के लिए उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। दीपावली से ठीक पहले यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक साफ संदेश है।

राजस्थान कर्मचारी दीपावली बोनस: बीमा भवन से कलेक्टर कार्यालय तक

शुक्रवार को महासंघ के जयपुर जिलाध्यक्ष जितेन्द्र अजमेरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी कर्मचारी बीमा भवन में एकत्रित हुए। यहां से वे रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करके अपना विरोध दर्ज कराया।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर संदेश नायक से मुलाकात कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लंबित आर्थिक परिलाभों का शीघ्र निस्तारण, दीपावली पर नगद बोनस और 30 सूत्रीय मांगपत्र पर कार्रवाई की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।

उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है जब जयपुर में कर्मचारियों ने ज्ञापन के जरिए अपनी मांगें रखी हैं। हाल ही में विद्युत कंपनियों के कर्मचारियों ने भी जयपुर में ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी थीं — यानी राजधानी में कर्मचारियों के आंदोलनों का सिलसिला लगातार तेज हो रहा है।

पांच प्रमुख मांगें एक नजर में

महासंघ ने ज्ञापन में जिन मांगों को सबसे ऊपर रखा है, उन्हें तालिका में समझिए:

क्रम मांग किसे फायदा होगा
1 सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीपीएफ, राज्य बीमा (SI), ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश (PL) का बकाया भुगतान समय पर हो सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके परिवार
2 समर्पित अवकाश के लंबित भुगतान तत्काल जारी हों सेवा में कार्यरत कर्मचारी
3 कर्मचारियों के सभी लंबित आर्थिक परिलाभों का शीघ्र निस्तारण हो सभी राज्य कर्मचारी
4 दीपावली पर राज्य कर्मचारियों को नगद बोनस दिया जाए सभी पात्र राज्य कर्मचारी
5 महासंघ के 30 सूत्रीय मांगपत्र पर जल्द कार्रवाई की जाए संगठन से जुड़े सभी कर्मचारी

पदाधिकारियों का कहना है कि लंबित भुगतानों के कारण कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कार्मिकों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है, और सरकार-प्रशासन को इन मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सबसे बड़ा दर्द: अपने ही पैसे के लिए चक्कर

इस प्रदर्शन का सबसे भावुक पहलू सेवानिवृत्त कर्मचारियों की स्थिति रही। महासंघ ने साफ कहा कि सेवा में रहते हुए कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा से काम किया, लेकिन रिटायरमेंट के बाद अपनी ही जमा राशि पाने के लिए उन्हें महीनों दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ये बकाए कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारियों का अपना हक है — जीपीएफ (सेवा के दौरान वेतन से कटी भविष्य निधि), राज्य बीमा, ग्रेच्युटी और न लिए गए अवकाशों के बदले मिलने वाला नकद भुगतान।

हाल ही में सरकार ने जीपीएफ पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 7.1 प्रतिशत ब्याज दर तय की है, लेकिन महासंघ का सवाल है कि जब मूल राशि ही समय पर न मिले तो ब्याज का क्या फायदा? संगठन की मांग है कि सरकार समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि रिटायर्ड कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

राजस्थान कर्मचारी दीपावली बोनस: क्यों उठ रही है इस बार जोरदार मांग?

दीपावली कर्मचारियों के लिए सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि साल भर की मेहनत के बाद मिलने वाली खुशी का मौका होता है — और बोनस उसी खुशी को दोगुना करता है। यही वजह है कि महासंघ ने इस बार दीपावली से पहले नगद बोनस की मांग को प्रमुखता से उठाया है।

पृष्ठभूमि समझिए — पिछली दीपावली पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लगभग 6 लाख राज्य कर्मचारियों के लिए तदर्थ बोनस की घोषणा की थी। यह बोनस पे लेवल L-12 या ग्रेड पे 4800 एवं उससे कम वेतनमान में कार्यरत कर्मचारियों को मिला था, और प्रत्येक पात्र कर्मचारी को अधिकतम 6,774 रुपये का बोनस दिया गया था। पंचायत समिति और जिला परिषद के कर्मचारी भी इस लाभ के दायरे में आए थे।

कर्मचारियों की दलील है कि जब पिछली बार सरकार ने यह सौगात दी थी, तो इस बार भी दीपावली से पहले नगद बोनस का ऐलान होना चाहिए। महंगाई के इस दौर में त्योहारों का खर्च हर परिवार के बजट पर भारी पड़ता है, और बोनस उसी बोझ को हल्का करता है।

30 सूत्रीय मांगपत्र क्या है?

महासंघ ने ज्ञापन में अपने 30 सूत्रीय मांगपत्र के जल्द निस्तारण की भी मांग की है। यह मांगपत्र लंबे समय से सरकार के सामने है, जिसमें वेतन, भत्तों, पदोन्नति, सेवा शर्तों और कल्याण से जुड़े तीन दर्जन मुद्दे शामिल हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि कई बिंदुओं पर सालों से ठोस प्रगति नहीं हुई — दीपावली से पहले इस पर सकारात्मक कदम सरकार के लिए भी अच्छा संदेश होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: जयपुर में कर्मचारियों का प्रदर्शन किसने और कब किया?

उत्तर: अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को जयपुर में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष जितेन्द्र अजमेरा के नेतृत्व में कर्मचारी बीमा भवन से रैली निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।

प्रश्न 2: ज्ञापन में कौन-कौन सी प्रमुख मांगें रखी गई हैं?

उत्तर: पांच प्रमुख मांगें हैं — सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीपीएफ, राज्य बीमा, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश का बकाया भुगतान; समर्पित अवकाश के लंबित भुगतान; सभी लंबित आर्थिक परिलाभों का निस्तारण; दीपावली पर नगद बोनस; और 30 सूत्रीय मांगपत्र पर कार्रवाई।

प्रश्न 3: क्या राजस्थान में कर्मचारियों को दीपावली बोनस मिलता है?

उत्तर: पिछली दीपावली पर सरकार ने लगभग 6 लाख कर्मचारियों को अधिकतम 6,774 रुपये का तदर्थ बोनस दिया था। इस बार महासंघ ने नगद बोनस की मांग उठाई है, जिस पर सरकार के फैसले का इंतजार है।

प्रश्न 4: सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाए में देरी क्यों होती है?

उत्तर: फाइलों की प्रक्रिया में देरी, दस्तावेज सत्यापन का अटकना और विभागीय समन्वय की कमी मुख्य कारण हैं। महासंघ समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था चाहता है।

अब आगे क्या होगा?

ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा, और अब सबकी नजरें सरकार के जवाब पर हैं। दीपावली नजदीक है — बोनस पर जल्द फैसले की उम्मीद कर्मचारी कर रहे हैं। वहीं बकाया भुगतानों के लिए सिर्फ आश्वासन नहीं, भुगतान की समय-सीमा तय करने वाली ठोस व्यवस्था की जरूरत है। बोनस और बकायों से जुड़े आदेश आमतौर पर वित्त विभाग जारी करता है — कर्मचारी राजस्थान वित्त विभाग की वेबसाइट पर भी नजर रख सकते हैं।

राज न्यूज इस खबर पर लगातार नजर बनाए रखेगा — सरकार की ओर से कोई नई घोषणा आते ही आपको सबसे पहले जानकारी दी जाएगी।

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