भरतपुर जिले के भौंड़ा गांव में खदान के रेस्ट हाउस के बाहर 11 अक्टूबर की शाम हुई पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। बयाना के डांग के जंगलों से दो और आरोपियों — दुल्या पुत्र रामसिंह और शिवसिंह पुत्र आनंद — को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों कई दिनों से अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए थे। ताजा गिरफ्तारी के बाद अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या 15 हो गई है।
इसी बीच अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड से जुड़ा 27 सेकंड का एक और वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें हमलावरों की बेरहमी साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में भड़ाना जमीन पर पड़े दिख रहे हैं, जबकि कुछ लोग उन पर लाठी-डंडों से हमला करते, चेहरे पर लात मारते और पत्थरों से वार करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि यह वीडियो हमलावरों ने खुद बनाया था। साथ ही मामले में लापरवाही के आरोप में वैर थाने के थानाधिकारी और एक टीआई कांस्टेबल को निलंबित किया जा चुका है, जबकि दो आरपीएस अधिकारियों को एपीओ किया गया था।
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: 15 गिरफ्तारी, डांग के जंगलों से दो और आरोपी
पुलिस अधीक्षक राजेश मीना के अनुसार, दुल्या पुत्र रामसिंह और शिवसिंह पुत्र आनंद, दोनों निवासी भौंड़ा, को बयाना के डांग के जंगलों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए थे और कई दिनों से उनकी तलाश चल रही थी। घने जंगली इलाके में छिपे आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को लंबी निगरानी के बाद दबिश देनी पड़ी।
इससे एक दिन पहले भी दो आरोपियों — राजवीर और नरेश — को गिरफ्तार किया गया था। एक को करौली बॉर्डर के पास और दूसरे को डीग जिले में उत्तर प्रदेश की सीमा के पास से पकड़ा गया था। इससे पहले अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुकेश फौजी को गिरफ्तार किया जा चुका था, और 35 पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में तैनात हैं। गिरफ्तारी के इस सिलसिले ने साफ कर दिया है कि हत्याकांड के आरोपी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छिपकर बैठे थे और पुलिस उन्हें एक-एक करके पकड़ रही है।
27 सेकंड का वीडियो: जमीन पर पड़े भड़ाना पर लाठियां और पत्थर
11 अक्टूबर की शाम का 27 सेकंड का यह नया वीडियो भौंड़ा गांव में खदान के रेस्ट हाउस के बाहर का बताया जा रहा है। इसमें पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग उन पर लाठी-डंडों से हमला करते, चेहरे पर लात मारते और पत्थरों से वार करते नजर आ रहे हैं। खदान और वहां तक जाने वाले रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के बीच इस हमले की बात सामने आई थी।
गंभीर रूप से घायल भड़ाना की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस का मानना है कि वीडियो से हमलावरों की पहचान और हमले के क्रम को समझने में मदद मिलेगी, क्योंकि यह हत्या की साजिश को समझने का अहम सबूत है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और उससे जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
पुलिस पर गाज: वैर SHO और टीआई कांस्टेबल निलंबित, दो RPS APO
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में वैर थाने के थानाधिकारी और टीआई कांस्टेबल को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा दो आरपीएस अधिकारियों को एपीओ किया गया था। सभी पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है। यह कार्रवाई बताती है कि घटना को रोकने या सही समय पर कार्रवाई न करने की जिम्मेदारी पुलिस महकमे के भीतर भी तय की जा रही है।
खदान की लीज के प्रबंधन को लेकर वैर के तत्कालीन थाना अधिकारी जनक सिंह के भतीजे की भूमिका और बाद में विवाद की बात भी सामने आई है। इस पर जनक सिंह ने कहा कि उनका भतीजा खदान में मजदूरी करता था और भड़ाना ने अन्य बेरोजगार लोगों को भी काम पर लगाने के लिए कहा था। जनक सिंह ने किसी विवाद से इनकार किया है। जनक सिंह फरवरी 2023 से अक्टूबर 2024 तक वैर थाने के एसएचओ रहे थे, इसके बाद 18 जुलाई 2025 को उन्हें महिला थाने में लगाया गया था। पड़ताल में यह भी सामने आया है कि खदान की लीज कथित तौर पर कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अवैध कमाई का जरिया बनी रही, हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: गिरफ्तारियों का समयक्रम
| तारीख | विकास | विवरण |
|---|---|---|
| 11 अक्टूबर 2026 (शाम) | हमला और मौत | भौंड़ा गांव में खदान के रेस्ट हाउस के बाहर हमला; उपचार के दौरान मौत |
| 17 अक्टूबर 2026 | मुख्य आरोपी गिरफ्तार | मुकेश फौजी गिरफ्तार; 35 पुलिस टीमें तलाश में |
| 19 अक्टूबर 2026 | दो और गिरफ्तार | राजवीर और नरेश पकड़े गए; कुल गिरफ्तारी 13 |
| 20 अक्टूबर 2026 | दो और गिरफ्तार, कुल 15 | दुल्या रामसिंह और शिवसिंह आनंद बयाना के डांग के जंगलों से गिरफ्तार; 27 सेकंड का वीडियो वायरल; SHO-टीआई कांस्टेबल निलंबित, दो RPS APO |
हत्या की पृष्ठभूमि और जांच की आगे की राह
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र में क्रेशर प्लांट को लेकर चले आ रहे पुराने विवाद से जुड़ा हुआ है। मामले में अब तक 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। एसपी राजेश मीना के नेतृत्व में चल रही जांच अब दो मोर्चों पर आगे बढ़ रही है — एक तरफ फरार बचे आरोपियों की तलाश, दूसरी तरफ खदान लीज से जुड़े आर्थिक विवाद और पुलिस की भूमिका की जांच। 27 सेकंड का वायरल वीडियो फॉरेंसिक जांच का अहम हिस्सा बनेगा और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में हत्या की साजिश की पूरी कड़ी सामने आने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और चार्जशीट की दिशा में तेजी आने की संभावना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
20 अक्टूबर तक पुलिस 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ताजा गिरफ्तारी में दुल्या पुत्र रामसिंह और शिवसिंह पुत्र आनंद को बयाना के डांग के जंगलों से पकड़ा गया।
वायरल हो रहे 27 सेकंड के वीडियो में क्या दिख रहा है?
11 अक्टूबर की शाम के वीडियो में पूर्व विधायक जमीन पर पड़े दिख रहे हैं और कुछ लोग उन पर लाठी-डंडों, लातों और पत्थरों से हमला करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि वीडियो हमलावरों ने ही बनाया था।
किन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है?
वैर थाने के थानाधिकारी और एक टीआई कांस्टेबल को निलंबित किया गया है, जबकि दो आरपीएस अधिकारियों को एपीओ किया गया था। सभी पर लापरवाही बरतने का आरोप है।
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड की जड़ में क्या विवाद था?
जांच में खदान और वहां तक जाने वाले रास्ते को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है। खदान लीज के प्रबंधन में तत्कालीन SHO के भतीजे की भूमिका का जिक्र भी जांच के दायरे में है, हालांकि तत्कालीन SHO ने किसी विवाद से इनकार किया है।