भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत, क्रेशर विवाद में हुआ था खूनी संघर्ष

भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र में रविवार शाम हुआ खूनी संघर्ष सोमवार सुबह प्रदेश की सबसे बड़ी खबर बन गया। क्रेशर प्लांट को लेकर चले आ रहे पुराने विवाद में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए थे, और रात करीब साढ़े 11 बजे अस्पताल में अतर सिंह भड़ाना मौत की पुष्टि हो गई। इस घटना ने भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में तनाव फैला दिया है और खनन-क्रेशर कारोबार के विवादों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के मुताबिक विवाद रविवार शाम करीब साढ़े 6 बजे वैर थाना क्षेत्र के भौंडा-रायपुर गांव में स्थित एक क्रेशर प्लांट पर शुरू हुआ था। ग्रामीणों और पूर्व विधायक के समर्थकों के बीच लाठी-पत्थरों से हमला हुआ, जिसमें अतर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई।

रविवार शाम क्या हुआ था: पौने 7 बजे शुरू हुआ टकराव

जानकारी के मुताबिक रविवार शाम करीब 6:30 बजे अतर सिंह भड़ाना अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना की खनन लीज से जुड़े क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-पत्थरों से हमला शुरू हो गया।

अतर सिंह की पत्नी कमलेश भड़ाना ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि शाम 6:30 से 7 बजे के बीच 70 से 80 लोगों ने हमला किया। कमलेश के मुताबिक उनकी खनन लीज का कनेक्शन काट दिया गया था और वाटर पंप भी खराब कर दिया गया था। पूरी घटना की जानकारी के लिए टाइम्स नाउ की रिपोर्ट में बताया गया है कि टकराव रविवार शाम करीब 6:30 बजे शुरू हुआ था। कमलेश ने गोली लगने का भी आरोप लगाया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों की वजह से हालत बिगड़ती चली गई। अतर सिंह भड़ाना मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में समर्थकों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पुलिस को वहां भी व्यवस्था संभालनी पड़ी।

चार साल पुराना विवाद: अतर सिंह भड़ाना मौत की जड़ में रास्ता और चारागाह

इस घटना की जड़ में क्रेशर प्लांट के संचालन और खनन लीज तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर चल रहा पुराना विवाद है। थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार ग्रामीणों और क्रेशर संचालक पक्ष के बीच लगभग चार सालों से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध खनन किया गया और खान तक जाने वाले रास्ते पर भी तनातनी बनी हुई थी। पुलिस के मुताबिक ग्रामीण करीब दो साल से रुक-रुककर धरना-प्रदर्शन भी कर रहे थे। पिछले एक साल से क्रेशर प्लांट बंद पड़ा था और अतर सिंह उसे दोबारा चालू कराने का प्रयास कर रहे थे — इसी सिलसिले में वह रविवार को प्लांट पर पहुंचे थे।

एक नजर में घटना का क्रम:

समय घटना
रविवार शाम ~6:30 बजे भौंडा-रायपुर गांव के क्रेशर प्लांट पर ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष में विवाद
शाम 6:30–7:00 बजे दोनों पक्षों में लाठी-पत्थरों से हिंसक संघर्ष, अतर सिंह गंभीर घायल
रात ~11:30 बजे अस्पताल में पूर्व विधायक की मौत
सोमवार सुबह पुलिस की अतिरिक्त फोर्स तैनात, जांच शुरू

पत्नी के आरोपों के मुताबिक पुलिस और प्रशासन को लगातार सूचना दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई — यदि यह दावा सही निकलता है, तो प्रशासनिक लापरवाही का भी मामला बन सकता है।

कौन थे अतर सिंह भड़ाना: भाजपा विधायक से क्रेशर कारोबारी तक

अतर सिंह भड़ाना मौत के बाद उनका राजनीतिक सफर एक बार फिर चर्चा में है। दिसंबर 2001 में भाजपा ने उन्हें राजस्थान किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। 2003 के विधानसभा चुनाव में वह भरतपुर की बयाना सीट से भाजपा के टिकट पर 19,405 मतों के अंतर से जीते थे।

2007 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान भाजपा से उनके रिश्ते बिगड़े और पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। इसके बाद 2008 में वह बसपा में गए, फिर कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस ने उन्हें नगर सीट से उतारा, जहां वह 4,584 मतों से हार गए। चुनावी राजनीति से दूर होने के बाद भड़ाना खनन और क्रेशर कारोबार से जुड़ गए — और उसी कारोबारी विवाद ने आखिरकार अतर सिंह भड़ाना मौत की वजह बना दी।

अतर सिंह भड़ाना मौत के बाद: जांच, सुरक्षा और आगे क्या

अतर सिंह भड़ाना मौत के बाद पुलिस ने भौंडा-रायपुर गांव और क्रेशर प्लांट के आसपास अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। सबसे अहम सवाल पत्नी के आरोपों की सच्चाई का है — खासकर गोली चलने और लीज का कनेक्शन काटने के दावे। पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सही तस्वीर सामने आएगी।

खनन क्षेत्रों में ऐसे विवाद राजस्थान में नई बात नहीं हैं। भरतपुर में पहले भी खनन से जुड़े विवाद सुर्खियों में आए हैं। गौरतलब है कि हमले के तुरंत बाद ही इस घटना की खबर सामने आई थी, लेकिन तब वह गंभीर हालत में अस्पताल में थे। अब यही मामला हत्या की जांच में बदल गया है। इस घटना के बाद यह मांग भी उठ सकती है कि विवादित खनन क्षेत्रों में प्रशासन निगरानी बढ़ाए और पुराने विवादों का निपटारा समय पर करे, ताकि अतर सिंह भड़ाना मौत जैसी घटना दोबारा न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

अतर सिंह भड़ाना की मौत कैसे हुई?

रविवार शाम भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र में क्रेशर प्लांट पर हुए खूनी संघर्ष में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में रात करीब साढ़े 11 बजे उनकी मौत हो गई।

यह विवाद किस बात को लेकर था?

क्रेशर प्लांट के संचालन और खनन लीज तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर खनन किया गया।

अतर सिंह भड़ाना कौन थे?

वह 2003 में भाजपा के टिकट पर भरतपुर की बयाना सीट से विधायक चुने गए थे। बाद में वह बसपा और कांग्रेस में भी रहे। चुनावी राजनीति से दूर होने के बाद वह खनन और क्रेशर कारोबार से जुड़ गए थे।

पत्नी ने क्या आरोप लगाए हैं?

उनकी पत्नी कमलेश भड़ाना का आरोप है कि 70 से 80 लोगों ने हमला किया, लीज का कनेक्शन काटा गया और वाटर पंप खराब किया गया। उन्होंने गोली चलने का भी आरोप लगाया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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