हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ हेरोइन जब्त की खबर ने पूरे सीमावर्ती इलाके में हलचल मचा दी है। रविवार को हनुमानगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए करीब 11 किलो हेरोइन जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत 50 करोड़ रुपये आंकी गई है, और कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह खेप पाकिस्तान बॉर्डर के रास्ते देश के अंदर लाई गई थी — शुरुआती जांच में सामने आया है कि नशे की यह खेप बॉर्डर के पास ड्रोन या किसी अन्य माध्यम से ड्रॉप की गई थी।
यह कार्रवाई महज थाना-स्तर की छापेमारी नहीं थी। इसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) गंगानगर और हनुमानगढ़ पुलिस के संयुक्त मेगा ऑपरेशन के तौर पर अंजाम दिया गया। हनुमानगढ़ पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत डीएसपी मीनाक्षी की अगुवाई में पूरी टीम ने इसे सफल बनाया।
हनुमानगढ़ हेरोइन जब्त: गोलूवाला में कैसे फंसी ₹50 करोड़ की खेप
पुलिस के मुताबिक गोलूवाला थाना क्षेत्र में रविवार को हुई इस कार्रवाई की तैयारी काफी समय से चल रही थी। एसपी बी. आदित्य के नेतृत्व में जिले में नशे के खिलाफ ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ चलाया जा रहा है, जिसके तहत तस्करी नेटवर्क की हर कड़ी पर नजर रखी जा रही थी। इसी निगरानी के दौरान सूचना मिली कि पाकिस्तान से आई एक बड़ी खेप को गोलूवाला के रास्ते आगे पहुंचाने की तैयारी हो रही है।
सूचना पक्की होते ही डीएसपी मीनाक्षी की अगुवाई में टीम ने जाल बिछाया और तय समय पर दबिश देकर खेप समेत पांचों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं — यह तथ्य अपने आप में बताता है कि तस्करी का यह नेटवर्क किस हद तक फैला हुआ है और इसमें परिवारों तक को शामिल किया जा रहा है। आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है, और पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से बॉर्डर पर नशे के बड़े खेल के बेनकाब होने की संभावना है।
ड्रोन से बॉर्डर पार: पाकिस्तान से नशे की आपूर्ति का रूट
पाकिस्तान बॉर्डर से हेरोइन की तस्करी का यह तरीका नया नहीं है, लेकिन चिंता की बात यह है कि यह लगातार बढ़ रहा है। सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए नशे की खेप गिराने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ड्रोन रात के अंधेरे में बॉर्डर के पास खेप ड्रॉप कर देता है, और इस पार खड़े तस्कर उसे उठाकर आगे के नेटवर्क तक पहुंचा देते हैं। यह पूरा खेल चंद मिनटों में हो जाता है, इसलिए इसे पकड़ना आसान नहीं होता।
हनुमानगढ़ जिला पाकिस्तान बॉर्डर से जुड़ा हुआ है, और यही वजह है कि यह इलाका तस्करी नेटवर्क के लिए संवेदनशील बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक जब हेरोइन की एक खेप की अंतरराष्ट्रीय कीमत 50 करोड़ रुपये आंकी जाती है, तो इसके पीछे चल रहा पैसा भी उतना ही बड़ा होता है — इसलिए सीमा पर नशे की हर खेप सिर्फ एक ड्रग केस नहीं, बल्कि सुरक्षा का मुद्दा भी है।
ऑपरेशन चक्रव्यूह: हनुमानगढ़ पुलिस की नशे के खिलाफ मुहिम
‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ हनुमानगढ़ पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य की अगुवाई में चलाया जा रहा विशेष अभियान है, जिसका मकसद जिले में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करना है। इस अभियान के तहत पुलिस तस्करी के रूट, सप्लायर, पैडलर और ग्राहकों — सभी पर एक साथ नजर रख रही है। रविवार की यह कार्रवाई इसी मुहिम की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
एसपी बी. आदित्य ने नशा तस्करों और अपराधियों को साफ संदेश दिया है कि ‘नशा तस्करी और अपराध छोड़ दो, वरना जिला छोड़ दो।’ इस कार्रवाई की एक और अहम कड़ी यह है कि इसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो गंगानगर की टीम भी शामिल थी — दो एजेंसियों के इस संयुक्त ऑपरेशन से साफ है कि नेटवर्क के तार जिले से बाहर भी फैले हो सकते हैं।
राजस्थान में नशा तस्करी पर लगातार प्रहार
हनुमानगढ़ की यह कार्रवाई अकेली नहीं है। पिछले कुछ दिनों में राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में नशे के खिलाफ लगातार बड़े ऑपरेशन हुए हैं। इसी रविवार को दौसा में स्मैक की बड़ी खेप पकड़ी गई, जहां दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भांडारेज के पास ऑपरेशन एंटी वेनम के तहत 293.5 ग्राम स्मैक बरामद हुई थी, जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई थी। कोटा के छह तस्कर गिरफ्तार हुए थे, और उस मामले में भी एक आरोपी की पत्नी डिजिटल माध्यमों से डील संभालती थी — यानी नशे के नेटवर्क में महिलाओं की भूमिका का पैटर्न दौसा में भी दिखा था।
इससे एक दिन पहले बालोतरा में MD ड्रग्स की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था, और धौलपुर में नेशनल हाईवे 44 पर 1.3 करोड़ रुपये का गांजा जब्त किया गया था। यानी महज 48 घंटों में प्रदेश के चार अलग-अलग जिलों में करोड़ों रुपये के नशे की खेप पकड़ी गई है — और हनुमानगढ़ की 11 किलो हेरोइन (50 करोड़ रुपये) इस हफ्ते की सबसे बड़ी जब्ती है।
हनुमानगढ़ हेरोइन जब्त मामले में जांच का अगला पड़ाव
पांचों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ अभी जारी है। पुलिस के मुताबिक मामले में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, क्योंकि 11 किलो हेरोइन का मतलब है कि इसका बाजार सिर्फ हनुमानगढ़ तक सीमित नहीं था। एसपी बी. आदित्य ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी — आने वाले दिनों में ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
एक नजर में: हनुमानगढ़ हेरोइन जब्ती के मुख्य तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जब्त हेरोइन | करीब 11 किलो |
| अनुमानित कीमत | करीब 50 करोड़ रुपये (अंतरराष्ट्रीय बाजार) |
| गिरफ्तार आरोपी | 5 (दो महिलाएं समेत) |
| स्थान | गोलूवाला, हनुमानगढ़ (राजस्थान) |
| ऑपरेशन | ऑपरेशन चक्रव्यूह — हनुमानगढ़ पुलिस + CBI गंगानगर |
| नेतृत्व | एसपी बी. आदित्य (निर्देशन), डीएसपी मीनाक्षी (अगुवाई) |
| खेप का रूट | पाकिस्तान बॉर्डर से — ड्रोन/अन्य माध्यम से ड्रॉप |
| तारीख | 18 अक्टूबर 2026 (रविवार) |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: हनुमानगढ़ में कितनी हेरोइन जब्त हुई और उसकी कीमत क्या है?
उत्तर: गोलूवाला में हुई कार्रवाई में करीब 11 किलो हेरोइन जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये आंकी गई है।
प्रश्न: इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
उत्तर: कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सभी से गहन पूछताछ जारी है।
प्रश्न: ऑपरेशन चक्रव्यूह क्या है?
उत्तर: यह हनुमानगढ़ पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में नशे के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान है।
प्रश्न: हेरोइन की यह खेप कहां से आई थी?
उत्तर: शुरुआती जांच के मुताबिक यह खेप पाकिस्तान बॉर्डर के रास्ते आई थी और बॉर्डर के पास ड्रोन या किसी अन्य माध्यम से ड्रॉप की गई थी।
नशे के खिलाफ हनुमानगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि जब सूचना पुख्ता हो और तैयारी मजबूत, तो सबसे बड़ा तस्करी नेटवर्क भी बेनकाब हो सकता है। राजस्थान पुलिस से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए पुलिस मुख्यालय की वेबसाइट देखी जा सकती है।