श्रीगंगानगर खुली जेल का कैदी 5 दिन थाईलैंड घूम आया, जेल में लगती रही फर्जी हाजिरी

कागजों में वह जेल में था और हाजिरी रजिस्टर में उसकी सुबह-शाम उपस्थिति दर्ज होती रही। लेकिन असलियत यह थी कि खुली जेल कैदी थाईलैंड में छुट्टियां मना रहा था। श्रीगंगानगर की खुली जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा दीक्षांत कामरा 9 से 13 अक्टूबर 2025 तक पांच दिन थाईलैंड में रहा, जबकि जेल के रिकॉर्ड के मुताबिक वह शिविर में ही मौजूद था। इस फर्जीवाड़े से पर्दा तब उठा जब 3 नवंबर को पुलिस ने उसे 40 ग्राम अफीम के साथ एक लग्जरी कार में पकड़ा और पासपोर्ट की मोहरों ने विदेश यात्रा का सच उजागर कर दिया। घमूड़वाली थाने में एफआईआर दर्ज है और प्रहरी निलंबित है।

अफीम की गिरफ्तारी से कैसे खुला खुली जेल कैदी थाईलैंड यात्रा का राज

3 नवंबर को जवाहरनगर थाना पुलिस ने दीक्षांत कामरा को एक एलेंट्रा कार में 40 ग्राम अफीम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ और 4 नवंबर को उसे केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उसके आपराधिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल की, तो पासपोर्ट ने वह सच खोल दिया जिसकी किसी को भनक तक नहीं थी।

पासपोर्ट से पुष्टि हुई कि दीक्षांत 9 अक्टूबर 2025 को थाईलैंड गया और 13 अक्टूबर को लौटा — जबकि उन दिनों वह नरसिंहपुरा बिरानी खुली जेल में सजा काट रहा था।

एक महिला की शिकायत ने भी इस जांच को रफ्तार दी — वह अपने परिवार के साथ जेल महानिदेशक अशोक राठौड़ के पास पहुंची थी, जिसके बाद पासपोर्ट रिकॉर्ड मंगवाया गया।

फर्जी हाजिरी का खेल: जेल में मौजूद, रजिस्टर में मौजूद, असल में विदेश में

खुली जेल में बंदियों की दिन में दो बार हाजिरी लेने का नियम है। आरोप है कि शिविर प्रभारी हापुराम ने दीक्षांत की अनुपस्थिति के बावजूद मस्टर रोल और हाजिरी रजिस्टर में उसकी नियमित उपस्थिति दर्ज की। जेल प्रशासन को गलत जानकारी और फर्जी फोटोग्राफ तक भेजे गए।

एएसपी दीपक शर्मा ने बताया कि घमूड़वाली थाने में दोनों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू हो गई है। पुलिस यह भी जांच रही है कि कैदी मिलीभगत से देश से बाहर कैसे पहुंचा।

कौन है दीक्षांत कामरा: 2018 के चर्चित दुष्यंत हत्याकांड का दोषी

दीक्षांत कामरा जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए चर्चित दुष्यंत हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। उसने लेडी डॉन प्रिया सेठ के साथ मिलकर झोटवाड़ा निवासी दुष्यंत का अपहरण कर हत्या की थी। अदालत ने वर्ष 2023 में कामरा और उसके दो अन्य साथियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

जिस पासपोर्ट पर वह थाईलैंड गया, वह 2016 में उसके पदमपुर (श्रीगंगानगर) पते से जारी हुआ था। 2018 में गिरफ्तारी के बाद भी पासपोर्ट जब्त नहीं हुआ — इसी चूक ने सजायाफ्ता कैदी की विदेश यात्रा का रास्ता खोला।

खुली जेल आखिर होती क्या है और इसमें इतनी छूट क्यों मिलती है

खुली जेल (ओपन एयर कैंप) में अच्छे आचरण वाले सजायाफ्ता कैदी रखे जाते हैं। बंदी दिन में खेती या अन्य काम करते हैं और रात में शिविर लौटते हैं, ताकि वे समाज से जुड़े रहें और सुधर सकें। लेकिन इस छूट के साथ सख्त निगरानी की शर्त है — दिन में दो बार हाजिरी और शिविर से बाहर जाने पर रोक।

श्रीगंगानगर जिले में कृष्ण गौशाला, कृषि अनुसंधान केंद्र नरसिंहपुरा बिरानी और कृषि अनुसंधान केंद्र जेतसर में खुली जेल चल रही हैं, जिनमें करीब 55 सजायाफ्ता बंदी रहते हैं। हाल ही में हाईकोर्ट ने कहा था कि ओपन एयर कैंप में प्रवेश का कोई स्वतः अधिकार नहीं है — हमारी हाईकोर्ट के ओपन एयर कैंप फैसले वाली खबर पढ़ें। अब सवाल और बड़ा हो गया है कि छूट से पहले कैदी के दस्तावेजों की जांच कितनी सख्ती से होती है।

खुली जेल कैदी थाईलैंड कांड में अब आगे क्या होगा

जेल महानिदेशक अशोक राठौड़ ने तथ्यों की पुष्टि के बाद कैदी और प्रहरी हापुराम के खिलाफ प्राथमिकी के निर्देश दिए; प्रहरी तत्काल प्रभाव से निलंबित है। जांच यह भी देख रही है कि फर्जी हाजिरी में सिर्फ प्रहरी शामिल था या बड़े अधिकारी भी।

जांच में तीन सवाल अहम हैं — सजायाफ्ता कैदी एयरपोर्ट से कैसे बाहर निकला, पांच दिन तक उसकी अनुपस्थिति किसी की नजर में क्यों नहीं आई और खुली जेल में रहते हुए अफीम तस्करी का नेटवर्क कितना बड़ा था।

जिले में हाल ही में ड्रोन से 20 करोड़ की हेरोइन मिली थी और अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक धमाके की जांच एटीएस कर रही है।

विषय विवरण
कैदी का नाम दीक्षांत कामरा
सजा 2018 दुष्यंत हत्याकांड में आजीवन कारावास (2023 में सजा)
खुली जेल नरसिंहपुरा बिरानी, श्रीगंगानगर
थाईलैंड यात्रा 9 से 13 अक्टूबर 2025 (कुल 5 दिन)
खुलासा 3 नवंबर को 40 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तारी, पासपोर्ट जांच से
एफआईआर घमूड़वाली थाना — कैदी और शिविर प्रभारी हापुराम के खिलाफ
कार्रवाई प्रहरी हापुराम निलंबित, जेल महानिदेशक अशोक राठौड़ के निर्देश पर जांच
पासपोर्ट 2016 में पदमपुर (श्रीगंगानगर) से जारी, गिरफ्तारी के बाद भी जब्त नहीं हुआ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: खुली जेल कैदी थाईलैंड कैसे पहुंचा?
जवाब: दीक्षांत कामरा 9 से 13 अक्टूबर 2025 तक थाईलैंड में रहा। आरोप है कि शिविर प्रभारी हापुराम ने उसकी फर्जी हाजिरी लगाकर अनुपस्थिति छिपाई। उसका पासपोर्ट 2018 की गिरफ्तारी के बाद भी जब्त नहीं हुआ था, जिससे विदेश यात्रा संभव हुई।

सवाल: इस मामले का खुलासा कैसे हुआ?
जवाब: 3 नवंबर को जवाहरनगर पुलिस ने दीक्षांत को 40 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद पासपोर्ट रिकॉर्ड की जांच में थाईलैंड यात्रा का पता चला। एक महिला की शिकायत पर जेल महानिदेशक अशोक राठौड़ ने जांच के आदेश दिए थे।

सवाल: दीक्षांत कामरा किस मामले में सजा काट रहा है?
जवाब: वह जयपुर के झोटवाड़ा में 2018 के दुष्यंत हत्याकांड में दोषी है। अदालत ने 2023 में उसे और दो साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वह श्रीगंगानगर की नरसिंहपुरा बिरानी खुली जेल में था।

सवाल: खुली जेल में बंदियों पर निगरानी कैसे होती है?
जवाब: खुली जेल में बंदियों की दिन में दो बार हाजिरी ली जाती है और वे रात में शिविर में लौटते हैं। इस मामले में हाजिरी रजिस्टर में ही फर्जीवाड़ा हुआ, इसलिए निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। प्रहरी को निलंबित कर जांच चल रही है।

स्रोत: इस खबर के तथ्य News18 Hindi की रिपोर्ट और PTI की खबर पर आधारित हैं। News18 Hindi की मूल रिपोर्ट यहां पढ़ें।

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