दौसा में डेढ़ करोड़ की स्मैक, 6 तस्कर गिरफ्तार: पत्नी डिजिटल तरीके से संभालती थी डील

दौसा जिले के भांडारेज के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार शाम पुलिस ने नशे के अंतरराज्यीय कारोबार पर बड़ा प्रहार किया है। दौसा स्मैक तस्करी के इस मामले में 293.5 ग्राम स्मैक के साथ कोटा के छह तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा गया, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है। कार्रवाई आईजी जयपुर रेंज राहुल प्रकाश के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन एंटी वेनम के तहत हुई।

इस छापे का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि तस्करी का पूरा नेटवर्क सिर्फ सड़क पर नहीं चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अहसान की पत्नी शिवानी कंवर तकनीकी साधनों के जरिए स्मैक की डील तय करने और पैसों का लेनदेन संभालने का काम करती थी।

डिजिटल डील से डिलीवरी तक: कैसे चलता था पूरा खेल

जांच में पुलिस ने जो तस्वीर पेश की है, वह बेहद संगठित अपराध की है। कोटा के मुख्य आरोपी अहसान का नेटवर्क दो हिस्सों में बंटा था। एक हिस्सा तकनीकी था — पत्नी शिवानी कंवर डिजिटल माध्यमों से ग्राहकों से संपर्क करती, डील की शर्तें तय करती और पैसों के लेनदेन का हिसाब रखती। दूसरा हिस्सा जमीनी था — डील पक्की होने के बाद अहसान और शोएब अली स्मैक की खेप लेकर दौसा के सिकंदरा क्षेत्र में पहुंचते, जहां लक्ष्मण सैनी, केदार सैनी और दिनेश सैनी जैसे स्थानीय तस्कर खेप लेने आते।

रविवार को यही खेप देने का कार्यक्रम तय था। कोटा से तस्कर काली स्कॉर्पियो में स्मैक लेकर भांडारेज पुलिया के पास पहुंचे थे, जहां दौसा के तस्कर पहले से इंतजार कर रहे थे। लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि जयपुर रेंज की साइबर सेल उनकी हर हरकत पर नजर रखे हुए है।

मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की निगरानी ने बिछाया जाल

जयपुर रेंज की साइबर सेल को मुखबिर से सटीक जानकारी मिली थी कि कोटा के अहसान और शोएब अली दौसा के ड्रग तस्करों को भांडारेज पुलिया के पास स्मैक की खेप देने वाले हैं। खेप लेने वाले आरोपी पहले से ही पुलिया के पास मौजूद थे और कोटा से आ रहे तस्करों के लगातार संपर्क में थे।

सूचना के आधार पर जयपुर रेंज की स्पेशल साइबर टीम, दौसा डीएसटी और दौसा सदर थाने की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। जैसे ही खेप का आदान-प्रदान होने वाला था, पुलिस ने धावा बोल दिया। छह आरोपियों — अहसान, शोएब अली, शाहनवाज खान, मुकीम, शाहरुख और मोहम्मद शोयल उर्फ बल्लू — को मौके पर ही दबोच लिया गया। सभी कोटा के रहने वाले हैं। काली स्कॉर्पियो भी जब्त कर ली गई। पूरी कार्रवाई एसपी दौसा कुंदन कंवरिया के मार्गदर्शन में हुई।

हालांकि दौसा के तीन तस्कर — लक्ष्मण सैनी, केदार सैनी और दिनेश सैनी — पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि तीनों कथित तौर पर कोटा के मुख्य आरोपी अहसान के संपर्क में थे। फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिशें जारी हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह के तार जयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर से होते हुए दूसरे राज्यों तक जुड़े हैं, जिनकी जांच जारी है।

ऑपरेशन एंटी वेनम: नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की मुहिम

यह कार्रवाई किसी एक छापे का नतीजा नहीं है, बल्कि राजस्थान पुलिस की सोची-समझी मुहिम का हिस्सा है। आईजी जयपुर रेंज राहुल प्रकाश के निर्देशन में चल रहा ऑपरेशन एंटी वेनम खासतौर पर नशे के अंतरराज्यीय कारोबार को तोड़ने के लिए चलाया जा रहा है। इसमें साइबर सेल की तकनीकी निगरानी, जिला पुलिस की डीएसटी और स्थानीय थानों की संयुक्त टीमें मिलकर काम कर रही हैं।

स्मैक की तस्करी पर NDPS एक्ट में क्या सजा है

स्मैक हेरोइन से जुड़ा मादक पदार्थ है और इसकी तस्करी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर अपराध मानी जाती है। 293.5 ग्राम स्मैक वाणिज्यिक मात्रा की श्रेणी में आती है — हेरोइन के लिए यह सीमा 250 ग्राम तय है।

NDPS एक्ट के तहत वाणिज्यिक मात्रा की तस्करी में न्यूनतम 10 साल की कठोर सजा और न्यूनतम एक लाख रुपये का जुर्माना तय है, जो अधिकतम 20 साल की सजा और दो लाख रुपये तक के जुर्माने तक बढ़ सकता है। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। दौसा सदर थाने में दर्ज मामले में गिरफ्तार छहों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। मामले की जांच बसवा थानाधिकारी नरेश शर्मा को सौंपी गई है।

एक नज़र में: दौसा स्मैक तस्करी मामला

तथ्य विवरण
बरामद स्मैक 293.5 ग्राम
अनुमानित कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा
गिरफ्तार आरोपी 6 (कोटा निवासी)
फरार आरोपी 3 (दौसा के सिकंदरा क्षेत्र के)
जब्त वाहन काली स्कॉर्पियो
कार्रवाई स्थल भांडारेज पुलिया, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
अभियान ऑपरेशन एंटी वेनम
दर्ज धाराएं NDPS एक्ट, BNS
जांच अधिकारी नरेश शर्मा (थानाधिकारी, बसवा)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: दौसा स्मैक तस्करी मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए?

उत्तर: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के भांडारेज के पास हुई कार्रवाई में कोटा के छह तस्कर गिरफ्तार किए गए। दौसा के तीन तस्कर फरार हैं।

प्रश्न: बरामद स्मैक की कीमत कितनी है?

उत्तर: 293.5 ग्राम स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है।

प्रश्न: ऑपरेशन एंटी वेनम क्या है?

उत्तर: यह आईजी जयपुर रेंज राहुल प्रकाश के निर्देशन में चल रहा राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान है, जो नशे के अंतरराज्यीय कारोबार को तोड़ने के लिए साइबर सेल, डीएसटी और स्थानीय थानों की संयुक्त टीमों के जरिए काम करता है।

प्रश्न: दौसा स्मैक तस्करी के आरोपियों पर कौन-सी धाराएं लगी हैं?

उत्तर: दौसा सदर थाने में एनडीपीएस एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वाणिज्यिक मात्रा की तस्करी में NDPS एक्ट के तहत 10 से 20 साल तक की सजा का प्रावधान है।

आगे की कार्रवाई पर सबकी नज़र

दौसा की इस बड़ी कार्रवाई ने न सिर्फ एक तस्कर गिरोह की कमर तोड़ी है, बल्कि यह भी उजागर किया है कि नशे का कारोबार अब डिजिटल डीलिंग के जरिए कितना संगठित हो चुका है। अब सबकी नज़र फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के अगले चरण पर है।


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स्रोत: News18 Hindi | ETV Bharat Rajasthan

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