CID Crime Branch की भीलवाड़ा में बड़ी कार्रवाई: चित्तौड़गढ़ हाईवे से 1.445 किलो अफीम बरामद, 20 साल का तस्कर गिरफ्तार

राजस्थान पुलिस की सीआईडी (क्राइम ब्रांच) टीम ने भीलवाड़ा में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। चित्तौड़गढ़ हाईवे पर संगम पुलिया के पास संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 1.445 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी गई है। मौके से 20 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुर थाने में प्रकरण चल रहा है।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर कुख्यात बदमाशों, इनामी अपराधियों और मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के बाद सीआईडी सीबी की स्पेशल टीम और भीलवाड़ा की पुर थाना पुलिस ने मिलकर यह जाल बिछाया था।

कैसे बिछाया गया जाल

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) बिपिन कुमार पांडेय के दिशा-निर्देशन में काम कर रही सीआईडी सीबी की स्पेशल टीम सूचना संकलन के दौरान सक्रिय थी। महानिरीक्षक पुलिस (अपराध) के.बी. वंदना के मार्गदर्शन और उप महानिरीक्षक पुलिस (अपराध) राशि डोगरा डूडी के सुपरविजन में उप निरीक्षक शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।

सहायक उप निरीक्षक शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल रवींद्र सिंह और कांस्टेबल नरेश कुमार को मुखबिर से पुख्ता इनपुट मिला था — चित्तौड़गढ़ हाईवे पर भीलवाड़ा के संगम पुलिया के पास एक संदिग्ध युवक अवैध मादक पदार्थ की खेप के साथ मौजूद है। सूचना का तुरंत सत्यापन किया गया और संबंधित इलाका भीलवाड़ा के पुर थाना क्षेत्र में होने की पुष्टि पर थानाधिकारी कन्हैयालाल को सूचित किया गया।

इसके बाद सीआईडी सीबी और पुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को दबोच लिया। तलाशी में उसके कब्जे से 1.445 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस का कहना है कि बरामद अफीम को सील कर एनडीपीएस प्रक्रिया के तहत जब्त किया गया है।

कौन है गिरफ्तार आरोपी

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम धर्मराज पुत्र रामेश्वर जाट, उम्र 20 वर्ष, निवासी बड़ी हरणी (पुलिस थाना कोतवाली, जिला भीलवाड़ा) बताया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और पुर थाने में पूछताछ जारी है।

आरोपी की उम्र महज 20 साल है, यही इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू है। युवा उम्र में तस्करी के जाल में फंसना राजस्थान में बढ़ते नशा नेटवर्क की गंभीर तस्वीर पेश करता है। पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि बरामद अफीम कहां से लाई गई थी और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था। तस्करी के स्रोत और इससे जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।

एनडीपीएस एक्ट में कितनी सजा हो सकती है

मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में सजा की मात्रा बरामद पदार्थ की मात्रा के आधार पर तय होती है। अफीम के मामले में कानून तीन श्रेणियां मानता है:

मात्रा श्रेणीअफीम की मात्रासंभावित सजा
छोटी मात्रा (Small Quantity)25 ग्राम तक1 साल तक की कैद और/या जुर्माना
मध्यम मात्रा25 ग्राम से 2.5 किलो के बीच10 साल तक की कठोर कैद और 1 लाख रुपये तक जुर्माना
वाणिज्यिक मात्रा (Commercial Quantity)2.5 किलो से अधिक10 से 20 साल तक की कैद और भारी जुर्माना

इस मामले में 1.445 किलोग्राम अफीम बरामद हुई है, जो मध्यम मात्रा की श्रेणी में आती है। ऐसे में आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धारा के तहत 10 साल तक की कठोर कैद और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। अदालत मामले के तथ्यों के आधार पर सजा तय करेगी।

क्यों अहम है चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा कॉरिडोर

मादक पदार्थ तस्करी के नक्शे में चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा क्षेत्र लंबे समय से पुलिस की नजर में रहा है। चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में केंद्र सरकार के लाइसेंस के तहत अफीम की वैध खेती होती है, और इसी बेल्ट से अवैध डायवर्जन और तस्करी की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। चित्तौड़गढ़ हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग तस्करों के लिए माल इधर-उधर करने का आसान रास्ता बन जाते हैं।

यही वजह है कि राजस्थान पुलिस इस कॉरिडोर पर लगातार विशेष अभियान चला रही है। हाल के महीनों में झालावाड़ और राजसमंद-चित्तौड़गढ़ बेल्ट में नशा तस्करों पर हुई कार्रवाई इसी रणनीति का हिस्सा है। सीआईडी क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई भी उसी अभियान की कड़ी है।

युवाओं के लिए खतरे की घंटी

20 साल की उम्र में तस्करी में संलिप्तता एक गंभीर सामाजिक चेतावनी है। नशा नेटवर्क अक्सर आर्थिक तंगी से जूझ रहे युवाओं को कूरियर या छोटे-मोटे काम के लालच में फंसाता है, और एक बार इस जाल में फंसने के बाद बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए छोटे तस्करों से पूछताछ के जरिए बड़े नेटवर्क तक पहुंचा जा सकता है, इसलिए हर गिरफ्तारी पूरे तस्करी तंत्र को तोड़ने की दिशा में एक कदम होती है।

अभिभावकों और युवाओं के लिए संदेश साफ है — मादक पदार्थों के किसी भी लेन-देन से दूर रहें। नशा मुक्ति के लिए राज्य में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र संचालित हैं, जहां गोपनीय तरीके से इलाज और परामर्श मिलता है। तस्करी की सूचना नजदीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन पर दी जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. भीलवाड़ा में कितनी अफीम पकड़ी गई?

पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में 1.445 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी गई है।

2. गिरफ्तार आरोपी कौन है और उस पर क्या कार्रवाई हुई?

आरोपी धर्मराज पुत्र रामेश्वर जाट, उम्र 20 वर्ष, निवासी बड़ी हरणी (थाना कोतवाली, भीलवाड़ा) है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुर थाने में गिरफ्तार किया गया है।

3. 1.445 किलो अफीम पर एनडीपीएस में कितनी सजा हो सकती है?

अफीम की छोटी मात्रा 25 ग्राम और वाणिज्यिक मात्रा 2.5 किलो मानी जाती है। 1.445 किलो मध्यम मात्रा में आता है, जिस पर 10 साल तक की कठोर कैद और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अंतिम फैसला अदालत करेगी।

4. कार्रवाई कहां और कब हुई?

कार्रवाई 1 अक्टूबर 2026 को भीलवाड़ा के पुर थाना क्षेत्र में चित्तौड़गढ़ हाईवे पर संगम पुलिया के पास हुई।

5. अब आगे क्या होगा?

पुलिस अब अफीम की सप्लाई के स्रोत और तस्करी के नेटवर्क की जांच कर रही है। आरोपी से पूछताछ के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि माल कहां से आया था और कहां भेजा जाना था।

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