शेखावाटी हेरिटेज समिट जयपुर: CM भजनलाल शर्मा का उद्घाटन, पानी को बताया राजस्थान की सबसे पहली जरूरत

राजस्थान के लिए सबसे पहले पानी की जरूरत है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को जयपुर में शेखावाटी हेरिटेज एंड डेवलपमेंट समिट के मंच से यह बात साफ शब्दों में कही। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पद संभालने के दिन से ही पानी की समस्या को सुलझाने पर लगातार काम किया है। मुख्यमंत्री का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि शेखावाटी राजस्थान का वह इलाका है जहां पानी की कमी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है।

जयपुर में आयोजित इस समिट का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित करके किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। समिट का मकसद शेखावाटी की सांस्कृतिक विरासत को बचाने के साथ-साथ इस इलाके के विकास की राह तय करना है। सरकार इस आयोजन को #आपणो_अग्रणी_राजस्थान अभियान के तहत पेश कर रही है, जिसका मतलब है — हमारा अग्रणी राजस्थान।

जयपुर में शेखावाटी समिट का उद्घाटन

शेखावाटी हेरिटेज एंड डेवलपमेंट समिट रविवार को जयपुर में आयोजित हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीप जलाकर समिट का शुभारंभ किया और वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने शेखावाटी की पहचान, उसकी विरासत और उसके विकास की जरूरतों पर बात की।

शेखावाटी उत्तर राजस्थान का ऐतिहासिक इलाका है, जिसमें झुंझुनूं, सीकर और चूरू जिले आते हैं। यह इलाका अपने रंग-बिरंगे भित्तिचित्रों वाली हवेलियों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। सदियों पुरानी ये हवेलियां कभी व्यापारियों की शान हुआ करती थीं, लेकिन लंबे समय से इनकी देखभाल की कमी और पलायन ने इनकी हालत कमजोर की है।

पानी सबसे पहली जरूरत — मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश

मुख्यमंत्री ने समिट के मंच से कहा, “राजस्थान के लिए सबसे पहले पानी की आवश्यकता है।” यह एक लाइन शेखावाटी ही नहीं, पूरे राजस्थान की तस्वीर बयां करती है। राजस्थान देश के सबसे कम बारिश वाले राज्यों में से एक है, और शेखावाटी का अर्ध-शुष्क इलाका इस संकट को सबसे ज्यादा महसूस करता है।

राजस्थान में पानी पहुंचाने का सबसे बड़ा ढांचा इंदिरा गांधी नहर प्रणाली है, जिसकी शुरुआत 1970 के दशक में हुई थी। इसके अलावा गांवों में जोहड़ और सामुदायिक जल-संचय की परंपरा भी रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने दिसंबर 2023 में कार्यभार संभालने के बाद से ही पानी के मुद्दे पर लगातार काम किया है।

स्वच्छता को जन-जन का आंदोलन बताया

मुख्यमंत्री ने समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान को जन-जन का आंदोलन बना दिया है। स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2014 में हुई थी।

हेरिटेज समिट के मंच पर स्वच्छता की बात करना महज औपचारिकता नहीं है। साफ-सुथरी हवेलियां, साफ रास्ते और बेहतर सुविधाएं ही पर्यटकों को दोबारा आने के लिए प्रेरित करती हैं। मंडावा, नवलगढ़ और फतेहपुर जैसे कस्बों में अगर सफाई और बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी, तो पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता और विकास का रोडमैप

समिट के दिन मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक और संदेश सामने आया, जिसमें कहा गया कि राज्य सरकार बिजली उत्पादन बढ़ाने और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार काम कर रही है।

बिजली और पानी, दोनों ही शेखावाटी जैसे इलाके के विकास की बुनियाद हैं। खेती के लिए बिजली, पर्यटन के लिए सुविधाएं और उद्योगों के लिए ऊर्जा — इन सबके बिना कोई भी विकास योजना जमीन पर नहीं उतर सकती। समिट के मंच से इन मुद्दों को उठाकर सरकार ने यह संकेत दिया है कि शेखावाटी को सिर्फ पर्यटन की नजर से नहीं, बल्कि पूरे विकास के नजरिए से देखा जा रहा है।

शेखावाटी की धरोहर क्यों खास है

शेखावाटी को दुनिया की सबसे बड़ी खुली फ्रेस्को कला दीर्घाओं में से एक माना जाता है। 18वीं और 19वीं शताब्दी में बने व्यापारी घरानों की हवेलियों की दीवारों पर देवी-देवताओं, राजा-महाराजाओं और रोजमर्रा की जिंदगी के चित्र बने हुए हैं। मंडावा, नवलगढ़, फतेहपुर, झुंझुनूं और सीकर के कस्बों में ऐसी सैकड़ों हवेलियां हैं, जिन्हें देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।

लेकिन इस विरासत के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। कई हवेलियां परिवारों के पलायन के बाद बेसहारा हो गई हैं, कुछ की मरम्मत नहीं हो पाई है और कुछ पर नए निर्माण का दबाव है। यही वजह है कि संरक्षण की बात अब सरकार की नीतियों का हिस्सा बन गई है। एक दिन पहले ही शेखावाटी की हवेलियों के जीर्णोद्धार की खबर भी सामने आई थी, जिसमें 662 हवेलियों के कायाकल्प की बात कही गई थी।

तथ्य विवरण
आयोजन शेखावाटी हेरिटेज एंड डेवलपमेंट समिट
तारीख रविवार, 25 अक्टूबर 2026
स्थान जयपुर, राजस्थान
उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया
शामिल जिले झुंझुनूं, सीकर, चूरू
प्रमुख कस्बे मंडावा, नवलगढ़, फतेहपुर
विरासत 18वीं-19वीं शताब्दी की फ्रेस्को हवेलियां
अभियान #आपणो_अग्रणी_राजस्थान
सीएम के प्रमुख संदेश पानी सबसे पहली जरूरत, स्वच्छता जन-आंदोलन, ऊर्जा आत्मनिर्भरता

आगे क्या देखना होगा

समिट का उद्घाटन एक शुरुआत है, असली कसौटी इसके बाद की कार्रवाई होगी। क्या हवेलियों के संरक्षण के लिए ठोस प्रोजेक्ट और समयसीमा तय होगी? क्या पानी और बिजली की योजनाएं झुंझुनूं, सीकर और चूरू के गांवों तक पहुंचेंगी? इन सवालों के जवाब आने वाले हफ्तों में सामने आएंगे, और स्थानीय लोगों की नजर अब इन्हीं फैसलों पर रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शेखावाटी हेरिटेज समिट क्या है?

यह जयपुर में आयोजित समिट है, जिसमें शेखावाटी की विरासत और विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 अक्टूबर 2026 को किया।

शेखावाटी क्षेत्र कहां है?

शेखावाटी उत्तर राजस्थान में झुंझुनूं, सीकर और चूरू जिलों में फैला ऐतिहासिक इलाका है, जो अपनी पेंटेड हवेलियों और फ्रेस्को कला के लिए जाना जाता है।

मुख्यमंत्री ने पानी को लेकर क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के लिए सबसे पहले पानी की आवश्यकता है, और उनकी सरकार ने कार्यभार संभालने के बाद से इस मुद्दे पर लगातार काम किया है।

स्वच्छ भारत अभियान को लेकर सीएम ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान को जन-जन का आंदोलन बना दिया है। स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2014 में हुई थी।

शेखावाटी की हवेलियां क्यों मशहूर हैं?

यहां 18वीं और 19वीं शताब्दी में बनी व्यापारी हवेलियों की दीवारों पर बने भित्तिचित्र दुनिया की सबसे बड़ी खुली फ्रेस्को कला संग्रहों में गिने जाते हैं।

शेखावाटी की विरासत और विकास से जुड़ी पिछली खबरों में शेखावाटी हवेली जीर्णोद्धार और भजनलाल शर्मा का खाटूश्यामजी दौरा भी पढ़ें। पानी से जुड़ी एक और अहम खबर हंसियावास कृत्रिम जलाशय के बारे में भी जान सकते हैं।

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