फतेहपुर (सीकर)। शेखावाटी के लोगों के लिए गुरुवार का दिन पानी की उस पुरानी लड़ाई में एक बड़ा मोड़ लेकर आया, जो यह इलाका दशकों से लड़ रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने फतेहपुर में आयोजित समारोह में हंसियावास में 800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कृत्रिम जलाशय का शिलान्यास किया। यह जलाशय उस विशाल यमुना जल परियोजना की अहम कड़ी है, जिसके जरिए हथिनीकुंड बैराज से यमुना का पानी सीकर, चूरू और झुंझुनूं तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि शेखावाटी में यमुना के पानी का दशकों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है और जलाशय का काम जल्द शुरू किया जाएगा। पानी की कमी से जूझते इस क्षेत्र के लिए यह घोषणा सिर्फ एक शिलान्यास नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में हर घर तक पेयजल पहुंचने की उम्मीद है।
हंसियावास जलाशय क्यों है इतना खास?
शेखावाटी राजस्थान के उन इलाकों में गिना जाता है, जहां भूजल लगातार नीचे जा रहा है और कई गांवों में पीने के पानी के लिए आज भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। यमुना जल परियोजना की कुल लागत 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इस परियोजना के तहत हथिनीकुंड बैराज से तीन पाइपलाइनों के जरिए पानी शेखावाटी तक लाया जाएगा। हंसियावास में बनने वाला कृत्रिम जलाशय इसी व्यवस्था का भंडारण केंद्र होगा, जहां पानी जमा करके आगे के क्षेत्रों में आपूर्ति की जाएगी। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने भी कहा कि यमुना जल समझौते के सफल क्रियान्वयन की दिशा में हंसियावास जलाशय का निर्माण कार्य शुरू होगा और प्रदेश में जल व ऊर्जा क्षेत्र के कामों को गति दी जा रही है।
तीन बांधों से गैर-मानसून में भी मिलता रहेगा पानी
इस परियोजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पानी सिर्फ बरसात के मौसम तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अपर यमुना बेसिन में स्थित रेणुका, लखवार और किशाऊ बांधों से राजस्थान के हिस्से का पानी गैर-मानसून अवधि में भी लगातार आता रहेगा। यानी गर्मियों में, जब शेखावाटी में पानी की किल्लत सबसे ज्यादा होती है, तब भी आपूर्ति बनी रहने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि देशभर में 10 अंतर-राज्यीय जल समझौतों का समाधान हुआ है, जिनमें राज्य से जुड़ी रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा जल समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना शामिल हैं। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में 15 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध करवाया जा चुका है।
| परियोजना / कार्य | लागत | लाभान्वित क्षेत्र |
|---|---|---|
| यमुना जल परियोजना (कुल) | 34,000 करोड़ रुपये से अधिक | सीकर, चूरू, झुंझुनूं व आसपास |
| हंसियावास कृत्रिम जलाशय | 800 करोड़ रुपये | शेखावाटी में जल भंडारण |
| 83 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास | 1,277 करोड़ रुपये | चूरू, झुंझुनूं, सीकर |
| ऊर्जा विभाग के 6 कार्य | करीब 296 करोड़ रुपये | तीनों जिले |
एक ही मंच से 83 विकास कार्यों की सौगात
फतेहपुर का यह समारोह सिर्फ जलाशय तक सीमित नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिलों के लिए 1 हजार 277 करोड़ रुपये के 83 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें ऊर्जा विभाग के करीब 296 करोड़ रुपये के 6 कार्य, चिकित्सा शिक्षा, स्कूल व संस्कृत शिक्षा, अल्पसंख्यक मामलात, सार्वजनिक निर्माण और पशुपालन विभाग के काम शामिल हैं। मंडावा में आईटीआई भवन, खेतड़ी में जिला परिवहन कार्यालय भवन, सीकर के जिला स्टेडियम में बास्केट बॉल एकेडमी और रतनगढ़ की पड़िहारा-लोहा ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के कार्यों का भी लोकार्पण हुआ। इसके अलावा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण और ऊर्जा विभाग के कई कार्यों की नींव रखी गई। कार्यक्रम में विधायक गोरधन वर्मा, हरलाल सहारण, राजेन्द्र भांबू, विक्रम सिंह जाखल, जेठानंद व्यास, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और फतेहपुर नगर परिषद सभापति अंजू भिंडा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रोजगार, आवास और हवेलियों पर भी बोले मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरकार की अन्य प्राथमिकताएं भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए 4 लाख सरकारी भर्तियों का संकल्प लिया गया है, जिनमें से 1 लाख 89 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है और सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी हो चुका है। गांवों में अटल ज्ञान केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां छात्रों को ई-लाइब्रेरी और ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3 लाख 82 हजार आवास बन चुके हैं और 4 लाख 53 हजार आवासों का निर्माण जारी है। किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 9 हजार रुपये की गई है और प्रदेश की साढ़े 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। शेखावाटी की पहचान उसकी हवेलियों को लेकर उन्होंने बताया कि ‘शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना’ के तहत झुंझुनूं, चूरू और सीकर में 660 से अधिक हवेलियों का आर्थिक सहायता से संरक्षण किया जा रहा है, जिससे पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने श्री अमृतनाथ आश्रम में महंत नरहरि नाथ जी से भेंट कर आशीर्वाद भी लिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हंसियावास कृत्रिम जलाशय पर कितना खर्च होगा और यह कहां बनेगा?
हंसियावास में बनने वाले इस कृत्रिम जलाशय की लागत 800 करोड़ रुपये है। इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को फतेहपुर के समारोह में किया और काम जल्द शुरू होने की बात कही।
यमुना का पानी शेखावाटी तक कैसे पहुंचेगा?
34 हजार करोड़ रुपये से अधिक की यमुना जल परियोजना के तहत हथिनीकुंड बैराज से तीन पाइपलाइनों के जरिए पानी सीकर, चूरू, झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों तक लाया जाएगा। हंसियावास जलाशय इस पानी के भंडारण का केंद्र बनेगा।
क्या गर्मियों में भी पानी मिलता रहेगा?
योजना के अनुसार अपर यमुना बेसिन के रेणुका, लखवार और किशाऊ बांधों से राजस्थान के हिस्से का पानी गैर-मानसून अवधि में भी लगातार आता रहेगा, ताकि सालभर आपूर्ति बनी रहे।
फतेहपुर समारोह में और कौन से कामों की घोषणा हुई?
तीनों जिलों के लिए 1,277 करोड़ रुपये के 83 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ, जिनमें ऊर्जा विभाग के करीब 296 करोड़ के 6 कार्य, मंडावा आईटीआई भवन, खेतड़ी जिला परिवहन कार्यालय भवन, सीकर में बास्केट बॉल एकेडमी और रतनगढ़ की पड़िहारा-लोहा ग्रामीण पेयजल योजना शामिल हैं।