सवाई माधोपुर में दशहरा इस बार सिर्फ एक रात का उत्सव नहीं, पूरे चार दिन का महा-उत्सव है। 20 से 23 अक्टूबर तक चलने वाले सवाई माधोपुर दशहरा महोत्सव में 40 फीट ऊंचे रावण का दहन, आसमान को रोशन करने वाली आतिशबाजी, हरियाणवी स्टार अजय हुड्डा की लाइव प्रस्तुति, बॉलीवुड गायकों की संध्या, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और विराट भजन संध्या — सब कुछ एक ही शहर में। जिला प्रशासन और नगर परिषद ने मिलकर इस बार मेले को पहले से कहीं भव्य बनाने की तैयारी की है, और पहले ही दिन के कार्यक्रमों को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह दिखा।
अगर आप सवाई माधोपुर या आसपास रहते हैं, तो यह महोत्सव आपके लिए पूरा पैकेज है — चारों दिनों का समय, कार्यक्रम और वेन्यू की पूरी जानकारी आगे मिलेगी।
चार दिनों का पूरा कार्यक्रम — कब क्या होगा
मेले का आयोजन हाउसिंग बोर्ड रोड स्थित दशहरा मैदान (स्टेडियम ग्राउंड) में हो रहा है, जबकि समापन पुराने शहर के रामलीला मैदान में होगा। नगर परिषद सवाई माधोपुर के तत्वावधान में आयोजित इस मेले में धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजक — तीनों तरह के कार्यक्रम रखे गए हैं।
| तारीख | दिन | समय | मुख्य कार्यक्रम |
|---|---|---|---|
| 20 अक्टूबर | मंगलवार | शाम 5:00 | भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा (शहर के प्रमुख मार्गों से) |
| 20 अक्टूबर | मंगलवार | शाम 6:30 | 40 फीट रावण, 30-30 फीट कुंभकर्ण-मेघनाद पुतला दहन + आतिशबाजी |
| 20 अक्टूबर | मंगलवार | रात 8:00 | सांस्कृतिक संध्या — अजय हुड्डा, गौरी काजल एंड पार्टी |
| 21 अक्टूबर | बुधवार | रात 8:00 | विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम — मनमीत सिंह और स्वरूप खान |
| 22 अक्टूबर | गुरुवार | रात 8:00 | अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन |
| 23 अक्टूबर | शुक्रवार | रात 8:00 | विराट भजन संध्या (रामलीला मैदान, पुराना शहर) — समापन |
नगर परिषद आयुक्त दलीप सिंह पूनिया के मुताबिक चारों दिन अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम रखे गए हैं — बच्चों के लिए पुतला दहन और आतिशबाजी, युवाओं के लिए म्यूजिक नाइट्स, और बुजुर्गों के लिए कवि सम्मेलन और भजन संध्या।
उद्घाटन की शाम: शोभायात्रा, 40 फीट रावण और आतिशबाजी
मेले की शुरुआत 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा से हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। शोभायात्रा के बाद शाम 6:30 बजे अतिथियों की मौजूदगी में पुतला दहन का मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस बार रावण का पुतला 40 फीट ऊंचा बनाया गया है, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 30-30 फीट ऊंचे रखे गए। नगर परिषद के अनुसार पुतला दहन से ठीक पहले मैदान में शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को एक यादगार अनुभव दिया।
बुराई पर अच्छाई की जीत का यह प्रतीक कार्यक्रम हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है। भारी भीड़ के बावजूद असुविधा न हो, इसके लिए मैदान में बैठने की समुचित व्यवस्था, बैरिकेडिंग, रोशनी और पेयजल सुनिश्चित किया गया है।
इसी तरह राजस्थान के दूसरे शहरों में भी रावण दहन की धूम है — अलवर में 65 फीट रावण का रिमोट दहन और मांडलगढ़ में 51 फीट रावण का दहन भी इस साल आकर्षण का केंद्र बने हैं।
मुख्य अतिथि और आयोजन की कमान
इस चार दिवसीय मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि नगर परिषद सभापति मेवा चौधरी और उपसभापति माया गोयल भी उपस्थित रहीं। चारों दिन मैदान और उसके आसपास पुलिस बल तैनात रहेगा।
सितारों की रातें: अजय हुड्डा से कवि सम्मेलन तक
पहली शाम की सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध हरियाणवी गायक अजय हुड्डा की लाइव प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही, जिसे लेकर युवाओं में काफी उत्सुकता देखी गई। उनके साथ गौरी काजल एंड पार्टी ने राजस्थान की लोक संस्कृति पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने धार्मिक आयोजन में संगीत का रंग भरा।
दूसरे दिन, 21 अक्टूबर की रात 8 बजे बॉलीवुड गायक मनमीत सिंह और स्वरूप खान प्रस्तुति देंगे। तीसरे दिन, 22 अक्टूबर को रात 8 बजे अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन होगा, जिसमें बुद्धि प्रकाश दाधीच, विनीत चौहान, राजकुमार बादल, मणिका दुबे, रामावतार धाकड़, अपूर्व विक्रम शाह, चेतन चर्चित, पार्थ नवीन और सोनल जैन काव्यपाठ करेंगे।
चौथे और अंतिम दिन, 23 अक्टूबर की रात 8 बजे पुराने शहर के रामलीला मैदान में विराट भजन संध्या आयोजित होगी। भक्ति संगीत की प्रस्तुतियों के साथ चार दिवसीय दशहरा मेले का समापन होगा।
दशहरा मैदान कैसे पहुंचें — दर्शकों के लिए जरूरी जानकारी
मेले का मुख्य वेन्यू हाउसिंग बोर्ड रोड स्थित दशहरा मैदान (स्टेडियम ग्राउंड) है, जो शहर के केंद्र से आसानी से पहुंचा जा सकता है। पहले तीन दिन (20-22 अक्टूबर) के सभी कार्यक्रम यहीं होंगे। अंतिम दिन, 23 अक्टूबर की भजन संध्या पुराने शहर के रामलीला मैदान में होगी, इसलिए उस दिन का वेन्यू अलग है — यह बात खास ध्यान रखें।
प्रशासन ने मैदान में बैठने की व्यवस्था, बैरिकेडिंग, रोशनी और पेयजल सुनिश्चित किया है। वाहनों की पार्किंग के लिए विशेष प्रबंध हैं — अपना वाहन निर्धारित पार्किंग में ही खड़ा करें।
जयपुर में रावण पुतला निर्माण की तरह सवाई माधोपुर में भी पुतलों को स्थानीय कारीगरों ने तैयार किया है, और दशहरा मैदान की सजावट में राजस्थान की लोक कला की झलक साफ दिखती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: सवाई माधोपुर दशहरा महोत्सव 2026 कब से कब तक है?
उत्तर: यह महोत्सव 20 से 23 अक्टूबर 2026 तक, यानी कुल चार दिन चलेगा। पहले तीन दिन के कार्यक्रम दशहरा मैदान (स्टेडियम ग्राउंड) में और अंतिम दिन की भजन संध्या पुराने शहर के रामलीला मैदान में होगी।
प्रश्न: रावण दहन किस दिन और कितने बजे होगा?
उत्तर: रावण दहन 20 अक्टूबर को शाम 6:30 बजे दशहरा मैदान में हुआ। इससे पहले शाम 5 बजे श्रीराम की शोभायात्रा निकली और दहन से पहले आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। रावण का पुतला 40 फीट ऊंचा था।
प्रश्न: मेले में कौन-कौन से कलाकार प्रस्तुति देंगे?
उत्तर: 20 अक्टूबर को अजय हुड्डा और गौरी काजल एंड पार्टी, 21 अक्टूबर को मनमीत सिंह और स्वरूप खान, 22 अक्टूबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के कई नामी कवि, और 23 अक्टूबर को विराट भजन संध्या के कलाकार प्रस्तुति देंगे।
प्रश्न: क्या मेले में प्रवेश के लिए टिकट लेना होगा?
उत्तर: स्रोतों के अनुसार टिकट संबंधी किसी विशेष घोषणा का जिक्र नहीं है। प्रवेश से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए स्थानीय नगर परिषद की सूचना देखें।
निष्कर्ष
सवाई माधोपुर दशहरा महोत्सव 2026 इस बार धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और आधुनिक मनोरंजन का संतुलित संगम लेकर आया है। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी दशहरे के उत्सव का बड़ा ठिकाना बन गया है।