भजनलाल शर्मा रिपोर्ट कार्ड: ढाई साल का हिसाब, 78% वादे पूरे का दावा और परिसीमन पर कांग्रेस को जवाब

जयपुर। कोई सरकार जब खुद अपने कामकाज का हिसाब लेकर जनता की अदालत में उतरे, तो सवाल उठना तय है — और ठीक यही हुआ जब राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ‘आजतक पंचायत राजस्थान’ के मंच पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां अपनी सरकार के ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और हर तीखे सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। सबसे बड़ा दावा था — घोषणा पत्र के करीब 78 फीसदी वादे पूरे कर लिए गए हैं। लेकिन दावे के साथ ही यह सवाल भी उठा कि इन वादों के पूरे होने का आकलन आखिर किस पैमाने पर किया गया। भजनलाल शर्मा रिपोर्ट कार्ड को लेकर अब यही बहस पूरे प्रदेश में छिड़ गई है।

सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ढाई साल से विकास के रोडमैप पर आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में राजस्थान में विकास के लिए लगातार काम हुआ है और केंद्र के सहयोग से प्रदेश की रफ्तार तेज हुई है।

भजनलाल शर्मा रिपोर्ट कार्ड में 78 फीसदी वादे पूरे का दावा

सीएम ने कहा कि सरकार घोषणा पत्र के करीब 78 प्रतिशत वादे पूरे कर चुकी है। लेकिन इस दावे के सामने सबसे जरूरी सवाल यही है — गिनती किस आधार पर हुई? वादे पूरे होने का मतलब क्या जमीन पर लागू योजनाएं हैं, या सिर्फ सरकारी फाइलों में दर्ज आंकड़े?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर सरकार वादों की सूची और प्रगति के आंकड़े सार्वजनिक करे, तो जनता के लिए आकलन आसान होगा। यही वजह है कि भजनलाल शर्मा रिपोर्ट कार्ड के इस दावे पर विपक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

2 लाख करोड़ की परियोजनाएं, चार अंतरराज्यीय समझौते — पानी बना बड़ा मुद्दा

रिपोर्ट कार्ड का सबसे अहम हिस्सा था — विकास परियोजनाओं का लेखा-जोखा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है या उन्हें शुरू किया जाना है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग को अहम बताया।

सीएम के मुताबिक राजस्थान की सबसे बड़ी जरूरत पानी की थी, और इसके लिए केंद्र के सहयोग से अंतरराज्यीय समझौतों को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि दशकों से अटकी परियोजनाओं को गति मिली है और इनमें से चार अंतरराज्यीय समझौते राजस्थान से जुड़े हैं।

अगर 2 लाख करोड़ के काम जमीन पर उतरते हैं, तो रोजगार, बुनियादी ढांचे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था — तीनों में बदलाव आएगा। भजनलाल शर्मा रिपोर्ट कार्ड के इस हिस्से की सच्ची परख योजनाओं की प्रगति के आंकड़ों से ही होगी।

परिसीमन विवाद पर भजनलाल शर्मा रिपोर्ट कार्ड के मंच से गहलोत को करारा जवाब

सबसे तीखी बहस परिसीमन को लेकर हुई। निकाय चुनावों में परिसीमन के आरोपों पर सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने परिसीमन नियमों के अनुसार और जनसंख्या के आधार पर किया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आपत्तियों पर उन्होंने कहा — “दर्द जनता देती है, कोई नहीं देता है।”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान तीन नगर परिषदों को छह में बदल दिया गया था। उनका कहना था कि कांग्रेस को पहले अपने परिसीमन के रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए। गहलोत के सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र में वार्डों के परिसीमन के आरोपों पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत की चुनावी हार के बाद “उनका दूसरा दर्द यह है कि वे अपने बाड़े से भी हार गए।”

निकाय चुनावों में वोट प्रतिशत और सीटों के अंतर पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल उन्हीं जगहों की चर्चा करना उचित नहीं है, जहां भाजपा को हार मिली।

विधानसभा में पेश ‘दो साल बनाम पांच साल’ प्रतिवेदन का जिक्र

सीएम ने बताया कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले और दूसरे साल में जनता के बीच जाकर कामकाज का हिसाब दिया है। उन्होंने विधानसभा में पेश किए गए ‘दो साल बनाम पांच साल’ के प्रतिवेदन का जिक्र किया और दावा किया कि इसमें कई क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार के पांच साल के कामकाज की तुलना में भाजपा सरकार के दो साल के काम तीन गुना से लेकर 28 गुना तक अधिक बताए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने आज तक इस प्रतिवेदन का जवाब नहीं दिया है — जो अब विधानसभा के रिकार्ड के साथ परखने योग्य है।

विरोध प्रदर्शन और निकाय चुनाव रोड शो पर सीएम की सफाई

सरकार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों और विपक्ष की आलोचना को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं और जनता पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता साल के 365 दिन जनता के बीच रहते हैं। विपक्ष पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष वही है, जिसे जनता ने नकार दिया है।

निकाय चुनावों के दौरान शहर-शहर रोड शो करने को लेकर पूछे गए सवाल पर भजनलाल शर्मा रिपोर्ट कार्ड के मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष क्या कहता है, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता।

मुख्य दावे एक नजर में

दावा/मुद्दा मुख्यमंत्री का बयान
घोषणा पत्र के वादे करीब 78 प्रतिशत वादे पूरे होने का दावा
चल रही/शुरू होने वाली परियोजनाएं करीब 2 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं
अंतरराज्यीय समझौते चार समझौते राजस्थान से संबंधित
‘दो साल बनाम पांच साल’ प्रतिवेदन भाजपा के दो साल कांग्रेस के पांच साल से 3 से 28 गुना अधिक काम का दावा
परिसीमन नियमों और जनसंख्या के आधार पर होने का दावा
विरोध प्रदर्शन जनता का आशीर्वाद सबसे अहम; विपक्ष नकारा हुआ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. भजनलाल शर्मा ने रिपोर्ट कार्ड कहां पेश किया?
मुख्यमंत्री ने ‘आजतक पंचायत राजस्थान’ कार्यक्रम के मंच पर ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और बेबाकी से सवालों के जवाब दिए।

2. भजनलाल शर्मा रिपोर्ट कार्ड में सबसे बड़ा दावा क्या था?
सबसे बड़ा दावा घोषणा पत्र के करीब 78 प्रतिशत वादे पूरे करने का था, हालांकि इसके आकलन के आधार पर भी सवाल उठाया गया है।

3. परिसीमन विवाद पर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
सीएम ने कहा कि परिसीमन नियमों और जनसंख्या के आधार पर हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में तीन नगर परिषदों को छह में बदल दिया गया था।

4. भजनलाल शर्मा रिपोर्ट कार्ड के दावों की सच्चाई कैसे परखी जा सकती है?
वादों की सूची, योजनाओं की प्रगति के आंकड़े और विधानसभा में पेश ‘दो साल बनाम पांच साल’ प्रतिवेदन की सार्वजनिक जांच से वास्तविक आकलन हो सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की जानकारी मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। सरकार के दावों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों और आंकड़ों से ही हो सकती है।


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