Rajasthan Voter Registration 2026: 7 दिनों में 57,000 से ज्यादा आवेदन, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का विशेष अभियान — जानिए कौन-कैसे भरेगा फॉर्म-6

सात दिन और 57,000 से ज्यादा आवेदन — राजस्थान में मतदाता सूची दुरुस्त करने का अभियान रफ्तार पकड़ चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बुधवार को बताया कि पात्र और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के विशेष अभियान के पहले हफ्ते में ही 57,000 से अधिक फॉर्म-6 मिल चुके हैं — यानी रोजाना औसतन आठ हजार से ज्यादा आवेदन।

यह अभियान उन लोगों के लिए है जो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सूची में नाम जुड़वाने से रह गए थे, और उन युवाओं के लिए जिन्होंने अभी-अभी 18 साल पूरे किए हैं। पंचायत चुनाव सिर पर हैं — ऐसे में यह आंकड़ा उम्मीद से ज्यादा उत्साहजनक माना जा रहा है।

SIR में छूटे नामों के लिए खास मौका — आखिर अभियान क्यों चल रहा है

दरअसल, निर्वाचन आयोग ने राजस्थान में मतदाता सूची के सतत अद्यतन (Continuous Updation) का काम शुरू किया था, जिसके तहत विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया भी चली। इस पूरी कवायद का मकसद था कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूट न जाए। लेकिन इतने बड़े राज्य में कुछ नाम छूट ही जाते हैं — कोई प्रवास पर था, कोई दस्तावेज नहीं दे पाया, तो कोई युवा उस समय 18 का हुआ ही नहीं था।

इन्हीं छूटे हुए लोगों के लिए आयोग के निर्देश पर राज्य में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नवीन महाजन के मुताबिक अभियान का सीधा लक्ष्य है — SIR के दौरान रह गए पात्र मतदाताओं और पहली बार पात्र बने युवाओं का पंजीकरण हर हाल में पूरा करना। यानी अगर आपका नाम किसी वजह से सूची में नहीं है, तो यह अभियान आपके लिए ही है।

सबसे ज्यादा फायदा किन्हें मिलेगा — ये 4 श्रेणियां ध्यान दें

यह अभियान सभी के लिए खुला है, लेकिन इन चार श्रेणियों के लोगों के लिए खासतौर पर अहम है:

1. पहली बार पात्र बने युवा: 2026 में 18 के हुए युवा कॉलेज के ELC कैंप में ही फॉर्म भर सकते हैं।
2. SIR में छूटे नागरिक: पुनरीक्षण के दौरान प्रवास या दस्तावेज की कमी से छूटे लोग अब नाम जुड़वा सकते हैं।
3. नया पता: घर बदलने वालों का नाम पुराने क्षेत्र की सूची में हो सकता है — सही क्षेत्र में दर्ज कराना जरूरी है।
4. नाम की जांच: सूची से नाम हटने की आशंका हो तो पहले voters.eci.gov.in पर जांचें, फिर फॉर्म-6 भरें।

फॉर्म-6 भरने के 3 आसान तरीके — घर बैठे या बीएलओ की मदद से

भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार प्रक्रिया को पहले से आसान भी बना दिया है। मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 और संशोधन के फॉर्म-8 के साथ SIR के दौरान मांगा जाने वाला घोषणा पत्र अब हटा दिया गया है, यानी कागजी झंझट कम हो गया है। नाम जुड़वाने के लिए आपके पास तीन रास्ते हैं:

1. ऑनलाइन पोर्टल: voters.eci.gov.in या ecinet पोर्टल पर सीधे फॉर्म-6 भरें — सबसे तेज तरीका।
2. बीएलओ के माध्यम से: अपने मतदान केंद्र क्षेत्र के बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) से संपर्क करें — ऑफलाइन वालों के लिए भरोसेमंद रास्ता।
3. विशेष कैंप: स्कूल-कॉलेजों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) के कैंपों में जाकर भी फॉर्म भरा जा सकता है।

फॉर्म भरते समय ये दस्तावेज रखें तैयार: आमतौर पर उम्र का प्रमाण (जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की मार्कशीट या आधार), पते का प्रमाण (राशन कार्ड, बिजली-पानी का बिल या किरायानामा) और एक पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत पड़ती है। ऑनलाइन भरते समय इनकी स्कैन कॉपी अपलोड करनी होती है, जबकि बीएलओ के पास फॉर्म जमा करते समय फोटोकॉपी काम आती है।

अभियान के प्रमुख आंकड़े एक नजर में:

तथ्य विवरण
7 दिनों में प्राप्त आवेदन 57,000 से अधिक फॉर्म-6
अभियान का उद्देश्य SIR में छूटे पात्र मतदाता + नए युवा मतदाता
फॉर्म फॉर्म-6 (नया पंजीकरण), फॉर्म-8 (संशोधन)
आवेदन के माध्यम ऑनलाइन पोर्टल, बीएलओ, विशेष कैंप
ऑनलाइन पोर्टल voters.eci.gov.in, ecinet
घोषणा पत्र की शर्त हटा दी गई है
जनजागरूकता स्कूल-कॉलेजों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब
निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला स्तर पर

स्कूल-कॉलेजों में चुनावी साक्षरता — युवाओं तक पहुंचने की खास रणनीति

इस अभियान की सबसे दिलचस्प बात इसका युवा-केंद्रित तरीका है। स्कूलों और कॉलेजों में सक्रिय इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) के जरिए जागरूकता गतिविधियां और विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनकी निगरानी जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी कर रहे हैं। सोच यह है कि जो युवा अभी-अभी 18 के हुए हैं, वे कॉलेज के कैंप में ही फॉर्म भरना सीख लें।

क्यों मायने रखता है आपका एक वोट — और एक नाम

मतदाता सूची में नाम होना सिर्फ एक कागजी औपचारिकता नहीं है, यह आपके लोकतांत्रिक अधिकार की पहली सीढ़ी है। राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए यह अभियान और भी अहम हो गया है — सरपंच से लेकर जिला परिषद सदस्य तक के चुनाव में वही मतदान कर सकता है जिसका नाम सूची में दर्ज हो।

अक्सर लोग मान लेते हैं कि नाम अपने आप जुड़ जाएगा, लेकिन घर बदलने या पहली बार 18 का होने पर फॉर्म-6 भरना ही पड़ता है। 57,000 आवेदनों का आंकड़ा बताता है कि लोग इसे समझ रहे हैं — और आयोग “कोई पात्र मतदाता न छूटे” की भावना से हर विधानसभा क्षेत्र तक पहुंच रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए कौन पात्र है?
उत्तर: भारत का नागरिक जिसकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी हो और जो संबंधित विधानसभा क्षेत्र का सामान्य निवासी हो, वह फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकता है। यह अभियान SIR में छूटे लोगों और नए युवा मतदाताओं के लिए है।

प्रश्न 2: फॉर्म-6 कहां और कैसे भरें?
उत्तर: तीन तरीके हैं — voters.eci.gov.in या ecinet पोर्टल पर ऑनलाइन, अपने क्षेत्र के बीएलओ के माध्यम से, या स्कूल-कॉलेजों में ELC के विशेष कैंपों में जाकर। आयोग ने घोषणा पत्र की शर्त हटा दी है, इसलिए प्रक्रिया अब पहले से सरल है।

प्रश्न 3: नाम में गलती हो या पता बदला हो तो क्या करें?
उत्तर: नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 है, जबकि नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरा जाता है। दोनों ही ऑनलाइन पोर्टल और बीएलओ के जरिए उपलब्ध हैं।

प्रश्न 4: क्या इस अभियान की कोई अंतिम तिथि है?
उत्तर: मतदाता सूची का सतत अद्यतन सालभर चलने वाली प्रक्रिया है, लेकिन चुनावी कार्यक्रम घोषित होने से पहले नाम जुड़वाना सबसे सुरक्षित रहता है। इसलिए देर न करें — आज ही अपना नाम जांचें और छूटा हो तो फॉर्म-6 भरें।

अगर आप 18 साल के हो चुके हैं और आपका नाम अभी तक मतदाता सूची में नहीं है, तो यह अभियान आपके लिए ही है। voters.eci.gov.in पर जाकर आज ही अपना नाम जांचें — आपका एक फॉर्म, आपके लोकतांत्रिक अधिकार की गारंटी है।

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