Rajasthan TOPS Yojana: ओलंपिक पोडियम तक पहुंचेंगे राजस्थान के 50 खिलाड़ी — CM भजनलाल का बड़ा ऐलान

राजस्थान के खिलाड़ियों के लिए खेल जगत की सबसे बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में ‘राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (Rajasthan TOPS) लागू करने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। 6 अक्टूबर 2026 को जयपुर में 51वीं सब जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का एक ही मिशन है — राजस्थान के खिलाड़ियों को ओलंपिक खेलों के पोडियम तक पहुंचाना।

इस स्कीम के तहत प्रदेश के 50 प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा और उन्हें 2028 ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय कोच, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, खेल किट और अन्य जरूरी सुविधाओं के साथ-साथ हर महीने ₹25,000 का आउट-ऑफ-पॉकेट भत्ता भी मिलेगा। यानी खिलाड़ी को अब अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए जेब से खर्च करने की चिंता नहीं करनी होगी।

50 खिलाड़ी, एक मिशन — 2028 ओलंपिक

राजस्थान टॉप्स योजना की रूपरेखा केंद्र सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम की तर्ज पर तैयार की गई है, लेकिन यह खासतौर पर उन खिलाड़ियों के लिए है जो केंद्रीय TOPS का लाभ नहीं ले रहे हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजस्थान के अधिक से अधिक एथलीट ओलंपिक, एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतें।

योजना के पारदर्शी संचालन के लिए दो समितियां बनाई गई हैं — ‘राजस्थान मिशन ओलंपिक समिति’, जो योजना की निगरानी करेगी, और ‘राज्य प्रतिभा खोज एवं विकास समिति’, जो प्रदेश के कोने-कोने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज करेगी और उनके प्रदर्शन की नियमित समीक्षा करेगी।

खास बात यह है कि योजना में 20 प्रतिशत सीटें पैरा-खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं, ताकि दिव्यांग खिलाड़ियों को भी ओलंपिक के मंच तक पहुंचने का बराबर अवसर मिले। जयपुर में ‘राजस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भी स्थापित किया जाएगा, जहां चयनित खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण मैदान, फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट और आवास — सब कुछ एक ही परिसर में मिलेगा।

गौरतलब है कि खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर — जो खुद एथेंस ओलंपिक 2004 के रजत पदक विजेता निशानेबाज हैं — ने अप्रैल 2025 में ही राज्य में इस तरह की योजना लाने की बात कही थी। अब मुख्यमंत्री के औपचारिक ऐलान के साथ यह योजना जमीन पर उतरने जा रही है।

राजस्थान टॉप्स योजना — एक नजर में

बिंदु विवरण
योजना का नाम राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (Rajasthan TOPS)
लक्ष्य 2028 ओलंपिक खेलों के लिए खिलाड़ियों को तैयार करना
चयनित खिलाड़ी 50 प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी
मासिक भत्ता ₹25,000 आउट-ऑफ-पॉकेट भत्ता (प्रति खिलाड़ी)
पैरा-खिलाड़ी आरक्षण 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित
निगरानी समितियां राजस्थान मिशन ओलंपिक समिति; राज्य प्रतिभा खोज एवं विकास समिति
प्रशिक्षण केंद्र जयपुर में राजस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
घोषणा 6 अक्टूबर 2026, जयपुर — CM भजनलाल शर्मा

‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ — 186 खिलाड़ियों को आउट-ऑफ-टर्न नियुक्ति

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने खेल प्रतिभाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए सिर्फ एक योजना पर भरोसा नहीं किया है। सरकार के ध्येय वाक्य ‘खेलों के साथ भी, खेलों के बाद भी’ के तहत कई फैसले एक साथ लिए गए हैं।

इसी कड़ी में पदक विजेता 186 खिलाड़ियों को आउट-ऑफ-टर्न नियुक्ति दी गई है। क्रिकेट, शूटिंग, घुड़सवारी और कबड्डी सहित विभिन्न खेलों के इन खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देकर यह संदेश दिया गया है कि खेल में मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य सुरक्षित है। इसके अलावा स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम भी शुरू की गई है, ताकि चोट या दुर्घटना की स्थिति में खिलाड़ी और उनका परिवार आर्थिक संकट में न फंसे।

योगासन चैम्पियनशिप के मंच से CM के बड़े संदेश

राजस्थान टॉप्स के ऐलान का मंच कोई साधारण मंच नहीं था। जयपुर में आयोजित 51वीं सब जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप के समापन समारोह में देशभर के युवा खिलाड़ी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने विजेता पश्चिम बंगाल को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया, जबकि हरियाणा दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहे।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और ऋषियों की अनमोल धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ, संयमित और संतुलित जीवन जीने की कला सिखाई है। उन्होंने आमजन से नशे की लत छोड़ने और योग को दिनचर्या में अपनाने की अपील की।

युवाओं के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार गांवों में अटल ज्ञान केंद्र खोल रही है, जहां ऑनलाइन कक्षा, ई-लाइब्रेरी सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही हर पंचायत में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को अभ्यास के लिए शहरों का रुख न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में अब तक एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है और युवाओं के लिए राजस्थान युवा नीति-2025 जारी की जा चुकी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: राजस्थान टॉप्स योजना में कौन लाभ ले सकता है?
उत्तर: यह योजना राजस्थान के उन प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों के लिए है जो केंद्र सरकार की TOPS स्कीम का लाभ नहीं ले रहे हैं। खिलाड़ियों का चयन राज्य प्रतिभा खोज एवं विकास समिति के माध्यम से प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

प्रश्न 2: चयनित खिलाड़ियों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
उत्तर: चयनित 50 खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय कोच, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, खेल किट, अन्य आवश्यक सहायता और हर महीने ₹25,000 का आउट-ऑफ-पॉकेट भत्ता मिलेगा। जयपुर में बनने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

प्रश्न 3: क्या दिव्यांग खिलाड़ी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: हां। योजना में 20 प्रतिशत सीटें पैरा-खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं, ताकि दिव्यांग खिलाड़ी भी ओलंपिक और पैरालंपिक की तैयारी कर सकें।

प्रश्न 4: खेल के अलावा युवाओं के लिए सरकार और क्या कर रही है?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने बताया कि गांवों में अटल ज्ञान केंद्र, हर पंचायत में खेल मैदान और राजस्थान युवा नीति-2025 जैसे कदम उठाए गए हैं। साथ ही 186 पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट-ऑफ-टर्न सरकारी नौकरी भी दी गई है।


राजस्थान टॉप्स योजना का ऐलान सिर्फ एक योजना की शुरुआत नहीं, बल्कि प्रदेश के खेल इकोसिस्टम को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 2028 ओलंपिक अभी दूर है, लेकिन 50 खिलाड़ियों का चयन, ₹25,000 का मासिक भत्ता, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और पैरा-खिलाड़ियों के लिए आरक्षण — ये सभी संकेत देते हैं कि राजस्थान अब खेलों में भी देश का अग्रणी राज्य बनने की तैयारी में है। अब नजर इस पर रहेगी कि चयन प्रक्रिया कितनी पारदर्शी होती है और गांव-ढाणी की प्रतिभाएं इस योजना तक कितनी आसानी से पहुंच पाती हैं।

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