राजसमंद की कालबेलिया बस्ती: पंचायत चुनाव की धूम में भी टंकी टूटी, रास्ता बदहाल

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 की धूम पूरे प्रदेश में है, लेकिन राजसमंद जिले की एक बस्ती ऐसी भी है जहां चुनावी हलचल के बावजूद जिंदगी की बुनियादी जरूरतें अधूरी हैं। झोर पंचायत के उलपुरा गांव की कालबेलिया बस्ती में ग्रामीणों ने चुनावी चौपाल के दौरान खुलकर अपनी परेशानियां रखीं — पीने के पानी की टूटी टंकी, बदहाल रास्ता, बच्चों के लिए स्कूल का न होना और रात में अंधेरा। ये वो मुद्दे हैं जो हर चुनाव में उठते हैं, लेकिन बस्ती तक राहत आज भी नहीं पहुंची।

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: कालबेलिया बस्ती की पांच सबसे बड़ी दिक्कतें

चुनावी चौपाल में बस्ती के लोगों ने एक-एक करके अपनी समस्याएं गिनाईं। पहली और सबसे गंभीर शिकायत पानी को लेकर थी। ग्रामीणों के मुताबिक, हैंडपंप को एक टंकी से जोड़ा गया है ताकि पानी की आपूर्ति बनी रहे, लेकिन वह टंकी टूटी हुई है। टूटी टंकी की वजह से पानी की व्यवस्था रोजाना अटकती है और परिवारों को साफ पानी के लिए जूझना पड़ता है।

दूसरी बड़ी दिक्कत रास्ते की है। बस्ती तक पहुंचने वाला मार्ग बदहाल हालत में है। खराब सड़क के कारण रोजमर्रा की आवाजाही में दिक्कत होती है — चाहे बच्चों को कहीं ले जाना हो या बुजुर्गों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना हो। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का न होना गांव के विकास पर ही सवाल खड़ा करता है।

न स्कूल, न रोशनी: बच्चों की पढ़ाई और रात का खतरा

बस्ती में बच्चों के लिए स्कूल ही नहीं है। ग्रामीणों ने शिक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई — उनका कहना है कि शिक्षा बच्चे के बेहतर भविष्य की नींव होती है, लेकिन बस्ती में स्कूल की सुविधा न होने से परिवारों को भारी परेशानी होती है। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है या फिर पढ़ाई छूट जाती है।

रात होते ही बस्ती में एक और खतरा शुरू होता है। यहां रोड लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। अंधेरा छाते ही रास्तों पर जंगली जानवरों का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, रोशनी न होने के कारण रात में घर से बाहर निकलना और रास्तों पर चलना मुश्किल हो जाता है। बस्ती के लोग चाहते हैं कि रोड लाइट लगाई जाए ताकि रात में सुरक्षित आवाजाही हो सके।

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 में हर गांव की आवाज क्यों मायने रखती है

ये पंचायत चुनाव सिर्फ कुर्सियों की लड़ाई नहीं हैं — ये गांव की सरकार चुनने का मौका हैं। प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों के लिए करीब 4.03 करोड़ मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। राजस्थान पंचायतीराज चुनाव 2026 का पूरा कार्यक्रम यहां देखें।

चुनावी माहौल में सिरोही पंचायत चुनाव 2026 जैसे जिलों में नामांकन की प्रक्रिया तेज है, लेकिन राजसमंद की इस बस्ती की कहानी याद दिलाती है कि चुनाव का असली मतलब विकास के वादों को जमीन पर उतारना है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि उनकी बस्ती गरीब परिवारों की बस्ती है और जिम्मेदारों ने उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

बस्ती की मांगें: कौन-सा काम किस विभाग का, एक नजर में

बस्ती की मांग जिम्मेदार विभाग/संस्था ग्रामीण क्या उम्मीद करते हैं
टूटी पानी की टंकी की मरम्मत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) / ग्राम पंचायत टंकी जल्द ठीक हो, नियमित पानी मिले
बस्ती तक पक्का रास्ता ग्राम पंचायत / सार्वजनिक निर्माण विभाग आवाजाही आसान हो, बरसात में दिक्कत न हो
बच्चों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग बस्ती में या नजदीक प्राथमिक स्कूल खुले
रोड लाइट की व्यवस्था ग्राम पंचायत / ऊर्जा विभाग रात में रोशनी, जानवरों के खतरे से राहत
समग्र विकास कार्यों की निगरानी जिला परिषद / जिला प्रशासन चुनावी वादे जमीन पर उतरें

आपके गांव में भी ऐसी समस्या है? यहां करें शिकायत

अगर आपकी पंचायत या बस्ती में भी सड़क, पानी, बिजली या स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, तो सिर्फ चुनाव का इंतजार मत कीजिए। राजस्थान में शिकायत के ये रास्ते खुले हैं:

  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कॉल करके अपनी समस्या दर्ज कराएं — ये टोल-फ्री नंबर है और शिकायत का नंबर SMS पर मिलता है।
  • राजस्थान संपर्क (जनसुनवाई) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है, जिसका निस्तारण संबंधित विभाग को करना होता है।
  • जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या संबंधित विकास अधिकारी को लिखित में ज्ञापन दिया जा सकता है।
  • पंचायत चुनाव से जुड़ी आधिकारिक जानकारी, मतदाता सूची और कार्यक्रम के लिए राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट देखें।

चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाएं हर दिन की जरूरत हैं। राजसमंद की कालबेलिया बस्ती के ग्रामीणों ने चुनावी चौपाल में अपनी आवाज उठाई है — अब देखना है कि नई चुनी जाने वाली पंचायत इस आवाज को कितनी गंभीरता से लेती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: राजसमंद की कालबेलिया बस्ती कहां स्थित है?

उत्तर: यह बस्ती राजसमंद जिले की झोर ग्राम पंचायत के उलपुरा गांव में स्थित है। यहां गरीब परिवार रहते हैं और बुनियादी सुविधाओं — सड़क, पानी, स्कूल और बिजली — का अभाव है।

प्रश्न 2: बस्ती के लोगों की सबसे बड़ी शिकायतें क्या हैं?

उत्तर: पीने के पानी के लिए हैंडपंप से जुड़ी टंकी टूटी हुई है, बस्ती तक का रास्ता बदहाल है, बच्चों के लिए स्कूल नहीं है और रात में रोड लाइट न होने से जंगली जानवरों का खतरा रहता है।

प्रश्न 3: राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 में कितने मतदाता वोट डालेंगे?

उत्तर: करीब 4.03 करोड़ पंजीकृत मतदाता प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों के लिए अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। मतदान चार चरणों में होगा।

प्रश्न 4: गांव में बुनियादी सुविधा न होने पर शिकायत कहां करें?

उत्तर: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें, राजस्थान संपर्क (जनसुनवाई) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें, या जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लिखित ज्ञापन दें।

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