राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) में एक साथ सात महिला अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। DIPR महिला अधिकारी पदोन्नति की इस ताजा सूची में विभाग की पांच सहायक जनसंपर्क अधिकारियों (APRO) को पदोन्नत कर जनसंपर्क अधिकारी (PRO) बनाया गया है, जबकि वरिष्ठ स्तर पर भी महिलाओं को अहम पदों की कमान मिली है। शारदीय नवरात्रों के ठीक बाद भजनलाल सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक गलियारों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
कभी DIPR के दफ्तरों में महिला अधिकारी इक्का-दुक्का हुआ करती थीं। आज वही विभाग महिला नेतृत्व का केंद्र बनता दिख रहा है — नीचे से लेकर वरिष्ठ स्तर तक, हर पायदान पर महिलाओं के नाम हैं।
DIPR महिला अधिकारी पदोन्नति: किसे कौन-सा पद मिला — पूरी सूची
विभाग की ओर से जारी पदोन्नति सूची के अनुसार कुल सात महिला अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सबसे बड़ा बदलाव APRO से PRO के पद पर हुआ है, जहां एक साथ पांच अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है।
| अधिकारी का नाम | पुराना पद | नया पद |
|---|---|---|
| अंजलिका पंवार | सहायक जनसंपर्क अधिकारी (APRO) | जनसंपर्क अधिकारी (PRO) |
| आकांक्षा शर्मा | सहायक जनसंपर्क अधिकारी (APRO) | जनसंपर्क अधिकारी (PRO) |
| प्रियंका चतुर्वेदी | सहायक जनसंपर्क अधिकारी (APRO) | जनसंपर्क अधिकारी (PRO) |
| सविता सिंह | सहायक जनसंपर्क अधिकारी (APRO) | जनसंपर्क अधिकारी (PRO) |
| चारू मीणा | सहायक जनसंपर्क अधिकारी (APRO) | जनसंपर्क अधिकारी (PRO) |
| छाया चौबीसा | सहायक निदेशक | उप निदेशक |
| सरिता जाखड़ | जनसंपर्क अधिकारी (PRO) | सहायक निदेशक |
खास बात यह है कि यह सूची किसी एक स्तर तक सीमित नहीं — APRO से लेकर उप निदेशक तक, हर सीढ़ी पर महिला अधिकारियों को आगे बढ़ने का मौका मिला है।
छाया चौबीसा को उप निदेशक की कमान — क्यों खास है ये पद
इस पदोन्नति सूची में सबसे चर्चित नाम सहायक निदेशक पद पर कार्यरत छाया चौबीसा का है, जिन्हें पदोन्नत कर उप निदेशक की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय ढांचे में उप निदेशक का पद बेहद अहम होता है — इस स्तर पर अधिकारी न सिर्फ अपने संभाग या इकाई का नेतृत्व करता है, बल्कि विभाग की नीतियों को जमीन पर उतारने की असल जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर होती है।
इसी तरह PRO सरिता जाखड़ अब सहायक निदेशक के रूप में जिला और संभाग स्तर की गतिविधियों का समन्वय देखेंगी। दोनों पदोन्नतियां संकेत देती हैं कि सरकार महिलाओं को निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में देखना चाहती है।
APRO से PRO तक: इन पदों पर आखिर होता क्या है
बहुत से पाठकों के मन में सवाल होगा कि APRO और PRO आखिर करते क्या हैं। दरअसल, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में सहायक जनसंपर्क अधिकारी (APRO) शुरुआती कार्यकारी पद होता है। इस पद पर अधिकारी जिला स्तर पर सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, प्रेस विज्ञप्तियां तैयार करने, मीडिया से समन्वय और विभागीय कार्यक्रमों की कवरेज की जिम्मेदारी संभालता है।
जनसंपर्क अधिकारी (PRO) बनने पर जिम्मेदारी का दायरा बढ़ जाता है। PRO को बड़े कार्यक्रमों, अभियानों और विभागीय नीतियों के प्रचार की अगुवाई करनी होती है — और यही इन पांचों अधिकारियों की नई भूमिका की असल अहमियत है।
यंग मीडिया और इंटर्नशिप में भी बेटियां सबसे आगे
इस खबर का एक और पहलू है जो भविष्य की तस्वीर दिखाता है। DIPR में सिर्फ पदोन्नति ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की एंट्री में भी बेटियां बाजी मार रही हैं। विभाग में इंटर्न और ‘यंग मीडिया सहायक’ के रूप में चुनी गई युवा प्रतिभाओं में लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले काफी अधिक बताई जा रही है।
सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन के दौर में युवा टीम की भूमिका लगातार बढ़ रही है — और इस टीम में बेटियों की अगुवाई विभाग की कार्यशैली को नई दिशा दे रही है।
DIPR आखिर करता क्या है — सरकार की आवाज
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, जिसे आमतौर पर DIPR कहा जाता है, राज्य सरकार और जनता के बीच की सबसे अहम कड़ी है। सरकार की योजनाएं, फैसले और अभियान आम लोगों तक पहुंचें — इसकी जिम्मेदारी इसी विभाग की होती है। प्रेस विज्ञप्तियां जारी करना, विज्ञापन और प्रचार अभियान चलाना, मीडिया से समन्वय करना, जिलों में सूचना केंद्रों का संचालन और अब डिजिटल व सोशल मीडिया पर सरकार की उपस्थिति — ये सब DIPR के काम का हिस्सा हैं।
यही वजह है कि DIPR में नेतृत्व स्तर के बदलाव को सिर्फ प्रशासनिक फेरबदल नहीं, शासन की कार्यशैली से जुड़ा फैसला माना जाता है।
महिला सशक्तिकरण की राह में एक और कदम
भजनलाल सरकार की ओर से महिला सशक्तिकरण को लेकर लगातार फैसले सामने आ रहे हैं। हाल ही में जयपुर में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन में महिलाओं को 150 करोड़ रुपये से अधिक के लाभ सौंपे गए थे, और महिला वर्क फ्रॉम होम योजना के तहत घर से काम के हजारों अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।
DIPR की यह पदोन्नति उसी कड़ी का अगला हिस्सा है — फर्क इतना है कि यहां लाभार्थी नहीं, नीति बनाने और लागू करने वाली महिलाएं खुद आगे आई हैं।
बहरहाल, नवरात्रों के बाद मिला यह तोहफा सातों अधिकारियों के करियर का अहम मोड़ है — और यह संदेश भी कि काबिलियत के सामने अब कोई सीढ़ी बंद नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: DIPR क्या है?
उत्तर: DIPR यानी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार का वह विभाग है जो सरकारी योजनाओं, फैसलों और अभियानों का प्रचार-प्रसार करता है। प्रेस विज्ञप्तियां, विज्ञापन, मीडिया समन्वय और डिजिटल प्रचार इसी के जिम्मे हैं।
प्रश्न: APRO और PRO में क्या अंतर है?
उत्तर: APRO (सहायक जनसंपर्क अधिकारी) शुरुआती कार्यकारी पद है, जो जिला स्तर पर प्रचार और मीडिया समन्वय देखता है। PRO (जनसंपर्क अधिकारी) इससे वरिष्ठ पद है, जिस पर बड़े अभियानों और नीतिगत प्रचार की अगुवाई की जिम्मेदारी होती है।
प्रश्न: ये पदोन्नतियां कब हुईं?
उत्तर: शारदीय नवरात्रों के ठीक बाद, 23 अक्टूबर 2026 को विभागीय पदोन्नति सूची के जरिए इन पदोन्नतियों की घोषणा हुई।
प्रश्न: छाया चौबीसा कौन हैं?
उत्तर: छाया चौबीसा DIPR में सहायक निदेशक पद पर कार्यरत थीं, जिन्हें अब पदोन्नत कर उप निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह विभाग के वरिष्ठ नेतृत्व स्तर का अहम पद है।