राजस्थान के 31 जिलों में चारा-पानी का संकट: 9 जिले क्रिटिकल, सरकार ने पंजाब-हरियाणा-MP से मांगी मदद

राजस्थान चारा पानी संकट: 31 जिले अलर्ट पर, 9 को सरकार ने घोषित किया क्रिटिकल

कमजोर मानसून का असर अब राजस्थान में साफ दिखने लगा है — प्रदेश के 41 जिलों में से 31 जिलों में चारे और पानी की स्थिति चिंताजनक हो गई है। राज्य सरकार ने हालात को देखते हुए जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा है: 9 जिले क्रिटिकल, 22 जिले सेमी-क्रिटिकल और 17 जिले फिलहाल रिलेटिवली सेफ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रभावित इलाकों में तुरंत चारा डिपो और पशु शिविर खोलने के निर्देश दिए हैं, साथ ही 31 दिसंबर तक टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति जारी रखने का आदेश भी दिया गया है।

CM भजनलाल शर्मा के 5 बड़े निर्देश

सरकार ने राहत कार्यों को लेकर पांच अहम फैसले लिए हैं:

  1. चारा डिपो और पशु शिविर तुरंत खोलें: प्रभावित क्षेत्रों में अनुदान दरों वाले चारा डिपो और पशु शिविर शुरू किए जाएंगे।
  2. 31 दिसंबर तक टैंकर से पानी: जहां पेयजल की किल्लत है, वहां इस साल के अंत तक टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति जारी रहेगी।
  3. मंत्री-सचिव खुद दौरा करें: प्रभारी मंत्रियों और संबंधित सचिवों को अपने-अपने जिलों का दौरा कर चारे-पानी की व्यवस्था की जमीनी समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
  4. पड़ोसी राज्यों से चारा: पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश की सरकारों को पत्र लिखकर चारे की आपूर्ति में सहयोग मांगा गया है।
  5. पराली बने चारा: पंजाब-हरियाणा में जलाई जा रही पराली को चारे के रूप में उपलब्ध कराने की अपील की गई है।

कौन-से 9 जिले क्रिटिकल श्रेणी में हैं?

सरकार के आकलन के मुताबिक पानी और चारे की स्थिति इन 9 जिलों में सबसे गंभीर है:

श्रेणी जिले संख्या
क्रिटिकल पाली, उदयपुर, राजसमंद, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, ब्यावर, दौसा 9
सेमी-क्रिटिकल जयपुर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जालोर, सीकर, सिरोही, झुंझुनूं, नागौर, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर समेत 22
रिलेटिवली सेफ अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा समेत 17

इन जिलों में पानी और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता पर अब विशेष निगरानी रखी जा रही है। खासकर बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जैसे पश्चिमी जिलों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, जहां पहले भी पेयजल संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।

बारिश का गणित: क्यों गहराया संकट?

इस बार मानसून की बेरुखी ही संकट की जड़ है। आंकड़े खुद कहानी बताते हैं:

वर्ष दर्ज बारिश (मिमी)
सामान्य औसत 424.71
2024 678.4
2025 715.2
2026 (अब तक) 351

यानी इस साल सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई, और पिछले साल की तुलना में आधी से भी कम। कम बारिश का सबसे सीधा असर पशुओं के चारे और ग्रामीण इलाकों के पानी पर पड़ा है। जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 693 बांधों में कुल क्षमता का सिर्फ 61.90 प्रतिशत पानी है, जबकि पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 90.69 प्रतिशत था।

पंजाब-हरियाणा-MP से क्यों मांगी मदद?

राजस्थान में चारे की कमी को देखते हुए पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव की ओर से तीनों राज्यों को पत्र भेजा गया है। विभागीय अधिकारियों की टीमें 8 से 10 अक्टूबर तक पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश का दौरा कर रही हैं — इस दौरान अधिकारी वहां की चारा मंडियों और प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों का निरीक्षण कर चारे की उपलब्धता, कीमतों और सप्लाई चेन की स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं।

इसके साथ ही सरकार ने एक अहम मांग रखी है: पंजाब और हरियाणा में पराली को जलाने या थर्मल पावर प्लांट और ईंट-भट्ठों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय उसे पशु चारे के रूप में उपलब्ध कराया जाए। सरकार का यह भी कहना है कि बिचौलियों द्वारा पराली की कृत्रिम जमाखोरी कर कीमतें बढ़ाने पर रोक लगाई जानी चाहिए।

पशुपालकों के लिए इसका क्या मतलब है?

अगर आप पश्चिमी या दक्षिणी राजस्थान के पशुपालक हैं, तो ये बातें जानना आपके काम की हैं:

  • चारा डिपो: आपके जिले के प्रभावित इलाकों में जल्द ही अनुदान दरों वाले चारा डिपो खुलेंगे — अपने पशुपालन विभाग के स्थानीय कार्यालय से संपर्क में रहें।
  • पशु शिविर: गंभीर इलाकों में पशु शिविर लगाए जाएंगे, जहां चारे और पानी की व्यवस्था सरकार करेगी।
  • टैंकर सुविधा: पेयजल की किल्लत वाले इलाकों में 31 दिसंबर तक टैंकर से पानी मिलेगा — टैंकर की मांग के लिए ग्राम पंचायत या जलदाय विभाग से संपर्क करें।
  • शिकायत कहां करें: अगर आपके इलाके में व्यवस्था नहीं पहुंच रही है, तो जिला कलेक्ट्रेट के नियंत्रण कक्ष या CM हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: राजस्थान में कितने जिले चारे-पानी के संकट से प्रभावित हैं? उत्तर: प्रदेश के 41 में से 31 जिलों में हालात चिंताजनक हैं। इनमें 9 जिले क्रिटिकल और 22 जिले सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में रखे गए हैं।

प्रश्न: क्रिटिकल श्रेणी के 9 जिले कौन-से हैं? उत्तर: पाली, उदयपुर, राजसमंद, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, ब्यावर और दौसा को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है।

प्रश्न: सरकार ने चारे के लिए किन राज्यों से मदद मांगी है? उत्तर: पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश से। सरकार ने पराली को जलाने के बजाय चारे के रूप में उपलब्ध कराने की अपील भी की है।

प्रश्न: टैंकर से पानी की आपूर्ति कब तक जारी रहेगी? उत्तर: मुख्यमंत्री के निर्देशों के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में 31 दिसंबर तक टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाएगी।

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