एक ओर राजस्थान में पानी की कमी को लेकर चेतावनियां जारी हो रही हैं, दूसरी ओर भीलवाड़ा शहर में हजारों लीटर साफ पानी रोज सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है। यही विरोधाभास आज शहर के लोगों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है। जलदाय विभाग की कथित लापरवाही से अंडरब्रिज सब्जी मंडी से लेकर पुलिस लाइन के गेट तक सड़क पर पानी की धारा लगातार बह रही है, और बुधवार (21 अक्टूबर) की सुबह भी हालात जस के तस देखे गए।
भीलवाड़ा जलदाय विभाग की यह लापरवाही ऐसे समय में सामने आई है जब प्रदेश के कई इलाकों में सूखे जैसे हालात और पेयजल संकट की चर्चा गर्म है। लोग पूछ रहे हैं कि एक ओर पानी की बचत के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, तो दूसरी ओर विभाग की अपनी पाइपलाइन से बहता पानी रोकने की कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती?
एक ओर पानी का संकट, दूसरी ओर सड़क पर बहती लहर
राजस्थान में पानी हमेशा से कीमती रहा है। प्रदेश के कई जिलों में हर साल गर्मियों में पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ता है। हाल ही में हमने बताया था कि कैसे राजस्थान के 31 जिलों में चारा-पानी का संकट गहरा रहा है और सरकार को दूसरे राज्यों से मदद तक मांगनी पड़ी है।
ऐसे में जब शहर के बीचोंबीच हजारों लीटर साफ पानी सड़क पर बहता दिखता है, तो लोगों का गुस्सा स्वाभाविक है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह बर्बादी कोई एक दिन की नहीं है — सप्लाई शुरू होते ही पानी सड़क पर आ जाता है और घरों तक पहुंचने से पहले ही बर्बाद हो जाता है।
कहां बह रहा पानी: अंडरब्रिज सब्जी मंडी से पुलिस लाइन गेट तक
मौके की स्थिति कुछ इस तरह है:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रभावित क्षेत्र | अंडरब्रिज सब्जी मंडी से पुलिस लाइन के गेट तक |
| समस्या | पाइपलाइन से लगातार पानी का रिसाव/बहाव |
| कब से | पाइपलाइन की खुदाई के बाद से लगातार |
| बुधवार सुबह की स्थिति | सप्लाई शुरू होते ही सड़क पर पानी भरा |
| असर | घरों तक पूरा पानी नहीं पहुंच रहा |
सबसे चिंताजनक बात यह है कि समस्या की जड़ पाइपलाइन की खुदाई के बाद बनी स्थिति से जुड़ी बताई जा रही है। खुदाई के दौरान अगर पाइपलाइन को कोई नुकसान पहुंचा या उसे सही से दोबारा जोड़ा नहीं गया, तो उसकी मरम्मत कराना विभाग की सीधी जिम्मेदारी बनती है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
घरों के नल सूखे, सड़क गीली: सप्लाई का अजीब खेल
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि जिस पानी की बर्बादी सड़क पर हो रही है, वही पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंच रहा। सप्लाई के दौरान जब पानी सड़क पर बह जाता है, तो वितरण प्रणाली में दबाव कम हो जाता है और घरों के नलों तक पूरा पानी नहीं पहुंच पाता।
यानी एक ही इलाके में दो तस्वीरें एक साथ दिख रही हैं — सड़क पर पानी की लहर और घरों में पानी की कमी। यह स्थिति विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जयपुर में भी इसी महीने जलदाय विभाग की लापरवाही का मामला सामने आया था, जब पानी की टंकी में गंदगी का मामला उठा था। राजधानी हो या भीलवाड़ा — पेयजल व्यवस्था की लापरवाही अब प्रदेश भर में चर्चा का विषय बनती जा रही है।
सड़क पर फिसलन: दोपहिया चालकों के लिए जान का खतरा
पानी की बर्बादी के अलावा इस लापरवाही का एक और खतरनाक पहलू है — सड़क सुरक्षा। बहते पानी से सड़क पर फिसलन पैदा हो रही है, और दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। अंडरब्रिज से पुलिस लाइन तक का यह रास्ता रोज सैकड़ों राहगीरों और वाहन चालकों के आवागमन का है।
राहगीरों को भी आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गीली सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है, और बरसात के मौसम में न होकर अक्टूबर में यह स्थिति और भी अजीब लगती है। अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई, तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
विभाग की जवाबदेही: मरम्मत किसकी जिम्मेदारी?
स्थानीय लोगों का सीधा सवाल है — पाइपलाइन की खुदाई के बाद अगर कोई समस्या पैदा हुई है, तो उसकी समय पर मरम्मत कराना किसकी जिम्मेदारी है? जाहिर है, यह काम जलदाय विभाग का ही है।
विभाग से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे मौके पर पहुंचकर पानी के बहाव का कारण पता करें, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कराएं और सड़क की समस्या का स्थायी समाधान करें। लोगों ने मांग की है कि पानी की बर्बादी तुरंत रोकी जाए और जो पानी घरों तक पहुंचना चाहिए, वह वास्तव में घरों तक पहुंचे।
आगे का रास्ता: लोगों की साफ मांगें
स्थानीय निवासियों की मांगें बिल्कुल स्पष्ट हैं:
1. तुरंत मरम्मत: लीकेज वाली पाइपलाइन की फौरन मरम्मत कराई जाए।
2. पानी की बर्बादी रुके: सड़क पर बहते पानी को बंद कराकर सप्लाई घरों तक पहुंचाई जाए।
3. सड़क का स्थायी समाधान: पानी से खराब हुई सड़क की मरम्मत भी कराई जाए।
4. जवाबदेही तय हो: लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
यह मामला सिर्फ भीलवाड़ा का नहीं है — यह पूरे प्रदेश में पेयजल प्रबंधन की तस्वीर दिखाता है। जहां जल जीवन मिशन के तहत 44 लाख परिवार अभी भी नल कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं, वहां हजारों लीटर पानी का सड़क पर बहना व्यवस्था की सबसे बड़ी नाकामी है।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर कब ध्यान देते हैं। जब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं होती, तब तक भीलवाड़ा की यह सड़क पानी में डूबी रहेगी — और लोगों के नल अधूरे सप्लाई का शिकार होते रहेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. भीलवाड़ा में पानी की बर्बादी कहां हो रही है?
अंडरब्रिज सब्जी मंडी से लेकर पुलिस लाइन के गेट तक सड़क पर जलदाय विभाग की पाइपलाइन से हजारों लीटर पानी लगातार बह रहा है।
2. यह समस्या कब से है?
सड़क पर पाइपलाइन की खुदाई के बाद से यह समस्या बनी हुई है। बुधवार (21 अक्टूबर) की सुबह भी हालात वैसे ही देखे गए।
3. लोगों को क्या परेशानी हो रही है?
घरों तक पूरा पानी नहीं पहुंच रहा, सड़क पर फिसलन से दोपहिया चालकों को खतरा है, और राहगीरों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।
4. स्थानीय लोगों की क्या मांग है?
लोगों ने जलदाय विभाग से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर पानी की बर्बादी रोकी जाए और सड़क की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।