राजस्थान के सबसे मशहूर मेलों में से एक — पुष्कर मेले — की इस साल की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। अजमेर में बुधवार को जिला प्रशासन ने पुष्कर मेला-2026 के कार्यक्रमों का आधिकारिक पोस्टर और कार्यक्रम पुस्तिका जारी कर दी। इसके साथ ही उन तारीखों पर भी मुहर लग गई है, जिनका इंतजार देश-विदेश के पर्यटक, पशुपालक और लोक कलाकार महीनों से कर रहे थे।
कार्यक्रमों की सूची देखकर लगता है कि प्रशासन ने धार्मिक आयोजन के साथ-साथ खेल, संस्कृति, खानपान और लोक कला — हर मोर्चे पर कुछ न कुछ नया जोड़ने की कोशिश की है।
सबसे पहले: तारीखें नोट कर लीजिए
पुष्कर मेला इस वर्ष 10 नवंबर से 26 नवंबर 2026 तक चलेगा। यानी कुल 17 दिन तक पुष्कर की गलियां, मेला मैदान और सरोवर के घाट चहल-पहल से भरे रहेंगे। हालांकि पर्यटन विभाग के मुख्य और औपचारिक कार्यक्रमों की शुरुआत 17 नवंबर को ध्वजारोहण के साथ होगी और यह सिलसिला 24 नवंबर तक चलेगा।
समझने वाली बात यह है कि पुष्कर मेला दो स्तरों पर चलता है। पशु मेला और धार्मिक आयोजन मेले के पहले दिन से ही शुरू हो जाते हैं — पशुपालक दीपावली के आसपास से ही अपने ऊंटों और घोड़ों के साथ पहुंचने लगते हैं। वहीं पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक और खेल कार्यक्रमों का औपचारिक आगाज 17 नवंबर को होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं देखनी हों, तो 17 से 24 नवंबर के बीच का समय सबसे अच्छा रहेगा।
पोस्टर और कार्यक्रम पुस्तिका का विमोचन जिला कलक्टर लोक बंधु ने किया। इस मौके पर अतिरिक्त कलक्टर डॉ. अभिषेक गोयल और पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक प्रद्युम्न सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
8 दिन के कार्यक्रम: एक नजर में पूरा शेड्यूल
पर्यटन विभाग ने 17 से 24 नवंबर तक हर दिन के लिए अलग-अलग आकर्षण तय किए हैं। पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है:
| तारीख | दिन का मुख्य आकर्षण |
|---|---|
| 17 नवंबर | पूजा-अर्चना, ध्वजारोहण, नगाड़ा वादन; मांडना प्रतियोगिता, समूह नृत्य; ‘चक दे राजस्थान’ फुटबॉल मैच; शाम को सरोवर घाट पर दीपदान, रंगोली और पुष्कर महाआरती |
| 18 नवंबर | लंगड़ी टांग, सतोलिया, गिल्ली-डंडा (स्थानीय बनाम विदेशी); उष्ट्र श्रृंगार और उष्ट्र नृत्य प्रतियोगिता |
| 19 नवंबर | कबड्डी मुकाबला (स्थानीय बनाम विदेशी); अश्व नृत्य प्रतियोगिता; अंतर पंचायत समिति ग्रामीण खेलकूद — रस्साकशी, वॉलीबॉल, कबड्डी |
| 20 नवंबर | गुरुद्वारा से मेला मैदान तक आध्यात्मिक पदयात्रा; शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव का शुभारंभ; शाम को महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम |
| 21 नवंबर | विदेशी पर्यटकों के लिए पगड़ी, तिलक और मूंछ प्रतियोगिता; फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव जारी |
| 22 नवंबर | महिलाओं के लिए मटका रेस और म्यूजिकल चेयर; फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव; शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां |
| 23 नवंबर | फिल्म ‘लगान’ की शैली पर आधारित क्रिकेट मैच; फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव; शाम को महाआरती |
| 24 नवंबर | समापन समारोह — सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह नृत्य, कला जत्था यात्रा, मटका दौड़, रस्साकशी; विजेताओं को पुरस्कार; शाम 6 बजे पुष्कर महाआरती के साथ समापन |
हर शाम पुष्कर सरोवर के घाटों पर महाआरती होगी — इस मेले की सबसे दर्शनीय परंपराओं में से एक।
इस बार क्या है सबसे खास?
कार्यक्रमों में कुछ चीजें पहली नजर में ही ध्यान खींचती हैं। 23 नवंबर को होने वाला क्रिकेट मैच फिल्म ‘लगान’ की शैली पर आधारित होगा — यानी पुराने जमाने के अंदाज में खेला जाने वाला मुकाबला, जो दर्शकों के लिए मनोरंजन का बड़ा केंद्र बनेगा। इसी तरह 17 नवंबर को स्थानीय और विदेशी प्रतिभागियों के बीच ‘चक दे राजस्थान’ फुटबॉल मैच भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
विदेशी पर्यटकों को ध्यान में रखकर भी कई प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। 21 नवंबर को उनके लिए पगड़ी बांधने, तिलक लगाने और मूंछों की प्रतियोगिता होगी — ये वही चीजें हैं जिनके लिए विदेशी मेहमान पुष्कर आते हैं और जिनकी तस्वीरें दुनिया भर में राजस्थान की पहचान बनाती हैं। 18 और 19 नवंबर को देसी खेलों — लंगड़ी टांग, सतोलिया, गिल्ली-डंडा और कबड्डी — में स्थानीय खिलाड़ी विदेशी प्रतिभागियों से भिड़ेंगे।
खानपान और हस्तशिल्प के शौकीनों के लिए 20 नवंबर से शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव शुरू होगा, जो 24 नवंबर तक चलेगा। यहां राजस्थानी व्यंजनों के साथ स्थानीय शिल्पकारों के उत्पाद भी मिलेंगे।
ऊंट मेले से अश्व मेले तक: बदलता चेहरा
पुष्कर मेला मूल रूप से पशु मेला है — खासकर ऊंटों के व्यापार के लिए दुनिया भर में मशहूर। लेकिन पिछले कुछ सालों में इसकी तस्वीर बदली है। ऊंटों की संख्या साल-दर-साल घट रही है, जबकि घोड़ों की संख्या बढ़ती जा रही है।
इसी बदलाव को देखते हुए पशुपालन विभाग ने इस बार कई नवाचार किए हैं। मेले के दौरान अश्व पालकों के लिए विशेष एंडोरेंस राइड और हॉर्स रेवाल राइड जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। 18 और 19 नवंबर को उष्ट्र श्रृंगार, उष्ट्र नृत्य और अश्व नृत्य प्रतियोगिताएं पर्यटन विभाग के कार्यक्रमों का हिस्सा भी हैं। यानी पशु मेला अब सिर्फ व्यापार का केंद्र नहीं, प्रदर्शन और प्रतियोगिता का मंच भी बनता जा रहा है।
पुष्कर जाने वालों के काम की बातें
पुष्कर अजमेर से करीब 14 किलोमीटर दूर है। अजमेर रेल और सड़क मार्ग से देश के बड़े शहरों से अच्छी तरह जुड़ा है। नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर का है, जो करीब 145 किलोमीटर दूर है।
मेले के दिनों में ठहरने की मांग बहुत बढ़ जाती है, इसलिए होटल या टेंट की बुकिंग पहले से कराना समझदारी होगी। 17 से 24 नवंबर के बीच भीड़ सबसे ज्यादा रहेगी। सरोवर के घाटों पर शाम की महाआरती के लिए समय से पहले पहुंचना बेहतर रहेगा।
प्रशासन की तरफ से तैयारियां जोरों पर हैं। जिला कलक्टर की अध्यक्षता में पहले ही विभिन्न विभागों की बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें पानी, बिजली, सड़क, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई है। मेले के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और अस्थाई चिकित्सा सुविधाएं भी लगाई जाएंगी। पोस्टर विमोचन के साथ ही अब कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने का काम तेज हो गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पुष्कर मेला 2026 कब से कब तक चलेगा?
मेला 10 नवंबर से 26 नवंबर 2026 तक चलेगा। पर्यटन विभाग के मुख्य सांस्कृतिक और खेल कार्यक्रम 17 से 24 नवंबर के बीच होंगे।
पर्यटन विभाग के कार्यक्रमों की शुरुआत कैसे होगी?
17 नवंबर को सुबह 10 बजे मेला मैदान में पूजा-अर्चना, ध्वजारोहण और नगाड़ा वादन के साथ औपचारिक शुरुआत होगी।
इस बार के मेले में सबसे अलग क्या है?
‘लगान’ शैली पर आधारित क्रिकेट मैच, ‘चक दे राजस्थान’ फुटबॉल मुकाबला, विदेशी पर्यटकों के लिए पगड़ी-मूंछ प्रतियोगिता और शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव इस बार के खास आकर्षण हैं।
पुष्कर कैसे पहुंचें?
अजमेर पुष्कर का नजदीकी बड़ा शहर है (करीब 14 किमी)। अजमेर रेल और सड़क से अच्छी तरह जुड़ा है। नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर में है।