पीएम मोदी के शासन के 25 साल: ‘हम करके रहेंगे’ का संकल्प, जयपुर कार्यक्रम में सीएम भजनलाल भी हुए शामिल

7 अक्टूबर 2026 का दिन भारतीय राजनीति में एक अनोखे मुकाम का गवाह बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी दिन सरकार के मुखिया के रूप में अपने 25 वर्ष पूरे किए — 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री की शपथ से शुरू हुआ सफर आज देश के प्रधानमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल तक पहुंचा है। इस मौके पर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ‘विकसित भारत संकल्प सभा-सेवा ज्योति यात्रा’ कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। और राजस्थान इस आयोजन से सिर्फ दर्शक नहीं रहा — जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद शामिल हुए, जबकि प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जो सबसे बड़ी बात कही, वह थी — “We Will Do It”, यानी “हम करके रहेंगे” का अहसास ही अमृत है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को इसी आत्मविश्वास से जोड़ते हुए कहा कि जब किसी लक्ष्य को पाने के लिए सामूहिक विश्वास और दृढ़ संकल्प पैदा होता है, तो बड़ा से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।

जयपुर में कार्यक्रम: सीएम भजनलाल की मौजूदगी

राजस्थान में इस दिन को खास बनाने के लिए भाजपा ने व्यापक तैयारियां की थीं। जनसेवा यात्रा के तहत विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन जयपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में हुआ। जयपुर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी ने इसे प्रदेश स्तर पर बड़ा आयोजन बना दिया।

इससे पहले सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अध्यक्षता में तैयारियों पर बैठक हुई थी। इसमें जयपुर के भाजपा पार्षदों, मंडल पदाधिकारियों, विधायकों और मेयर सुनील कोठारी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और जिम्मेदारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे।

प्रधानमंत्री का संबोधन दिल्ली से हुआ, लेकिन देशभर के लाखों भाजपा कार्यकर्ता इससे जुड़े। राजस्थान में भी जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां कार्यकर्ताओं ने संबोधन सुना और सेवा गतिविधियों में भाग लिया।

संबोधन के मुख्य संदेश: सीखना, विनम्रता और संकल्प

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को याद किया। उनकी सबसे चर्चित पंक्ति रही — “जिसने मुझे जिताया, उसने मुझे विनम्र होना सिखाया। जिसने मुझे गिराया, उसने फिर उठना सिखाया।” उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता दोनों ही व्यक्ति को कुछ न कुछ सिखाती हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने बचपन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वडनगर में स्कूल जाने के समय से ही उनमें नई चीजें सीखने की उत्सुकता थी। सीखने की यही ललक बाद में उनके जीवन का हिस्सा बन गई। पीएम मोदी ने कहा कि वह आज भी स्वयं को एक विद्यार्थी मानते हैं और हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करते हैं।

संबोधन का प्रमुख फोकस विकसित भारत के लक्ष्य और देश की सामूहिक क्षमता पर रहा। उन्होंने जनभागीदारी और सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।

25 साल का सफर: 2001 से 2026 तक

नरेंद्र मोदी का शासन नेतृत्व का सफर 7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुआ था, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और फिर केंद्र की राजनीति में आए। मई 2014 में उन्होंने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 में वह दूसरी बार और 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने।

वर्षपड़ाव
7 अक्टूबर 2001गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ
2001–2014गुजरात के मुख्यमंत्री (लगभग 13 वर्ष)
मई 2014पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ
2019दूसरी बार प्रधानमंत्री
2024लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री
7 अक्टूबर 2026शासन के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे

इस तरह 7 अक्टूबर 2001 से 7 अक्टूबर 2026 तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे हुए। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने खुद कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि यह मुकाम भी आएगा।

सेवा संकल्प अभियान: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक

प्रधानमंत्री के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की योजना बनाई है। इस अभियान के तहत विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें रक्तदान शिविर, पौधारोपण, स्वास्थ्य शिविर, जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम और ‘सेवा ज्योति यात्राएं’ शामिल हैं।

7 अक्टूबर को विभिन्न जिलों में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित करने की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा मोदी के जन्मस्थान वडनगर और उनके लोकसभा क्षेत्र वाराणसी को जोड़ने वाली यात्राएं भी कार्यक्रमों का हिस्सा हैं। अभियान का उद्देश्य सेवा, जनकल्याण और समाज के प्रति समर्पण के संदेश को आमजन तक पहुंचाना है।

दिल्ली के कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने देश के भविष्य को लेकर आत्मविश्वास का संदेश दिया और लोगों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं से लक्ष्य हासिल करने के लिए आत्मविश्वास और संकल्प बनाए रखने का आह्वान किया।

राजस्थान के लिए क्या मायने रखता है यह आयोजन

राजस्थान में भाजपा की सरकार है, ऐसे में जयपुर में मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाला कार्यक्रम प्रदेश भाजपा के लिए संगठनात्मक ऊर्जा का काम करेगा। पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह आयोजन आने वाले स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों से पहले मनोबल बढ़ाने वाला भी माना जा रहा है।

इसके अलावा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत होने वाले स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आम लोगों तक सीधे पहुंचते हैं। जिलों में निकली ‘सेवा ज्योति यात्राओं’ के जरिए पार्टी का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: पीएम मोदी ने शासन के मुखिया के रूप में 25 वर्ष कब पूरे किए? उत्तर: 7 अक्टूबर 2026 को। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री की शपथ ली थी और तब से लगातार शासन का नेतृत्व कर रहे हैं।

प्रश्न 2: मुख्य कार्यक्रम कहां हुआ? उत्तर: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में, जहां पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। जयपुर समेत देशभर के जिलों में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ भी निकाली गई।

प्रश्न 3: ‘सेवा संकल्प अभियान’ कब तक चलेगा? उत्तर: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक। इसमें रक्तदान शिविर, पौधारोपण, स्वास्थ्य शिविर और सेवा ज्योति यात्राएं शामिल हैं।

प्रश्न 4: जयपुर के कार्यक्रम में कौन शामिल हुआ? उत्तर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा। तैयारियों को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अध्यक्षता में बैठक भी हुई थी, जिसमें जयपुर मेयर सुनील कोठारी समेत कई नेता मौजूद रहे।

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