पुष्कर मेला 2026: विदेशी पर्यटकों के लिए फोटोग्राफी प्रतियोगिता, बेस्ट फोटो खींचने वाले को मिलेगा पुरस्कार

अजमेर जिले के पुष्कर में 10 नवंबर से शुरू हो रहे अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले में इस बार विदेशी पर्यटकों के लिए एक खास मौका इंतजार कर रहा है। मेले में आने वाले विदेशी मेहमान अब सिर्फ दर्शक बनकर नहीं लौटेंगे, बल्कि अपने कैमरे से खींची गई सबसे खूबसूरत तस्वीर पर पुरस्कार भी जीत सकेंगे। पुष्कर मेला फोटोग्राफी प्रतियोगिता की घोषणा मेला प्रशासन की ओर से की गई है, और इसका मकसद विदेशी पर्यटकों को मेले की गतिविधियों में सीधे भागीदार बनाना है। मेला अधिकारी डॉ. नवीन परिहार ने बताया है कि विदेशी पर्यटकों में पुष्कर मेले को लेकर पहले से ही जबरदस्त उत्साह है, और इस नई प्रतियोगिता से उनकी भागीदारी और भी बढ़ेगी।

पुष्कर मेला फोटोग्राफी प्रतियोगिता में क्या है खास

पुष्कर मेला फोटोग्राफी प्रतियोगिता में विदेशी पर्यटक मेले के हर रंग को अपने कैमरे में कैद कर सकेंगे। सजे-धजे ऊंटों की चाल, घोड़ों के करतब, पशुओं की अनोखी नस्लें, राजस्थानी लोक संस्कृति के रंग और ग्रामीण जीवन के जीवंत दृश्य — ये सब तस्वीरों का विषय बनेंगे। प्रतियोगिता का नियम सीधा है: मेले के दौरान खींची गई तस्वीरों में से सबसे शानदार फोटोग्राफी का चयन किया जाएगा, और विजेता पर्यटक को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

मेला अधिकारी डॉ. नवीन परिहार के मुताबिक विदेशी टूर ऑपरेटर मेले की तारीखों और कार्यक्रमों की जानकारी तीन से चार महीने पहले से ही ले रहे थे। इससे साफ है कि इस बार भी बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पुष्कर पहुंचेंगे। प्रतियोगिता उनके लिए सिर्फ एक मुकाबला नहीं है, बल्कि मेले को करीब से महसूस करने का एक जरिया भी है।

पुष्कर मेला फोटोग्राफी प्रतियोगिता: मेले का पूरा कार्यक्रम 10 से 24 नवंबर तक

पुष्कर मेले की अनौपचारिक शुरुआत 10 नवंबर से होगी, जबकि पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं 17 नवंबर से 24 नवंबर तक चलेंगी। आठ दिनों के इस कार्यक्रम में हर दिन कुछ नया देखने को मिलेगा।

तारीख मुख्य कार्यक्रम
10 नवंबर मेले की अनौपचारिक शुरुआत, पशुओं की आवक और बाजार की रौनक
17 नवंबर सुबह 10 बजे पूजा, ध्वजारोहण और नगाड़ा वादन के साथ विधिवत शुरुआत; मांडना प्रतियोगिता, समूह नृत्य, स्थानीय बनाम विदेशी फुटबॉल मैच; शाम को सरोवर पर दीपदान और महाआरती
18 नवंबर लंगड़ी टांग, सतोलिया और गिल्ली डंडा जैसे पारंपरिक खेल; ऊंट श्रृंगार और ऊंट नृत्य प्रतियोगिता
19 नवंबर कबड्डी मैच, अश्व नृत्य प्रतियोगिता और ग्रामीण खेलकूद मुकाबले
20 नवंबर शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव की शुरुआत; शाम को महाआरती और कबीर कैफे की बैंड प्रस्तुति
21 नवंबर विदेशी पर्यटकों के लिए पगड़ी बांधने, तिलक और मूंछ प्रतियोगिता; खेल फाइनल; शाम को पद्मश्री अनवर खान और गुलाबो की प्रस्तुतियां
22 नवंबर महिलाओं के लिए मटका दौड़ और म्यूजिकल चेयर; शाम को बॉलीवुड गायक अमित मिश्रा की बॉलीवुड नाइट
23 नवंबर लगान फिल्म की शैली पर आधारित क्रिकेट मैच; शाम को स्वरूप खान की गायकी
24 नवंबर समापन समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह नृत्य, कला जत्था यात्रा और विजेताओं को पुरस्कार

फोटोग्राफी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वालों के लिए 17 से 24 नवंबर का समय सबसे अच्छा रहेगा, क्योंकि इन्हीं दिनों मेले के सबसे रंगीन कार्यक्रम होंगे।

विदेशी पर्यटकों को पुष्कर में सबसे ज्यादा क्या भाता है

डॉ. परिहार ने एक दिलचस्प बात बताई है: विदेशी पर्यटकों को पुष्कर में सिर्फ ऊंट और घोड़े ही आकर्षित नहीं करते, बल्कि यहां का पारंपरिक ग्रामीण जीवन भी उन्हें बेहद पसंद आता है। मेले में पशुपालक अपनी पारंपरिक वेशभूषा में ऊंटनी का दूध निकालते हैं, और उनकी महिलाएं मिट्टी के चूल्हे पर रोटियां बनाती हैं। विदेशी पर्यटक इन दृश्यों को अपने कैमरे में कैद करने के लिए उत्साहित रहते हैं। यही वजह है कि फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आइडिया इतना सटीक बैठता है — जो दृश्य पर्यटक वैसे भी खींचना चाहते हैं, अब उन्हीं पर पुरस्कार भी मिलेगा।

पुष्कर का आकर्षण सिर्फ मेला तक सीमित नहीं है। पुष्कर सरोवर के घाट, ब्रह्मा जी का प्रसिद्ध मंदिर, रंग-बिरंगे बाजार और रेगिस्तानी परिवेश मिलकर एक ऐसा अनुभव बनाते हैं जो दुनिया में कहीं और नहीं मिलता। यही कारण है कि हर साल हजारों विदेशी पर्यटक इस छोटे से कस्बे का रुख करते हैं। इस बार पुष्कर मेला 2026 के कार्यक्रमों का पोस्टर पहले ही जारी हो चुका है, और मेले से पहले पुष्कर में कार्तिक स्नान के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ गई थी।

विदेशी पर्यटकों की आमद से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा होता है। होटल, गेस्ट हाउस, हस्तशिल्प की दुकानें, ऊंट सफारी संचालक और स्थानीय कलाकार — सभी को मेले के दिनों में अच्छी कमाई होती है। फोटोग्राफी प्रतियोगिता जैसे नए आकर्षण इस आमद को और बढ़ा सकते हैं।

पुष्कर घूमने का प्रैक्टिकल प्लान: कब जाएं और कैसे पहुंचें

अगर आप पुष्कर मेला देखने का प्लान बना रहे हैं, तो 17 से 24 नवंबर के बीच का समय सबसे अच्छा है। अजमेर पुष्कर का सबसे नजदीकी बड़ा शहर है, जहां रेल और सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। अजमेर से पुष्कर की दूरी सिर्फ 14 किलोमीटर के आसपास है। हवाई मार्ग से आने वालों के लिए किशनगढ़ हवाई अड्डा सबसे नजदीक है।

फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए कुछ काम की बातें: सुबह और शाम की नरम रोशनी में तस्वीरें सबसे अच्छी आती हैं। स्थानीय लोगों की तस्वीर खींचने से पहले उनकी अनुमति लेना अच्छा शिष्टाचार है। मेले में भीड़ ज्यादा होती है, इसलिए अपने कैमरे और सामान का ध्यान रखें। ठहरने के लिए पुष्कर में हर बजट के विकल्प हैं, लेकिन मेले के दिनों में पहले से बुकिंग कराना समझदारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुष्कर मेला 2026 कब से कब तक चलेगा?

मेले की अनौपचारिक शुरुआत 10 नवंबर से होगी, जबकि पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं 17 नवंबर से 24 नवंबर तक चलेंगी। समापन समारोह 24 नवंबर को होगा।

विदेशी पर्यटकों के लिए फोटोग्राफी प्रतियोगिता में कैसे हिस्सा लें?

प्रतियोगिता के तहत विदेशी पर्यटक मेले के दौरान ऊंटों-घोड़ों के श्रृंगार, राजस्थानी संस्कृति और ग्रामीण जीवन की तस्वीरें खींच सकेंगे। सबसे शानदार फोटोग्राफी का चयन कर विजेता को पुरस्कार दिया जाएगा।

पुष्कर मेले में विदेशी पर्यटकों के लिए और क्या खास है?

21 नवंबर को विदेशी पर्यटकों के लिए पगड़ी बांधने, तिलक और मूंछ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा स्थानीय और विदेशी प्रतिभागियों के बीच फुटबॉल मैच और पारंपरिक खेल भी होंगे।

पुष्कर कैसे पहुंचें?

अजमेर से पुष्कर सिर्फ 14 किलोमीटर दूर है। रेल से अजमेर पहुंचकर टैक्सी या बस से पुष्कर जाया जा सकता है। हवाई मार्ग के लिए किशनगढ़ और जयपुर हवाई अड्डे नजदीकी विकल्प हैं।

स्रोत: News18 हिंदी — पुष्कर मेले में विदेशी पर्यटकों के लिए फोटोग्राफी प्रतियोगिता। मेले का विस्तृत शेड्यूल भी News18 की 3 नवंबर की रिपोर्ट पर आधारित है।

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