चित्तौड़गढ़। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 4 अक्टूबर 2026 को अपने गठन के एक वर्ष पूरे होने से महज तीन दिन पहले एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। टास्क फोर्स ने ‘ऑपरेशन मारामन’ के तहत चित्तौड़गढ़ के जोगिणया माता मंदिर क्षेत्र से 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी निंबाराम उर्फ निमाराम को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार यह गिरफ्तारी ANTF के एक वर्ष के कार्यकाल में 100वें फरार इनामी अपराधी की गिरफ्तारी है। ANTF का गठन 7 अक्टूबर 2025 को हुआ था और 7 अक्टूबर 2026 को इसका एक वर्ष पूरा होने वाला है।
आरोपी निंबाराम पुत्र किशनाराम, निवासी पश्चिमी ढाणी, जाटावास, थाना लोहावट, जिला फलोदी, करीब तीन वर्षों से फरार चल रहा था। चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार निंबाराम के खिलाफ वर्ष 2017 से 2026 तक अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 26 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें NDPS अधिनियम, आर्म्स एक्ट, IPC और BNS की विभिन्न धाराएं तथा आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं।
जोगिणया माता मंदिर के चौक तक चला फिल्मी पीछा
गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। पुलिस महानिरीक्षक ANTF विकास कुमार के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि निंबाराम चित्तौड़गढ़ जिले के जोगिणया माता क्षेत्र में मौजूद है और जोगिणया रिसॉर्ट नामक होटल में तस्करी से संबंधित एक बड़ी बैठक होने वाली है। बताया गया कि आरोपी अपने साथियों के साथ जोधपुर से दो गाड़ियों में जोगिणया माता पहुंचा था। बैठक में मध्य प्रदेश से बड़ी मात्रा में डोडा-पोस्त वाहनों में भरकर मारवाड़ क्षेत्र तक पहुंचाने की योजना पर चर्चा होनी थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए ANTF टीम ने रिसॉर्ट के आसपास घेराबंदी कर दी।
पुलिस के अनुसार, निंबाराम रिसॉर्ट के बाहर अपने साथी से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उसने सफेद रंग की बोलेरो में पुलिस टीम को आते देखा। पुलिस की भनक लगते ही वह होटल के पीछे की ओर जाने लगा और दीवार फांदकर खेतों की तरफ भाग निकला। ANTF टीम ने उसका पीछा किया। आरोपी खेतों के रास्ते पैदल भागता रहा और पुलिस टीम करीब एक से दो किलोमीटर तक उसके पीछे लगी रही।
भागते हुए निंबाराम जोगिणया माता मंदिर के चौक तक पहुंच गया। उस समय नवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही थी और चौक में गवरी नृत्य चल रहा था। आरोपी ने भीड़ का फायदा उठाकर लोगों के बीच छिपने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने मंदिर परिसर में पहुंचकर भीड़ के बीच आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस को देखते ही निंबाराम एक बार फिर भीड़ से निकलकर भागने लगा, लेकिन ANTF टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
तीन साल से फरार था निंबाराम, 26 प्रकरणों का लंबा रिकॉर्ड
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, निंबाराम ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और ट्रक चलाने का काम शुरू किया। इसके बाद उसने कई वर्षों तक मजदूरी भी की। इसी दौरान उसका संपर्क जोधपुर क्षेत्र के कुछ तस्करों से हुआ और धीरे-धीरे वह मादक पदार्थों की तस्करी के अवैध कारोबार से जुड़ गया। पुलिस के मुताबिक, समय के साथ उसके संपर्क बढ़ते गए और वह अलग-अलग लोगों के साथ मिलकर तस्करी के कारोबार में सक्रिय हो गया। उसके खिलाफ बाद में कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए।
प्रेस नोट के अनुसार, मारपीट और झगड़े से जुड़े मामलों में जेल जाने के बाद निंबाराम का संपर्क वहां मौजूद अन्य तस्करों से हुआ। पुलिस का कहना है कि जेल में बने इन संपर्कों के माध्यम से उसने तस्करी के तौर-तरीके सीखे और जमानत पर बाहर आने के बाद फिर डोडा-पोस्त की तस्करी में सक्रिय हो गया। पुलिस के अनुसार, बाद में उसने अपना अलग नेटवर्क तैयार किया और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा।
पुलिस ने आरोपी के वर्ष 2024 के एक मामले का भी उल्लेख किया है। पुलिस के अनुसार, निंबाराम फॉर्च्यूनर वाहन में डोडा-पोस्त लेकर चित्तौड़गढ़ आया था। माल भरने के बाद लौटते समय पारसोली थाना क्षेत्र के बागुंडा बालाजी इलाके में पुलिस ने उसकी गाड़ी की घेराबंदी की। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए निंबाराम फॉर्च्यूनर छोड़कर जंगल की ओर भाग गया था। इसके बाद भी वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा और फरारी के दौरान तस्करी से जुड़ी गतिविधियां जारी रखीं।
3 क्विंटल 16 किलो डोडा-पोस्त ले जाने का खुलासा
प्रेस नोट के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने एक अन्य घटना के बारे में भी जानकारी दी। उसके अनुसार, वह हैरियर वाहन से जावदा-रावतभाटा क्षेत्र गया था और वहां से करीब 3 क्विंटल 16 किलोग्राम डोडा-पोस्त लेकर रवाना हुआ था। आर.के. पुरम थाना क्षेत्र में पुलिस की नाकाबंदी के दौरान वाहन को घेर लिया गया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान निंबाराम अपने साथी तस्कर के साथ वाहन छोड़कर फरार हो गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, निंबाराम के खिलाफ NDPS अधिनियम की धारा 8/15, 8/21 और 8/29 सहित अन्य संबंधित धाराओं, आर्म्स एक्ट की धाराओं तथा हत्या के प्रयास, मारपीट और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आरोपों से जुड़े मामले दर्ज हैं। ये मामले लोहावट, बनाड़, मथानिया, मंडोर, ओसियां, रोहट और चित्तौड़गढ़ सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित बताए गए हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज होना दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं है। प्रत्येक मामले का अंतिम निस्तारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।
एक साल में 100 फरार इनामी अपराधी — ANTF का रिकॉर्ड
कार्रवाई की प्रमुख जानकारी:
- कार्रवाई की तारीख: 4 अक्टूबर 2026
- एजेंसी: एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), राजस्थान
- अभियान: ऑपरेशन मारामन
- गिरफ्तारी स्थल: जोगिणया माता मंदिर क्षेत्र, चित्तौड़गढ़
- आरोपी: निंबाराम उर्फ निमाराम, पुत्र किशनाराम
- निवास: पश्चिमी ढाणी, जाटावास, थाना लोहावट, जिला फलोदी
- घोषित इनाम: 25,000 रुपये (चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक)
- फरारी की अवधि: करीब तीन वर्ष
- कुल आपराधिक प्रकरण: 26 (वर्ष 2017 से 2026 तक)
- ANTF की उपलब्धि: गठन के एक वर्ष के भीतर 100 फरार इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन 7 अक्टूबर 2025 को हुआ था और 7 अक्टूबर 2026 को इसका एक वर्ष पूरा होगा। इससे पहले ही ANTF ने 100 फरार इनामी अपराधियों को गिरफ्तार करने की उपलब्धि हासिल कर ली है। पुलिस महानिरीक्षक ANTF विकास कुमार के अनुसार, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों में प्रदेशभर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस महानिरीक्षक ANTF विकास कुमार ने बताया कि निंबाराम की गिरफ्तारी में शामिल सभी टीमों को ANTF मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने, फरार आरोपियों की तलाश और तस्करी से जुड़ी संपर्कों की पहचान के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आमजन के लिए: तस्करी की सूचना कैसे दें
राजस्थान पुलिस ने आमजन से मादक पदार्थों की तस्करी और अपराधियों से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की अपील की है। इसके लिए ANTF नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर 0141-2502877 और व्हाट्सऐप नंबर 9261225056 जारी किया गया है। पुलिस ने सूचना देने वाले व्यक्ति की गोपनीयता बनाए रखने का आश्वासन दिया है। किसी भी व्यक्ति को अपने आसपास तस्करी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो वह इन नंबरों पर बेझिझक सूचना दे सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. ऑपरेशन मारामन में किसे गिरफ्तार किया गया है?
ANTF ने चित्तौड़गढ़ के जोगिणया माता क्षेत्र से निंबाराम उर्फ निमाराम को गिरफ्तार किया है, जिस पर चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
2. निंबाराम पर क्या-क्या आरोप हैं?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर वर्ष 2017 से 2026 तक 26 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें NDPS अधिनियम, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, मारपीट और आपराधिक षड्यंत्र जैसे मामले शामिल हैं। दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
3. ANTF की 100वीं गिरफ्तारी का क्या महत्व है?
ANTF का गठन 7 अक्टूबर 2025 को हुआ था। एक वर्ष पूरे होने से पहले ही 100 फरार इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
4. तस्करी की सूचना देने के लिए कौन से नंबर हैं?
ANTF नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर 0141-2502877 और व्हाट्सऐप नंबर 9261225056 है। पुलिस ने सूचना देने वाले की गोपनीयता बनाए रखने का आश्वासन दिया है।