राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है। सीकर जिले में 1 नवंबर 2026 से मूंग और मूंगफली की मूंग मूंगफली MSP खरीद शुरू हो रही है — मूंग का समर्थन मूल्य ₹8,780 प्रति क्विंटल और मूंगफली का ₹7,517 प्रति क्विंटल तय किया गया है। लेकिन इस बार सबसे बड़ा बदलाव भाव से नहीं, खरीद के तरीके से जुड़ा है: राज्य के वित्त विभाग ने नया आदेश जारी किया है जिसके तहत खरीद से पहले ऑनलाइन स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा, और खरीद से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया अब पोर्टल के जरिए होगी। आइए समझते हैं कि किसानों के लिए इसका क्या मतलब है और उपज बेचने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
1 नवंबर से खरीद शुरू — मूंग ₹8,780, मूंगफली ₹7,517 प्रति क्विंटल
सीकर जिले में खरीफ सीजन की दो प्रमुख फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद का कार्यक्रम तय हो चुका है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 नवंबर से खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। जिले में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसान अपनी उपज बेच सकेंगे।
सीकर में इस साल खरीफ के दौरान मूंग की करीब 29 हजार हेक्टेयर और मूंगफली की करीब 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। इतनी बड़ी फसल की खरीद को देखते हुए केंद्रों की व्यवस्था सुचारू रखना प्रशासन की बड़ी चुनौती होगी। अच्छी खबर यह है कि इस बार बाजार भाव की तुलना में समर्थन मूल्य अधिक रहने की उम्मीद है।
एक नजर में मुख्य आंकड़े:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| खरीद शुरू होने की तारीख | 1 नवंबर 2026 |
| जिला | सीकर, राजस्थान |
| मूंग का MSP | ₹8,780 प्रति क्विंटल |
| मूंगफली का MSP | ₹7,517 प्रति क्विंटल |
| सीकर में मूंग की बुवाई | करीब 29 हजार हेक्टेयर |
| सीकर में मूंगफली की बुवाई | करीब 27 हजार हेक्टेयर |
| खरीद केंद्र | क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से |
खरीद और भुगतान का बदला नियम — अब सब कुछ ऑनलाइन
इस बार की मूंग मूंगफली MSP खरीद में सबसे अहम बदलाव प्रक्रिया में हुआ है। वित्त विभाग के नए आदेश के अनुसार, अब खरीद से पहले ऑनलाइन स्वीकृति लेना जरूरी होगा। स्वीकृति मिलने के बाद ही संबंधित खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
नए नियम की मुख्य बातें:
- पोर्टल पर प्रस्ताव दर्ज होगा — खरीद शुरू करने से पहले संबंधित प्रस्ताव ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
- बिना मंजूरी खरीद नहीं — स्वीकृति के बाद ही खरीद आगे बढ़ेगी, जिससे बिना मंजूरी खरीद शुरू करने की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी।
- भुगतान की मंजूरी भी ऑनलाइन — खरीद पूरी होने के बाद भुगतान की मंजूरी भी ऑनलाइन पोर्टल से होगी।
- व्यापक दायरा — यह नियम सामान खरीदने, वाहन खरीदने या किराये पर लेने और मशीनों के साथ कर्मचारी रखने जैसे कार्यों पर भी लागू होगा।
पहले खरीद के प्रस्ताव फाइलों से एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक पहुंचते थे, जिसमें काफी समय लगता था। अब पोर्टल पर साफ नजर आएगा कि प्रस्ताव किस अधिकारी के पास लंबित है, जिससे जिम्मेदारी तय करना और अनावश्यक देरी रोकना आसान होगा।
किसानों को क्या फायदा — देरी कम, पारदर्शिता ज्यादा
नई व्यवस्था का सीधा फायदा उन किसानों तक पहुंचेगा जो हर साल खरीद केंद्रों पर लंबी प्रक्रिया से परेशान होते हैं। क्रय-विक्रय सहकारी समिति के प्रभारी रामेश्वर एचरा के अनुसार, नई व्यवस्था से समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस बार बाजार भाव की तुलना में समर्थन मूल्य अधिक होने से किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
- समयबद्ध भुगतान की उम्मीद — प्रस्ताव से लेकर भुगतान तक का पूरा रिकॉर्ड पोर्टल पर रहेगा, इसलिए भुगतान में देरी पर नजर रखी जा सकेगी।
- फाइलों के चक्कर खत्म — कागजी फाइलों के पीछे भागने की जरूरत नहीं होगी।
- खर्च की पारदर्शी निगरानी — मांगी गई राशि और स्वीकृति का रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा, जिससे जांच आसान होगी।
साथ ही नियम-विरुद्ध खरीद पर लगाम लगेगी, क्योंकि ऑनलाइन मंजूरी अनिवार्य होने से अनावश्यक खर्च की आशंका कम होगी।
हालांकि व्यवस्था का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब अधिकारी समय पर ऑनलाइन प्रस्तावों पर कार्रवाई करेंगे और पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज करेंगे।
खरीद केंद्रों की तैयारी और उपज बेचने से पहले जरूरी बातें
सीकर में इतनी बड़ी खरीद के लिए प्रशासन ने क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर नई ऑनलाइन व्यवस्था का असर सीधे दिखेगा, क्योंकि प्रस्तावों की मंजूरी से लेकर भुगतान तक हर चरण पोर्टल पर होगा।
राजस्थान में खरीफ की MSP खरीद इस साल खास नजरों में है — राजफेड ने 810 क्रय केंद्रों को पहले ही स्वीकृति दे दी है, और खाद की उपलब्धता व कालाबाजारी पर भी राज्य स्तरीय समीक्षा हो चुकी है। ऑनलाइन खरीद-नियम उसी तैयारी की अगली कड़ी है।
अगर आप सीकर के किसान हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें: तारीख नोट कर लें — खरीद 1 नवंबर से शुरू हो रही है, उससे पहले नजदीकी खरीद केंद्र की जानकारी समिति से लें। भाव की तुलना करें — मंडी भाव और MSP दोनों पर नजर रखें; MSP अधिक होने पर सरकारी केंद्र पर बेचना फायदेमंद रहेगा। नए नियम को समझें — खरीद अब ऑनलाइन मंजूरी के बाद ही होगी, इसलिए केंद्र पर प्रक्रिया में बदलाव दिख सकता है, पर भुगतान में देरी कम होने की उम्मीद है। समिति से संपर्क रखें — प्रक्रिया की जानकारी खरीद से पहले ही ले लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: सीकर में मूंग-मूंगफली की MSP खरीद कब से शुरू हो रही है?
उत्तर: 1 नवंबर 2026 से। सीकर में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसान अपनी उपज बेच सकेंगे।
प्रश्न 2: इस बार मूंग और मूंगफली का समर्थन मूल्य क्या है?
उत्तर: मूंग ₹8,780 प्रति क्विंटल और मूंगफली ₹7,517 प्रति क्विंटल। बाजार भाव से अधिक MSP रहने पर किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
प्रश्न 3: खरीद-भुगतान की प्रक्रिया में क्या नया बदलाव हुआ है?
उत्तर: अब खरीद से पहले ऑनलाइन स्वीकृति अनिवार्य होगी — प्रस्ताव पोर्टल पर दर्ज होगा, स्वीकृति के बाद ही खरीद आगे बढ़ेगी और भुगतान की मंजूरी भी ऑनलाइन होगी।
प्रश्न 4: नई ऑनलाइन व्यवस्था से किसानों को क्या फायदा होगा?
उत्तर: प्रस्तावों की स्थिति ऑनलाइन दिखेगी, फाइलों से होने वाली देरी कम होगी, खर्च की निगरानी पारदर्शी होगी और भुगतान समय पर मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
स्रोत: News18 Hindi – राजस्थान में MSP खरीद-भुगतान के नियम बदले, ऑनलाइन स्वीकृति अनिवार्य