जयपुर सेवा सेतु अभियान: एक ही दिन में 59 प्रमाणपत्र तत्काल जारी, मकान का नामांतरण पत्र भी हाथों-हाथ मिला

जयपुर नगर निगम के जयपुर सेवा सेतु अभियान में सोमवार को राहत का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की थी। जगतपुरा और झालाना जोन में लगे शिविरों में जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन के 59 प्रमाणपत्र तत्काल जारी कर दिए गए, जनआधार के 50 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण हुआ और एक मकान के नामांतरण का आवेदन कुछ ही घंटों में स्वीकृत होकर आवेदक के हाथ में था।

करीमनगर निवासी जहबुद्दीन खान ने जगतपुरा जोन के शिविर में अपने मकान के नाम हस्तांतरण के लिए आवेदन किया था। आमतौर पर ऐसे मामलों में हफ्तों-महीनों की दौड़ लगती है, लेकिन शिविर में अधिकारियों ने आवेदन के कुछ ही समय बाद उन्हें नामांतरण पत्र सौंप दिया। यही इस अभियान की असली पहचान बनती जा रही है — कागज पर नहीं, मौके पर राहत।

सोमवार को जगतपुरा और झालाना जोन में क्या-क्या हुआ

राज्य सरकार के निर्देश पर नगर निगम जयपुर की ओर से आयोजित सेवा सेतु अभियान 2026 के तहत सोमवार को दो जोन कार्यालयों — जगतपुरा और झालाना — में शिविर लगे। इन शिविरों में जिन सेवाओं से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण किया गया, उनमें शामिल थे:

  • जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन के प्रमाणपत्र
  • जनआधार से जुड़े प्रकरण
  • मकान का नाम हस्तांतरण (नामांतरण)
  • सफाई, सड़क मरम्मत और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी शिकायतें
  • नाली और सीवर लाइन की मरम्मत
  • ट्रेड लाइसेंस और फायर एनओसी
  • पट्टे और भवन निर्माण स्वीकृति
  • यूडी टैक्स से जुड़े मामले

केवल एक दिन के शिविरों में 59 प्रमाणपत्रों का तत्काल जारी होना और जनआधार के 50 मामलों का निस्तारण इस बात का संकेत है कि अभियान का दायरा सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं है।

जयपुर सेवा सेतु अभियान: जोनवार शिविर कार्यक्रम (16 अक्टूबर तक)

अभियान 7 अक्टूबर से शुरू हुआ था और 16 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। नगर निगम ने जोनवार शिविरों का कार्यक्रम पहले से जारी कर रखा है, ताकि नागरिक अपने जोन की तारीख पर पहुंचकर लाभ उठा सकें।

तारीखजोन कार्यालय जहां शिविर लगेगा/लगा
9 अक्टूबर (शुक्रवार)विद्याधर नगर और मुरलीपुरा जोन
12 अक्टूबर (सोमवार)जगतपुरा और झालाना जोन
13 अक्टूबर (मंगलवार)झोटवाड़ा और वैशाली नगर जोन
14 अक्टूबर (बुधवार)मालवीय नगर जोन
15 अक्टूबर (गुरुवार)किशनपोल और हवामहल-आमेर जोन
16 अक्टूबर (शुक्रवार)आदर्श नगर और सिविल लाइंस जोन

जिन जोनों में शिविर हो चुके हैं, वहां आवेदनों का निस्तारण जारी है; जिनमें बाकी हैं, वहां के निवासी दस्तावेज तैयार करके पहुंचें।

किन-किन कामों का होगा निस्तारण: पूरी सूची

शिविरों में नगर निगम से जुड़ी लगभग हर प्रमुख नागरिक सेवा का काउंटर लगाया जा रहा है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार इन सेवाओं से जुड़े प्रकरणों पर कार्रवाई हो रही है:

पट्टा और भूमि संबंधी मामले: अनुमोदित योजनाओं के पट्टे, 69-ए, 54-ई, 50-बी और 60-सी के तहत पट्टे, उपविभाजन-पुनर्गठन, भू-उपयोग परिवर्तन, नामांतरण, लीज मुक्ति प्रमाणपत्र, लीज डीड से फ्री होल्ड पट्टे और भवन निर्माण स्वीकृति।

प्रमाणपत्र और पंजीयन: जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन, जनआधार, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र।

लाइसेंस और एनओसी: ट्रेड लाइसेंस, साइनेज लाइसेंस, फायर एनओसी, सीवर कनेक्शन, ओएफसी-मोबाइल टावर एनओसी।

बुनियादी सुविधाएं: सफाई, सीसी/डामर सड़क मरम्मत और पेच वर्क, स्ट्रीट लाइट, नालियों और फेरोकवर-मैनहॉल की मरम्मत, सीवर लाइन लीकेज मरम्मत, आवारा पशु पकड़ना, सार्वजनिक स्थलों का रख-रखाव।

कल्याणकारी योजनाएं: विभिन्न राजकीय विभागों की फ्लैगशिप जनहित योजनाओं के तहत आवेदन प्राप्त करना और स्वीकृति जारी करना — इनमें अटल पेंशन योजना, वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

उदयपुर में इसी अभियान के तहत पहले ही दिन 223 आवेदन दर्ज हुए थे और 69 प्रमाणपत्र हाथों-हाथ जारी किए गए थे — उदयपुर नगर निगम सेवा सेतु शिविर की पूरी खबर यहां पढ़ें। भीलवाड़ा में नगर विकास न्यास (UIT) के शिविरों में पट्टा और नामांतरण के प्रकरणों का मौके पर निस्तारण हो रहा है — भीलवाड़ा यूआईटी सेवा सेतु शिविर की जानकारी यहां देखें।

शिविर में जाएं तो क्या लेकर जाएं: जरूरी तैयारी

शिविर का पूरा फायदा उठाने के लिए पहले से तैयारी करके जाना सबसे अच्छा रहता है। इन बातों का ध्यान रखें:

  1. अपने जोन की तारीख नोट करें: ऊपर दी गई तालिका से देखें कि आपके क्षेत्र के जोन कार्यालय में शिविर किस दिन लगेगा।
  2. मूल दस्तावेज और फोटोकॉपी साथ रखें: प्रमाणपत्रों के लिए संबंधित पंजीयन दस्तावेज, जनआधार कार्ड, नामांतरण के लिए संपत्ति के कागजात, पट्टे के लिए आवंटन संबंधी दस्तावेज।
  3. आवेदन की प्रति संभालकर रखें: शिविर में आवेदन देने के बाद मिलने वाली रसीद या प्रति को संभालकर रखें, ताकि बाद में स्थिति पूछी जा सके।
  4. एक से ज्यादा काम एक साथ निपटाएं: एक ही परिसर में कई विभागों के काउंटर होते हैं — प्रमाणपत्र, जनआधार और सफाई-शिकायत जैसे काम एक ही दौरे में पूरे किए जा सकते हैं।

पूरे प्रदेश में चल रहा है सेवा सेतु अभियान

जयपुर नगर निगम के ये शिविर राज्यव्यापी सेवा सेतु अभियान 2026 का हिस्सा हैं। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों और नगर विकास न्यासों के माध्यम से 7 से 16 अक्टूबर के बीच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की बजाय एक ही जगह पर योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल सके।

सोमवार के शिविरों के आंकड़े बताते हैं कि जब तंत्र मौके पर उतरता है, तो महीनों अटके काम घंटों में पूरे हो सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: जयपुर में सेवा सेतु शिविर में जाने के लिए पहले से आवेदन करना जरूरी है?

उत्तर: नहीं। शिविर संबंधित जोन कार्यालय में आयोजित होते हैं और नागरिक अपने जोन की निर्धारित तारीख को सीधे पहुंचकर आवेदन दे सकते हैं।

प्रश्न: क्या नामांतरण और पट्टे जैसे मामलों में मौके पर ही स्वीकृति मिल जाएगी?

उत्तर: जिन मामलों के दस्तावेज पूरे होते हैं, उनका निस्तारण शिविर में ही करने का प्रयास किया जाता है — जैसा कि जगतपुरा जोन में नामांतरण पत्र के मामले में हुआ। दस्तावेज अधूरे होने पर अधिकारी आगे की प्रक्रिया बता देते हैं।

प्रश्न: प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कोई शुल्क देना होगा?

उत्तर: संबंधित सेवा के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क ही लागू होता है। शिविर में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।

प्रश्न: अगर मेरे जोन का शिविर छूट गया तो क्या होगा?

उत्तर: अभियान 16 अक्टूबर तक चलेगा। अपने जोन कार्यालय से संपर्क करके जानकारी ली जा सकती है, और नियमित प्रक्रिया के तहत संबंधित विभाग में आवेदन भी किया जा सकता है।

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