भीलवाड़ा। अगर आपका पट्टा, नामांतरण या भवन निर्माण की स्वीकृति का काम नगर विकास न्यास (UIT) में महीनों से अटका है, तो आपके लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार के ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत भीलवाड़ा यूआईटी में 7 से 16 अक्टूबर तक विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में नागरिकों के प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा, ताकि आमजन को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
नगर विकास न्यास के सचिव रविंद्र गौरव सालुखे ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को विभिन्न सेवाएं सुलभ कराना और उनसे जुड़े लंबित प्रकरणों का मौके पर समाधान करना है। शिविर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे। सचिव ने आमजन से अपील की है कि निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन करके राज्य सरकार द्वारा दी जा रही छूट और शिथिलताओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
सबसे बड़ा फायदा: अब फाइलों के चक्कर नहीं
ज्यादातर लोगों की शिकायत होती है कि पट्टे, नामांतरण या लीज से जुड़ी फाइलें दफ्तरों में महीनों फंसी रहती हैं। इस शिविर में यही सबसे बड़ा बदलाव है — संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी खुद शिविर स्थल पर मौजूद रहेंगे और पात्र प्रकरणों का उसी दिन निपटारा करने का प्रयास करेंगे। जिन प्रकरणों में कोई तकनीकी कमी होगी, उन्हें भी मौके पर ही बता दिया जाएगा ताकि आवेदक आवश्यक कागजात के साथ दोबारा आ सकें।
यह पहल ‘शहरी सेवा शिविर 2026’ की कड़ी में ही है, जिसमें पहले से दी जा रही शिथिलताएं और छूट यथावत लागू रहेंगी। यानी जिन लोगों को पुराने शिविरों में किसी वजह से लाभ नहीं मिल पाया था, उनके लिए यह एक और मौका है।
इन सेवाओं का मिलेगा मौके पर लाभ
शिविरों में मुख्य रूप से शहरी भूमि और भवन से जुड़े इन प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा:
| सेवा | किसके लिए उपयोगी है |
|---|---|
| स्वीकृत योजनाओं के पट्टे | जिनके प्लॉट का पट्टा अब तक जारी नहीं हुआ |
| उपविभाजन एवं पुनर्गठन | प्लॉट के बंटवारे या नए सर्वे से जुड़े मामले |
| भू-उपयोग परिवर्तन | भूमि के उपयोग बदलने की अनुमति चाहिए |
| नामांतरण | खरीद-फरोख्त के बाद नाम चढ़वाना बाकी है |
| लीज मुक्ति प्रमाण पत्र | लीज शर्तों से मुक्ति का प्रमाण चाहिए |
| भवन निर्माण स्वीकृति | नया निर्माण शुरू करने की अनुमति |
| लीज होल्ड से फ्री होल्ड | पट्टे को स्थायी स्वामित्व में बदलना |
इनके अलावा सीसी और डामर सड़कों की मरम्मत-पेचवर्क, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, चौराहों, डिवाइडरों, पार्कों, सामुदायिक केंद्रों और रैन बसेरों के रखरखाव व सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य भी शिविर अवधि के दौरान कराए जाएंगे। यानी यह शिविर सिर्फ कागजी काम नहीं, शहर के चेहरे-मोहरे को सुधारने वाला अभियान भी है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, कौन से कागजात रखें तैयार
नगर विकास न्यास सचिव ने स्पष्ट किया है कि लाभ उठाने के लिए निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है। शिविर में जाने से पहले ये कागजात संभालकर रखें: भूखण्ड या भवन से जुड़े स्वामित्व दस्तावेज (पट्टा, रजिस्ट्री, आवंटन पत्र); पहचान पत्र (आधार कार्ड) और निवास प्रमाण; संबंधित प्रकरण की पुरानी फाइल या आवेदन की प्रति; नामांतरण के मामले में बिक्री दस्तावेज और बकाया शुल्क की रसीदें।
सुझाव यह है कि शिविर के पहले 2-3 दिन में भीड़ अधिक रहती है, इसलिए अपने प्रकरण से जुड़े सारे कागजात की एक फोटो कॉपी सेट अलग से बनाकर रखें, ताकि मौके पर दस्तावेज जमा करने में देरी न हो।
‘सेवा सेतु अभियान’ क्या है?
‘सेवा सेतु, सरकार आपके द्वार’ अभियान का मूल विचार एक ही है — सरकारी सेवाएं और योजनाएं नागरिकों तक पहुंचें, नागरिक सेवाओं तक न भटकें। इसी अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 19 से 25 सितंबर तक और शहरी क्षेत्रों में 8 से 16 अक्टूबर तक शिविरों का कार्यक्रम तय किया गया है। भीलवाड़ा में यूआईटी का यह शिविर 7 अक्टूबर से शुरू होकर 16 अक्टूबर तक चलेगा।
अभियान के दौरान आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया जाता है। जिला प्रशासन ने नगरीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया को देखते हुए आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: भीलवाड़ा यूआईटी का सेवा सेतु शिविर कब और कितने बजे लगेगा?
उत्तर: 7 से 16 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक शिविर संचालित होंगे।
प्रश्न: क्या बिना ऑनलाइन आवेदन के शिविर में काम हो जाएगा?
उत्तर: नगर विकास न्यास ने निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। ऑनलाइन आवेदन होने पर प्रकरण का निस्तारण तेज होता है, इसलिए पहले से आवेदन करके जाना बेहतर रहेगा।
प्रश्न: लीज होल्ड से फ्री होल्ड कराने में क्या फायदा है?
उत्तर: फ्री होल्ड होने पर भूखण्ड का पूर्ण स्वामित्व धारक के पास आ जाता है, जिससे आगे बिक्री, ऋण या निर्माण में कोई बाधा नहीं रहती। यह सेवा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी।
प्रश्न: अगर मेरा प्रकरण शिविर में पूरा नहीं हुआ तो क्या होगा?
उत्तर: जिन प्रकरणों में दस्तावेजी कमी होगी, उसकी जानकारी मौके पर दे दी जाएगी। शेष प्रकरण नियमित प्रक्रिया के तहत न्यास कार्यालय में निपटाए जाएंगे।
निष्कर्ष
भीलवाड़ा के शहरी नागरिकों के लिए 7 से 16 अक्टूबर का यह शिविर जमीन-जायदाद से जुड़े पुराने अटके काम निपटाने का सुनहरा अवसर है। पट्टा, नामांतरण, फ्री होल्ड जैसी सेवाओं के साथ-साथ सड़क, स्ट्रीट लाइट और पार्कों के रखरखाव के काम भी इसी दौरान होंगे। सलाह यही है कि कागजात तैयार करके तय तिथियों में शिविर का लाभ जरूर उठाएं और राज्य सरकार की छूट-शिथिलताओं का फायदा न गंवाएं।