जयपुर मुहाना थाना कांड: थाने लाए गए युवक रीतुराज की अस्पताल में मौत, परिवार ने लगाए मारपीट के आरोप — न्यायिक जांच के आदेश, मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

जयपुर मुहाना थाना कांड: थाने लाए गए युवक रीतुराज की अस्पताल में मौत, परिवार ने लगाए मारपीट के आरोप — न्यायिक जांच के आदेश, मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने में पूछताछ के लिए लाए गए 19 वर्षीय रीतुराज लोहार की करीब 13 दिन तक अस्पताल में इलाज के बाद सोमवार (5 अक्टूबर) को मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस हिरासत में मारपीट की गई; पुलिस ने आरोप नकारे हैं। पूरे मामले की न्यायिक जांच हो रही है और राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर व जिला कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है।

मौत के बाद हड़कंप: शव लेने से इनकार, फिर न्यायिक जांच पर बनी सहमति

परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने और शव लेने से इनकार कर दिया। मांग थी कि कथित मारपीट में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो, परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले और मुआवजा दिया जाए। समझाइश के बाद परिवार न्यायिक जांच पर सहमत हुआ। फिर पोस्टमार्टम हुआ और शव सुपुर्द कर दिया गया। मंगलवार को परिवार शव लेकर मंदसौर रवाना हो गया।

परिवार का आरोप: थाने में अवैध हिरासत और मारपीट, पुलिस बोली — होटल में हुआ था विवाद

मृतक की मां हेमा का कहना है कि 22 सितंबर को रीतुराज को मुहाना थाने लाया गया था और वहां तीन पुलिसकर्मियों ने उसे अवैध हिरासत में रखकर मारपीट की। परिवार के मुताबिक, अस्पताल बुलाने पर पुलिस ने बताया कि रीतुराज को सांप ने काट लिया है और एंटी-वेनम के करीब 10 इंजेक्शन लगवाए गए। लेकिन नारायणा और सवाई मानसिंह अस्पताल में सीटी स्कैन में सिर में चोट मिली — इसके बाद परिवार ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए।

वहीं, मुहाना थानाधिकारी मुकेश कुमार खराड़िया ने मारपीट के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि रीतुराज के साथ एक होटल में कुछ लोगों ने मारपीट की थी — इसे लेकर मां ने खुद मुकदमा दर्ज करवाया था। थानाधिकारी के मुताबिक, 22 सितंबर को मनोज और उसके साथी ऋतुराज को थाने लेकर आए थे, तभी तबीयत बिगड़ी। पुलिस का यह भी कहना है कि पूछताछ के दौरान रीतुराज ने उल्टी की थी।

पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन: 17 सितंबर से 6 अक्टूबर तक क्या-क्या हुआ

तारीख घटनाक्रम
17 सितंबर रीतुराज के पिता प्रकाश लोहार दुबई से जयपुर लौटे (परिवार के मुताबिक, एयरपोर्ट के बाहर तलाशी भी हुई)
20 सितंबर मां हेमा के अनुसार, बेटे रीतुराज को मंदसौर से जयपुर बुलाया गया
22 सितंबर भीलवाड़ा के मनोज ने मुहाना थाने में प्रकाश लोहार के खिलाफ शिकायत दी — दुबई से सस्ता सोना लाने के नाम पर 22 लाख रुपये लेने का आरोप; सुबह करीब 10:30 बजे कुछ लोगों को थाने बुलाया गया, दोपहर 12 बजे रीतुराज को भी थाने लाया गया
22 सितंबर (दोपहर ~3:30) संतरी की नजर पड़ी तो रीतुराज बेसुध हालत में मिला; अस्पताल ले जाया गया
22 सितंबर – 5 अक्टूबर लकी अस्पताल (मुहाना), फिर नारायणा अस्पताल और आखिर में सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज; वेंटिलेटर पर रहा; दोनों निजी अस्पतालों का करीब 98,500 रुपये का खर्च पुलिस ने चुकाया (परिवार के दावे के अनुसार)
5 अक्टूबर (सोमवार) इलाज के दौरान रीतुराज की मौत
6 अक्टूबर (मंगलवार) परिवार ने पहले शव लेने से इनकार किया, फिर न्यायिक जांच पर सहमति के बाद पोस्टमार्टम और शव सुपुर्दगी; शव मंदसौर रवाना
7 अक्टूबर मानवाधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर और जिला कलेक्टर को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी

22 लाख रुपये और सोने का विवाद: मामले की पृष्ठभूमि क्या है

पुलिस के मुताबिक रीतुराज के पिता प्रकाश लोहार दुबई में काम करते हैं। मनोज, लोकेंद्र और महेश (भीलवाड़ा निवासी) की शिकायत थी कि प्रकाश ने दुबई से सस्ता सोना लाने के नाम पर 22 लाख रुपये लिए थे। विवाद बढ़ने पर प्रकाश को जयपुर के एक होटल में बुलाया गया और थानाधिकारी के मुताबिक वह 21 सितंबर को होटल से भाग गया। परिवार के मुताबिक इसी विवाद के सिलसिले में रीतुराज को थाने बुलाया गया था।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आयोग का नोटिस

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया कि युवक की मौत पुलिस हिरासत में हुई और पुलिस की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों पर कार्रवाई और परिवार को न्याय न मिला तो कांग्रेस आंदोलन करेगी। वहीं, राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने जयपुर पुलिस कमिश्नर और जिला कलेक्टर को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है और किसी आईपीएस अधिकारी से जांच कराने की बात कही है।

आगे क्या होगा: पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच तय करेंगी दिशा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का वास्तविक कारण पता चलेगा — यही परिवार के आरोप और पुलिस के दावे, दोनों की कसौटी होगी। न्यायिक जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि 22 सितंबर को दोपहर 12 से 3:30 बजे के बीच थाने में क्या हुआ था। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव और बढ़ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: रीतुराज लोहार कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
उत्तर: रीतुराज मंदसौर (मध्यप्रदेश) के 19 वर्षीय युवक थे। 22 सितंबर को उन्हें जयपुर के मुहाना थाने में पूछताछ के लिए लाया गया था, जहां तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल भर्ती कराया गया। करीब 13 दिन इलाज के बाद 5 अक्टूबर को मौत हो गई। मौत के कारण पर परिवार और पुलिस के दावे अलग-अलग हैं।

प्रश्न: परिवार ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
उत्तर: मां हेमा का आरोप है कि थाने में तीन पुलिसकर्मियों ने रीतुराज को अवैध हिरासत में रखकर मारपीट की। परिवार का कहना है कि पुलिस ने सांप काटने की कहानी बताकर मामला छिपाने की कोशिश की, जबकि सीटी स्कैन में सिर में चोट मिली। मां के मुताबिक उन पर 10 लाख रुपये लेकर समझौते का दबाव भी बनाया गया।

प्रश्न: पुलिस का पक्ष क्या है?
उत्तर: मुहाना थानाधिकारी मुकेश कुमार खराड़िया ने मारपीट के आरोपों को नकारा है। पुलिस का कहना है कि रीतुराज के साथ होटल में कुछ लोगों ने मारपीट की थी, और थाने लाए जाने के समय से ही उसकी तबीयत खराब थी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने उल्टी की थी, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रश्न: मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
उत्तर: पूरे मामले की न्यायिक जांच हो रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर और जिला कलेक्टर को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है।

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