राजस्थान को मिली 3 नई ट्रेनों की सौगात: भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस समेत हरिद्वार-ओखा और वेरावल एक्सप्रेस को हरी झंडी

जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और अलवर के लाखों रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रेलवे ने राजस्थान से होकर गुजरने वाली तीन नई ट्रेनों के परिचालन को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आग्रह पर इन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई है। इनमें आधुनिक सुविधाओं से लैस भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस के साथ-साथ हरिद्वार-ओखा एक्सप्रेस और हरिद्वार-वेरावल एक्सप्रेस शामिल हैं।

तीनों ही ट्रेनें राजस्थान के प्रमुख शहरों से होकर गुजरेंगी, जिससे राज्य का सीधा संपर्क गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तर भारत के कई प्रमुख धार्मिक व व्यापारिक स्थलों से जुड़ जाएगा। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले आम यात्रियों के लिए यह फैसला राहत की बड़ी खबर है, क्योंकि इनमें से कई रूटों पर सीधी ट्रेन सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही थी।

एक नजर में: तीनों नई ट्रेनें

ट्रेन का नामकहां से कहां तकराजस्थान में मुख्य ठहरावकिन राज्यों से जुड़ाव
भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस (19427/19428)भुज (गुजरात) से बरौनी (बिहार)कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुरगुजरात, राजस्थान, यूपी, बिहार
हरिद्वार-ओखा एक्सप्रेस (14328/14327)हरिद्वार (उत्तराखंड) से ओखा (गुजरात)अलवर, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, आबू रोडउत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात
हरिद्वार-वेरावल एक्सप्रेस (14326/14325)हरिद्वार (उत्तराखंड) से वेरावल (गुजरात)अलवर, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, आबू रोडउत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात

भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस: 2,532 किलोमीटर का सफर

इन तीनों में सबसे ज्यादा चर्चा भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस की है। यह ‘पुश-पुल’ तकनीक पर आधारित गैर-एसी स्लीपर और सामान्य श्रेणी वाली ट्रेन है, जो कम किराये में तेज और आरामदायक सफर का वादा करती है।

ट्रेन संख्या 19427 भुज से शाम 5:30 बजे रवाना होगी और करीब 2,532 किलोमीटर का लंबा सफर 58 घंटे 35 मिनट में तय करके चौथे दिन सुबह 4:05 बजे बरौनी पहुंचेगी। यह सेवा सोमवार, बुधवार और शनिवार को चलेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 19428 बरौनी से रात 11:55 बजे चलेगी और चौथे दिन दोपहर 1:15 बजे भुज पहुंचेगी, जो मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी।

राजस्थान में इस ट्रेन का सीधा फायदा कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी और भरतपुर के यात्रियों को मिलेगा। इस रूट पर ट्रेन चलने से व्यापारिक और आम यात्रियों दोनों को फायदा होगा, क्योंकि राजस्थान का संपर्क सीधे गुजरात के भुज और बिहार के बरौनी जैसे बड़े केंद्रों से जुड़ जाएगा। रास्ते में उत्तर प्रदेश और बिहार के मथुरा, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर, गोंडा, गोरखपुर, सिवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन भी पड़ेंगे।

तीर्थ यात्रियों के लिए दो बड़ी राहत: हरिद्वार-ओखा और वेरावल एक्सप्रेस

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी दो महत्वपूर्ण ट्रेनों को मंजूरी मिली है। हरिद्वार-ओखा एक्सप्रेस और हरिद्वार-वेरावल एक्सप्रेस उत्तराखंड के धार्मिक केंद्र हरिद्वार को गुजरात के तटीय और धार्मिक स्थलों — द्वारका (ओखा) और सोमनाथ (वेरावल) — से जोड़ेगी।

ये दोनों ट्रेनें राजस्थान के मध्य हिस्से से होकर गुजरेंगी — अलवर, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर और आबू रोड के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। किशनगढ़-अजमेर मार्ग से संचालन को मंजूरी मिलने से ‘मार्बल सिटी’ किशनगढ़ के व्यापारियों और अजमेर-पुष्कर आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। राजस्थान के श्रद्धालुओं को तीर्थ स्थल जाने और लंबी दूरी की यात्रा करने में अब बहुत आसानी होगी।

अमृत भारत एक्सप्रेस क्या है?

अमृत भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की आधुनिक ट्रेनों में से एक है, जो आम यात्रियों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। इसमें नॉन-एसी स्लीपर और जनरल कोच होते हैं, इसलिए किराया राजधानी या शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों से काफी कम रहता है। पुश-पुल तकनीक की वजह से ट्रेन के दोनों सिरों पर इंजन लगे होते हैं, जिससे गति तेज होती है और यात्रा का समय कम लगता है। भुज-बरौनी जैसे 2,500 किलोमीटर से ज्यादा लंबे रूट पर यह सुविधा खास तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए वरदान साबित हो सकती है।

राजस्थान के यात्रियों को क्या-क्या फायदा होगा?

सीधी कनेक्टिविटी: पहले जिन शहरों तक पहुंचने के लिए ट्रेन बदलनी पड़ती थी, वहां अब सीधी यात्रा संभव होगी।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: हरिद्वार से द्वारका और सोमनाथ तक सीधी ट्रेन से राजस्थान के श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी, और अजमेर-पुष्कर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या भी बढ़ सकती है।

व्यापार को रफ्तार: किशनगढ़ के मार्बल कारोबार और कोटा-भरतपुर बेल्ट के व्यापारियों के लिए माल और आवाजाही दोनों आसान होंगे।

कम किराया: अमृत भारत एक्सप्रेस गैर-एसी श्रेणी की है, इसलिए लंबी दूरी का सफर जेब पर भारी नहीं पड़ेगा।

केंद्र-राज्य समन्वय का नतीजा

राज्य सरकार का कहना है कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं के निरंतर विस्तार पर उसका मुख्य फोकस है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहे हैं, ताकि राजस्थान के हिस्से में अधिक से अधिक रेल सुविधाएं आ सकें। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से तीनों ट्रेनों की स्वीकृति को इसी सकारात्मक समन्वय का नतीजा बताया जा रहा है। लंबे समय से आम जनता सुगम यातायात की मांग कर रही थी, जिसे अब प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रेनों के नियमित संचालन से प्रदेश के अंदर और बाहर क्षेत्रीय संपर्क काफी सुदृढ़ होगा। यातायात के सुगम साधन किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी होते हैं। राज्य सरकार आने वाले समय में रेलवे के सहयोग से और भी कई नई यात्री सुविधाओं के विकास की दिशा में काम कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: राजस्थान को कौन-कौन सी तीन नई ट्रेनें मिली हैं?

उत्तर: भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस (19427/19428), हरिद्वार-ओखा एक्सप्रेस (14328/14327) और हरिद्वार-वेरावल एक्सप्रेस (14326/14325)। तीनों ट्रेनों को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंजूरी दी है।

प्रश्न 2: इन ट्रेनों से राजस्थान के किन शहरों को फायदा होगा?

उत्तर: कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर (अमृत भारत एक्सप्रेस) तथा अलवर, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, आबू रोड (हरिद्वार-ओखा और वेरावल एक्सप्रेस) के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

प्रश्न 3: भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस कब और कितनी बार चलेगी?

उत्तर: भुज से बरौनी की ओर यह ट्रेन सोमवार, बुधवार और शनिवार को शाम 5:30 बजे चलेगी। बरौनी से भुज की ओर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को रात 11:55 बजे रवाना होगी।

प्रश्न 4: अमृत भारत एक्सप्रेस की खासियत क्या है?

उत्तर: यह पुश-पुल तकनीक वाली आधुनिक ट्रेन है, जिसमें नॉन-एसी स्लीपर और जनरल कोच होते हैं। इसका किराया प्रीमियम ट्रेनों से कम रहता है, जिससे आम यात्री लंबी दूरी का सफर आराम से कर सकते हैं।

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