राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि), सीपीएफ (कंट्रीब्यूटरी प्रॉविडेंट फंड) और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के खातों में जमा राशि पर अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक की तिमाही के लिए राजस्थान GPF ब्याज दर 7.1 प्रतिशत सालाना तय कर दी है। यह दर 1 अक्टूबर से लागू होकर 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। कर्मचारियों को इसके लिए कोई आवेदन नहीं करना है — ब्याज अपने आप खाते में जुड़ता है।
राजस्थान GPF ब्याज दर: आपके खाते में कितना ब्याज जुड़ेगा
7.1 प्रतिशत सालाना दर सुनने में एक अंक जैसा लगता है, लेकिन इसके मायने आपके खाते की रकम के हिसाब से काफी बड़े हैं। ध्यान रहे — यह दर पूरे खाते में जमा कुल राशि पर लागू होती है, सिर्फ इस तिमाही में कटी गई नई रकम पर नहीं।
मोटा हिसाब इस तरह बनेगा:
| खाते में जमा राशि | तिमाही ब्याज (लगभग) | पूरे साल की दर से ब्याज |
|---|---|---|
| 1 लाख रुपये | 1,775 रुपये | 7,100 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 3,550 रुपये | 14,200 रुपये |
| 5 लाख रुपये | 8,875 रुपये | 35,500 रुपये |
| 10 लाख रुपये | 17,750 रुपये | 71,000 रुपये |
यह गणना सीधे 7.1 प्रतिशत सालाना दर पर आधारित है। असल ब्याज खाते के मासिक बैलेंस पर सरकारी नियमों से गिना जाता है, इसलिए कुछ रुपये का अंतर आ सकता है। जीपीएफ में हर महीने सैलरी से कटौती जुड़ती रहती है, तो बढ़ती रकम पर अगले तिमाहियों में ब्याज भी बढ़ता जाता है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा — और किसे नहीं मिलेगा
राजस्थान GPF ब्याज दर का आदेश केवल उन कर्मचारियों पर लागू है जिनका जीपीएफ या सीपीएफ खाता है, या जो पुरानी पेंशन योजना के तहत जीपीएफ में पैसा जमा करते हैं।
फायदा इन्हें मिलेगा:
- राजस्थान सरकार के वे कर्मचारी जिनका सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाता है
- कंट्रीब्यूटरी प्रॉविडेंट फंड (CPF) खाताधारक कर्मचारी
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत GPF में जमा करने वाले अंशधारक
इन पर लागू नहीं होगा:
- नई पेंशन व्यवस्था (NPS) में शामिल कर्मचारी — इनका जीपीएफ खाता होता ही नहीं
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों के जीपीएफ खाते — उनके लिए दर केंद्र अलग से तय करता है
- दूसरे राज्यों के जीपीएफ खाताधारक — जैसे पश्चिम बंगाल ने इसी तिमाही के लिए अलग से 7.1 प्रतिशत का आदेश जारी किया है
संक्षेप में — अगर आप राजस्थान सरकार के कर्मचारी हैं और आपका जीपीएफ खाता है, तो यह दर सीधे आपकी जेब से जुड़ी है। राजस्थान GPF ब्याज दर पर नजर बनाए रखें, क्योंकि हर तिमाही यह दर बदल सकती है।
आदेश की पूरी जानकारी — किसने जारी किया, कब से लागू
यह फैसला राज्य के वित्त विभाग के वित्त (वेज़ एंड मीन्स) विभाग ने जारी किया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जीपीएफ, ओपीएस और सीपीएफ जैसी निधियों में जमा राशि पर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही — यानी 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक — 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जाएगा।
यह आदेश वित्त विभाग के 3 अगस्त 2026 के पहले के परिपत्र के क्रम में जारी हुआ है। आदेश राज्यपाल के आदेश से जारी किया गया है और इस पर वित्त विभाग के संयुक्त सचिव हरीश लड्ढा के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतियां सभी विभागाध्यक्षों, निदेशक (कोषालय एवं लेखा), सभी कोषालय और उप-कोषालय अधिकारियों, राजस्थान विधानसभा, राजस्थान हाईकोर्ट, राजस्थान लोक सेवा आयोग और महालेखाकार कार्यालय सहित सभी संबंधित कार्यालयों को भेजी गई हैं।
महत्वपूर्ण बात: कर्मचारियों को यह ब्याज पाने के लिए कोई फॉर्म भरने या आवेदन करने की जरूरत नहीं है। यह प्रक्रिया हर तिमाही दोहराई जाती है — प्रॉविडेंट फंड की ब्याज दर हर तीन महीने के लिए अलग से तय होती है, इसलिए अगली तिमाही (जनवरी-मार्च 2027) की दर का ऐलान बाद में होगा।
राजस्थान GPF ब्याज दर बनाम PPF और छोटी बचत योजनाएं
जीपीएफ की दर को समझने का सबसे आसान तरीका है इसकी तुलना केंद्र सरकार की छोटी बचत योजनाओं से करना। राजस्थान का जीपीएफ ब्याज आमतौर पर केंद्र की पीपीएफ दर के बराबर रखा जाता है — और इस तिमाही में भी दोनों 7.1 प्रतिशत पर एक जैसी हैं।
| योजना | ब्याज दर (अक्टूबर-दिसंबर 2026) |
|---|---|
| राजस्थान GPF / OPS / CPF | 7.1% |
| PPF | 7.1% |
| सुकन्या समृद्धि योजना | 8.2% |
| वरिष्ठ नागरिक बचत योजना | 8.2% |
| राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) | 7.7% |
| किसान विकास पत्र | 7.5% (115 महीनों में दोगुना) |
| पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम | 7.4% |
| पोस्ट ऑफिस 5 वर्षीय जमा | 7.5% |
| पोस्ट ऑफिस बचत खाता | 4% |
तुलना से साफ है कि राजस्थान GPF ब्याज दर PPF के बराबर है और प्रतिस्पर्धी बनी हुई है। जीपीएफ की खासियत यह है कि इसमें सैलरी से अपने आप कटौती होती है — बचत बिना सोचे, नियमित रूप से बनती रहती है।
अपना GPF बैलेंस और ब्याज कैसे चेक करें
दर तय हो जाने के बाद अगला सवाल यही होता है — मेरा पैसा दिख कहां रहा है? राजस्थान में सरकारी कर्मचारी अपना जीपीएफ बैलेंस कई तरीकों से देख सकते हैं:
- ट्रेज़री/IFMS पोर्टल: राज्य के एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सिस्टम (IFMS) यानी राजकोष पोर्टल पर लॉगिन करके जीपीएफ लेजर और सालाना स्टेटमेंट देखा जा सकता है।
- वार्षिक जीपीएफ स्टेटमेंट: हर वित्त वर्ष के अंत में कोषागार से जारी स्लिप में जमा, निकासी और जुड़ा ब्याज साफ दिखता है।
- डीडीओ/कार्यालय से संपर्क: अपने आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) से भी जीपीएफ खाते की ताजा स्थिति पूछी जा सकती है।
एक व्यावहारिक सलाह — साल में कम से कम एक बार अपनी जीपीएफ स्लिप जरूर जांचें। ब्याज में कोई अंतर दिखे तो तुरंत कार्यालय के लेखा अनुभाग से संपर्क करें, क्योंकि पुरानी तिमाहियों का सुधार बाद में मुश्किल हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: क्या NPS में शामिल कर्मचारियों को भी यह ब्याज मिलेगा?
जवाब: नहीं। नई पेंशन व्यवस्था में शामिल कर्मचारियों का जीपीएफ खाता ही नहीं होता, इसलिए यह आदेश उन पर लागू नहीं होता। यह दर सिर्फ जीपीएफ, सीपीएफ और ओपीएस खाताधारकों के लिए है।
सवाल: क्या ब्याज पाने के लिए कोई आवेदन करना होगा?
जवाब: नहीं। यह ब्याज अपने आप खाते में जुड़ता है। आदेश सीधे कोषागार अधिकारियों को भेजा गया है ताकि वे दर को खातों में दर्ज कर सकें।
सवाल: क्या यह दर पूरे साल के लिए तय हो गई है?
जवाब: नहीं। प्रॉविडेंट फंड की ब्याज दर हर तिमाही अलग से तय होती है। फिलहाल 7.1 प्रतिशत की दर सिर्फ 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक के लिए है। जनवरी-मार्च 2027 तिमाही की दर का ऐलान अलग से होगा।
सवाल: GPF और PPF की दर में क्या संबंध है?
जवाब: राजस्थान का जीपीएफ ब्याज आमतौर पर केंद्र की PPF दर के बराबर रखा जाता है। इस तिमाही में दोनों 7.1 प्रतिशत हैं। लेकिन दोनों अलग-अलग खाते हैं — GPF सैलरी से कटने वाला सरकारी कर्मचारियों का फंड है, जबकि PPF कोई भी नागरिक खोल सकता है।
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