जयपुर बादाम सीज: सीतापुरा में 1400 किलो सड़े बादाम पकड़े गए, कुचामन में 149 किलो काजू जब्त

दीपावली की मिठाइयों में डलने से पहले ही करीब 1400 किलो सड़े-गले और कीड़े लगे बादाम पकड़ लिए गए। जयपुर बादाम सीज के तहत सीतापुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक कोल्ड स्टोरेज की जांच की, तो वहां बिना लेबल वाले 35 कट्टों में बादाम मिले। कट्टे खोलते ही सच्चाई सामने आ गई — बादाम खराब हो चुके थे और उनमें कीड़े लगे हुए थे। यह स्टॉक दीपावली पर मिठाइयों में इस्तेमाल की जाने वाली बादाम कटिंग के लिए मंगवाया गया था।

इसी अभियान के तहत डीडवाना-कुचामन में भी बड़ी कार्रवाई हुई। वहां नावां की दुकानों से मिलावट के अंदेशे में 149 किलो काजू सीज किया गया, जबकि अवधिपार मिर्च, मसाले, मैदा और कोल्ड ड्रिंक मौके पर ही नष्ट करवाए गए। दोनों कार्रवाइयां ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान का हिस्सा हैं। जयपुर बादाम सीज इसलिए अहम है, क्योंकि त्योहारों में ड्राई फ्रूट्स की मांग कई गुना बढ़ जाती है।

जयपुर बादाम सीज: सीतापुरा के कोल्ड स्टोरेज में क्या मिला

टीम ने सीतापुरा स्थित कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण किया। वहां प्लास्टिक के बिना लेबल लगे 35 कट्टों में बादाम भरे हुए रखे थे। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि यह स्टॉक चांदपोल बाजार की बारह जी की गली स्थित फर्म मैसर्स मित्तल ट्रेडिंग कंपनी ने रखवाया था। कुल वजन करीब 1400 किलो था। कट्टे खोलकर जांच की गई तो बादाम सड़े-गले और खराब निकले, उनमें कीड़े भी लगे हुए थे।

फर्म के प्रोपराइटर अनिल कुमार गुप्ता को मौके पर बुलवाया गया। उनकी मौजूदगी में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत बादाम का नमूना लिया गया और शेष स्टॉक को जांच रिपोर्ट आने तक सीज कर दिया गया। प्रोपराइटर ने बताया कि ये बादाम रिटेल में नहीं, बल्कि धुलाई और मशीन-कटिंग के बाद बादाम कटिंग के रूप में बेचे जाते हैं; दर 500 रुपये प्रति किलो बताई। लैब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। कार्रवाई अतिरिक्त मुख्य सचिव गायत्री राठौड़ और आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर सीएमएचओ जयपुर द्वितीय की टीम ने की।

कुचामन में काजू सीज, अवधिपार सामान मौके पर नष्ट

डीडवाना-कुचामन में डॉ. नरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में टीम ने नावां की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। कई किराना स्टोर से अवधिपार मिर्च, मसाले, मैदा और कोल्ड ड्रिंक बरामद हुए, जो मौके पर ही नष्ट करवाए गए।

इसी दौरान एक निजी मिठाई दुकान से काजू का नमूना लिया गया और मिलावट के अंदेशे में 149 किलो काजू सीज किया गया। रिपोर्ट के बाद खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के तहत विधिक कार्रवाई होगी। जयपुर बादाम सीज की तरह यहां भी मकसद यही था कि खराब माल ग्राहकों तक न पहुंचे।

जयपुर बादाम सीज और शुद्ध आहार अभियान की तेज कार्रवाई

प्रदेश में ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। मकसद साफ है — बढ़ी मांग का फायदा उठाकर कोई खराब या मिलावटी सामान बाजार में न खपा सके। पिछले हफ्तों में कई जिलों में ऐसी कार्रवाइयां हुई हैं। दौसा में गजक भंडार से 1348 किलो संदिग्ध सोयाबीन तेल जब्त हुआ था, डीग में 1800 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया गया और पाली में 8303 लीटर मिलावटी घी पकड़ा गया था। जयपुर बादाम सीज की ताजा कार्रवाई इसी कड़ी की नई घटना है, जो बताती है कि मिलावट का दायरा दूध, घी और तेल तक सीमित नहीं है — ड्राई फ्रूट्स भी निशाने पर हैं।

दो कार्रवाइयों का लेखा-जोखा एक नजर में

स्थान क्या मिला मात्रा विभाग की कार्रवाई
जयपुर, सीतापुरा कोल्ड स्टोरेज सड़े-गले, कीड़े लगे बादाम (35 बिना लेबल कट्टे) करीब 1400 किलो नमूना लिया, शेष स्टॉक जांच रिपोर्ट तक सीज
कुचामन, नावां की दुकानें मिलावट के अंदेशे में काजू 149 किलो नमूना लिया, काजू सीज, रिपोर्ट के बाद विधिक कार्रवाई
कुचामन, नावां किराना स्टोर अवधिपार मिर्च, मसाले, मैदा, कोल्ड ड्रिंक विभिन्न मात्रा मौके पर ही नष्ट करवाया गया

जयपुर बादाम सीज से सबक: सड़े ड्राई फ्रूट्स का सेहत पर असर

खराब और कीड़े लगे ड्राई फ्रूट्स सिर्फ स्वाद ही नहीं बिगाड़ते, वे सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं। सड़े बादाम-काजू में फफूंद और बैक्टीरिया से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग हो सकती है। खराब ड्राई फ्रूट्स को धोकर या मिठाई में मिलाकर खराबी छिपाई जा सकती है, इसलिए ग्राहक को पता ही नहीं चलता कि कच्चा माल कैसा था। जयपुर बादाम सीज मामले ने इसी खतरे को वक्त रहते उजागर किया है।

दीपावली पर बादाम-काजू खरीदते समय इन 7 बातों की जांच करें

  • गंध सूंघें: बासी तेल या सीलन जैसी गंध पुराने स्टॉक का संकेत है। ताजे बादाम की गंध हल्की और प्राकृतिक होती है।
  • छिलका देखें: असली बादाम का छिलका हल्का खुरदरा और मैट जैसा होता है। जरूरत से ज्यादा चमक संदेह पैदा करती है।
  • तोड़कर जांचें: भीतर पीलापन, कालापन, सुराख या कीड़े का रास्ता दिखे, तो न खरीदें। काजू में दाग और बदरंग हिस्सों पर ध्यान दें।
  • लेबल पढ़ें: पैकेट पर निर्माण-समाप्ति तिथि, वजन, एफएसएसएआई लोगो और लाइसेंस नंबर जरूर देखें। बिना लेबल वाला स्टॉक ज्यादा जोखिम भरा है।
  • भरोसेमंद दुकान चुनें: बिना बिल वाली दुकानों से ड्राई फ्रूट्स न लें। बिल ही शिकायत का सबसे मजबूत सबूत बनता है।
  • कटिंग से सावधान रहें: पहले से कटी बादाम कटिंग या पिसे पाउडर में खराबी छिपाना आसान होता है, इसलिए ज्यादा सतर्क रहें।
  • सस्ते का लालच न करें: बाजार भाव से बहुत सस्ता बादाम या काजू मिले, तो गुणवत्ता पर सवाल उठाना जायज है।

मिलावट दिखे तो शिकायत कहां और कैसे करें

किसी दुकान पर अवधिपार, खराब या मिलावटी सामान दिखे, तो नजरअंदाज न करें। पहले सामान का बिल और दुकान के बोर्ड की फोटो संभालकर रखें। फिर अपने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय या खाद्य सुरक्षा अधिकारी को शिकायत दें। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के माध्यम से भी शिकायत दर्ज हो सकती है। शिकायत में दुकान का नाम, पता और खरीद की तारीख जरूर लिखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जयपुर बादाम सीज मामले में कितने बादाम पकड़े गए?
सीतापुरा से करीब 1400 किलो सड़े-गले, कीड़े लगे बादाम सीज हुए हैं, जो 35 बिना लेबल कट्टों में रखे थे।

सीज किए गए बादाम का क्या होगा?
शेष स्टॉक जांच रिपोर्ट तक सीज है; लैब रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।

कुचामन में क्या कार्रवाई हुई?
नावां से 149 किलो काजू मिलावट के अंदेशे में सीज हुआ है; अवधिपार मिर्च, मसाले, मैदा और कोल्ड ड्रिंक मौके पर नष्ट करवाए गए।

घर पर सड़े बादाम की पहचान कैसे करें?
बासी गंध, ज्यादा चमक, तोड़ने पर पीलापन या कीड़े के सुराख खराब बादाम के संकेत हैं। शक हो तो न खरीदें।

स्रोत: ETV Bharat Rajasthan (Published 28 अक्टूबर 2026, 2:31 PM IST; Updated 6:42 PM IST)

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