राजस्थान के 16 वरिष्ठ RAS अधिकारियों को आज करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मिली है। RAS IAS प्रमोशन की इस प्रक्रिया में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने मंगलवार 13 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर इन सभी को भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत कर दिया है। पूरी प्रक्रिया करीब एक महीने में पूरी हुई, जो प्रशासनिक स्तर पर काफी तेज मानी जा रही है।
इस सूची में मुख्यमंत्री कार्यालय की संयुक्त सचिव अंजू राजपाल, RAS एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर खराड़ी और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के विशिष्ट सहायक उम्मेद सिंह जैसे चर्चित नाम शामिल हैं, जिनमें तीन महिला अधिकारी भी हैं।
एक महीने में पूरी हुई RAS IAS प्रमोशन की प्रक्रिया
इस बार RAS IAS प्रमोशन की रफ्तार पर गौर करना जरूरी है। सितंबर में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के चयन बोर्ड की बैठक में पदोन्नति के लिए 18 नाम प्रस्तावित किए गए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने चयनित नाम केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को भेजे और करीब एक महीने के भीतर पदोन्नति के आदेश भी जारी हो गए।
एक खास बात यह रही कि इस बार UPSC चयन समिति की बैठक पहली बार दिल्ली के बजाय जयपुर में हुई। बैठक में प्रस्तावित 18 नामों में से 16 को अंतिम स्वीकृति मिली। यह चयन वर्ष 2025 की रिक्तियों के आधार पर किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार सभी 16 अधिकारियों की नियुक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा विनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत की गई है। इन अधिकारियों को राजस्थान कैडर आवंटित किया गया है और अग्रिम आदेश तक ये प्रोबेशन (परिवीक्षा) पर रहेंगे।
10 महीने से अटकी फाइल: अन्य सेवाओं के अधिकारी कर रहे इंतजार
RAS IAS प्रमोशन की खबर के साथ एक सवाल भी उठ खड़ा हुआ है। जब RAS अधिकारियों की प्रक्रिया एक महीने में पूरी हो सकती है, तो अन्य सेवाओं के अधिकारियों के मामले में देरी क्यों हो रही है? जानकारी के अनुसार अन्य सेवाओं की पदोन्नति के लिए 23-24 दिसंबर 2025 को बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें 20 नामों में से चार का चयन होना था। लेकिन करीब 10 महीने बीतने के बावजूद राज्य सरकार ने इन नामों को DoPT को नहीं भेजा है, जिससे चयन आगे नहीं बढ़ पाया है।
बताया जा रहा है कि UPSC इस मामले में अब तक चार बार रिमाइंडर भेज चुका है, फिर भी फाइल आगे नहीं बढ़ी है। यह लंबा इंतजार अब चर्चा का विषय बन गया है।
IAS बनने वाले 16 अधिकारियों की पूरी सूची
पदोन्नत 16 अधिकारियों में 1998 और 1999 बैच के RAS अधिकारी शामिल हैं। इनमें से 13 अधिकारी 1998 बैच के और 3 अधिकारी 1999 बैच के हैं। तीन महिला अधिकारियों — मेघना चौधरी, अंजू राजपाल और पूनम प्रसाद सागर — ने भी यह उपलब्धि हासिल की है।
| क्र. | अधिकारी का नाम | बैच | वर्तमान पदस्थापना |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपाल राम बिरदा | 1998 | अतिरिक्त महानिदेशक, जवाहर कला केंद्र, जयपुर |
| 2 | मेघना चौधरी | 1998 | अतिरिक्त महानिरीक्षक (प्रशासन), पंजीयन एवं मुद्रांक, अजमेर |
| 3 | ओम प्रकाश जैन | 1998 | निदेशक, आदिम जाति शोध संस्थान, उदयपुर |
| 4 | राजेश सिंह | 1998 | सदस्य, रेवेन्यू बोर्ड, अजमेर |
| 5 | मुकेश कुमार शर्मा | 1998 | सचिव, राज्य सूचना आयोग, जयपुर |
| 6 | महेंद्र कुमार शर्मा | 1998 | संयुक्त सचिव, तकनीकी शिक्षा विभाग, जयपुर |
| 7 | अंजू राजपाल | 1998 | संयुक्त सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, जयपुर |
| 8 | विवेक कुमार | 1998 | अतिरिक्त महानिरीक्षक (प्रशासन), पंजीयन एवं मुद्रांक, जयपुर |
| 9 | मदन लाल नेहरा | 1998 | सदस्य, रेवेन्यू बोर्ड, अजमेर |
| 10 | दिनेश कुमार जांगिड़ | 1998 | संयुक्त सचिव, पशुपालन विभाग, जयपुर |
| 11 | पूनम प्रसाद सागर | 1998 | अतिरिक्त आयुक्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, जयपुर |
| 12 | उम्मेद सिंह | 1998 | विशिष्ट सहायक, कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ |
| 13 | महावीर खराड़ी | 1998 | अतिरिक्त आयुक्त (द्वितीय), जनजाति क्षेत्रीय विकास, उदयपुर |
| 14 | डॉ. भागचंद बघाल | 1999 | अतिरिक्त आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) |
| 15 | असलम शेर खान | 1999 | संयुक्त सचिव, अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ, जयपुर |
| 16 | नरेंद्र कुमार बंसल | 1999 | अतिरिक्त आयुक्त, जयपुर नगर निगम |
RAS IAS प्रमोशन पाने वाले इन अधिकारियों में से कई पहले SDM, जिला परिषद के CEO, नगर निगम आयुक्त और विभिन्न मंत्रियों के विशिष्ट सहायक के तौर पर भी काम कर चुके हैं — यह सफर युवा अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है।
RAS IAS प्रमोशन: कौन बनता है हकदार, क्या है नियम
RAS IAS प्रमोशन कोई आम तबादला नहीं, बल्कि करियर का सबसे बड़ा मोड़ होता है। राज्य सेवा से IAS में पदोन्नति भारतीय प्रशासनिक सेवा नियम, 1954 और संबंधित पदोन्नति विनियमों के तहत होती है। प्रक्रिया UPSC के चयन बोर्ड की बैठक से शुरू होती है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा भेजे गए पात्र अधिकारियों के नामों पर अनुभव, सेवा रिकॉर्ड और वरिष्ठता के आधार पर विचार किया जाता है।
यह चयन उस वर्ष की रिक्तियों के आधार पर होता है। इस बार की चयन सूची 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच हुई रिक्तियों के आधार पर तैयार की गई है। चयनित अधिकारियों को नियुक्ति के बाद परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होती है, जिसके बाद उनकी वरिष्ठता निर्धारित की जाती है। अधिसूचना की प्रति DoPT की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
पंचायत चुनाव के बाद नई पोस्टिंग का इंतजार
पदोन्नति के आदेश तो आ गए हैं, लेकिन नई जिम्मेदारी के लिए इन अधिकारियों को थोड़ा इंतजार करना होगा। फिलहाल सभी 16 अधिकारी अपने मौजूदा पदों पर ही काम करते रहेंगे।
इसकी वजह राजस्थान में लागू पंचायत चुनाव की आचार संहिता है। चुनाव प्रक्रिया चलने के दौरान बड़े स्तर पर प्रशासनिक तबादले नहीं किए जा सकते। ऐसे में प्रमोट हुए अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना होगा। चुनाव के बाद IAS और RAS अधिकारियों की तबादला सूची जारी होने की संभावना है।
राज्य सेवा के अधिकारी लंबे समय तक फील्ड में काम करते हैं — SDM से लेकर जिला परिषद CEO तक का अनुभव इन्हें जमीनी हकीकत से जोड़ता है। IAS कैडर में आने के बाद इन्हें जिलों और बड़े विभागों की कमान संभालने का मौका मिलेगा। तीन बार RAS परीक्षा पास करने वाली प्रियंका सिहाग जैसी कहानियां बताती हैं कि लगातार मेहनत से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: RAS IAS प्रमोशन में इस बार कितने अधिकारियों का चयन हुआ?
उत्तर: RAS IAS प्रमोशन के इस दौर में 16 RAS अधिकारियों को IAS में पदोन्नति मिली है। इनमें 1998 बैच के 13 और 1999 बैच के 3 अधिकारी शामिल हैं। UPSC चयन बोर्ड ने 18 नामों में से 16 को अंतिम स्वीकृति दी थी।
प्रश्न 2: इस बार की पदोन्नति प्रक्रिया खास क्यों मानी जा रही है?
उत्तर: दो कारणों से — पहली बार UPSC चयन समिति की बैठक दिल्ली के बजाय जयपुर में हुई, और सितंबर की बैठक से आदेश तक पूरी प्रक्रिया करीब एक महीने में पूरी हो गई, जबकि अन्य सेवाओं के अधिकारी 10 महीने से इंतजार कर रहे हैं।
प्रश्न 3: प्रमोट हुए अधिकारियों को नई पोस्टिंग कब मिलेगी?
उत्तर: फिलहाल RAS IAS प्रमोशन पाए सभी अधिकारी अपने मौजूदा पदों पर बने रहेंगे। पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नई पोस्टिंग की संभावना है।
प्रश्न 4: अन्य सेवाओं के अधिकारियों की पदोन्नति क्यों अटकी है?
उत्तर: दिसंबर 2025 की बोर्ड बैठक के बाद 20 में से 4 नामों का चयन होना था, लेकिन राज्य सरकार ने करीब 10 महीनों में इन नामों को DoPT को नहीं भेजा है। UPSC चार बार रिमाइंडर भेज चुका है।