सागवाड़ा डंपर हादसा: घर में घुसा डंपर, 2 की मौत, 2 गंभीर

डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा में शुक्रवार की आधी रात को हुआ सागवाड़ा डंपर हादसा एक पूरे परिवार के लिए काल बनकर आया। रात करीब 12 बजे तेज रफ्तार बेकाबू डंपर सड़क किनारे बने मकान की दीवार तोड़ते हुए सीधे अंदर घुस गया। उस समय परिवार के सदस्य घर में गहरी नींद में सो रहे थे। डंपर की टक्कर इतनी तेज थी कि घर में सो रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस हादसे में कमरे में सो रही मां और उनकी 15 साल की बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।

आधी रात को दीवार तोड़कर अंदर घुसा डंपर

सागवाड़ा डंपर हादसा सागवाड़ा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 927ए पर गलियाकोट पुल के पास हुआ। थानाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि शुक्रवार देर रात बांसवाड़ा की तरफ से तेज रफ्तार में डंपर आ रहा था। सागवाड़ा बाइपास पर आईटीआई के पास डंपर अचानक बेकाबू हो गया और सड़क किनारे स्थित मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गया। टक्कर के साथ ही मकान में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर चीख-पुकार गूंज उठी। धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।

डंपर के घर में घुसते ही कमरे की दीवार गिर गई और अंदर सो रहे लोग मलबे और वाहन के बीच फंस गए। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सो रहे परिवार पर टूटा कहर: मां-बेटी की मौत

इस हादसे में कमरे में सो रही सुशीला मनात (45) और उनकी बेटी राधिका (15) की मौके पर ही मौत हो गई। उसी कमरे में सो रहा बेटा महेंद्र और बरामदे में सो रहे पति विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत और पिता-बेटे के गंभीर घायल होने से परिवार में कोहराम मच गया है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घायल पिता-पुत्र का सागवाड़ा अस्पताल में इलाज चल रहा है और दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस और ग्रामीणों ने मलबे से निकाले घायल

हादसे की सूचना मिलते ही सागवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मकान व डंपर के बीच फंसे लोगों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से सभी को सागवाड़ा अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने सुशीला और उनकी बेटी राधिका को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल विनोद और उनके बेटे महेंद्र को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। दोनों मां-बेटी के शव अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं।

पुलिस ने डंपर जब्त कर लिया है और नंबरों से उसके मालिक तथा चालक की पहचान की जा रही है। चालक की पहचान होते ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उसी दिन क्षेत्र में दूसरा हादसा भी

सागवाड़ा डंपर हादसा अकेली घटना नहीं रही। उसी दिन बांसवाड़ा-रतलाम मुख्य मार्ग पर कुंडला घाटी में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां खड़े ट्रक ट्रोले से बाइक टकरा गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के नई आबादी नादिया सियापुर निवासी नाथूलाल पुत्र मावजी बामणिया (34) के रूप में हुई है। घायल अनिल पुत्र रामलाल कुंडला खुर्द का निवासी है। आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से एमजी अस्पताल पहुंचाया, जहां नाथूलाल को मृत घोषित कर दिया गया।

एक ही दिन में दो अलग-अलग जगहों पर हुए हादसों में तीन लोगों की जान चली गई।

एनएच-927ए पर भारी वाहनों का खतरा

यह हादसा हाईवे किनारे रहने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। एनएच-927ए पर रात में भारी वाहनों की आवाजाही तेज रहती है, इसलिए गति नियंत्रण, पुलिस गश्त और हाईवे किनारे सुरक्षा उपायों की जरूरत और ज्यादा महसूस होती है।

भारी वाहनों को लेकर कई शहरों में पाबंदियां लग चुकी हैं। उदयपुर में भारी वाहनों पर प्रतिबंध जैसे कदम बताते हैं कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है, लेकिन हाईवे पर डंपर-ट्रकों की रफ्तार पर लगाम अभी भी बड़ी चुनौती है।

हादसा एक नजर में

स्थान सागवाड़ा बाइपास, गलियाकोट पुल के पास, एनएच-927ए
समय शुक्रवार देर रात, करीब 12 बजे
वाहन बांसवाड़ा की तरफ से आ रहा तेज रफ्तार डंपर
मृतक सुशीला मनात (45) और बेटी राधिका (15)
घायल पति विनोद और बेटा महेंद्र, सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती
चालक वाहन छोड़कर फरार, पुलिस तलाश में जुटी
कार्रवाई डंपर जब्त, नंबरों से मालिक-चालक की पहचान की कोशिश

आगे क्या: चालक की तलाश और जांच

पुलिस डंपर के नंबरों से वाहन मालिक और चालक की पहचान कर रही है। चालक के पकड़े जाने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वाहन की रफ्तार कितनी थी और नियंत्रण क्यों खोया।

डूंगरपुर में सड़क हादसों का सिलसिला पहले भी चिंता का विषय रहा है — डूंगरपुर में सड़क हादसे में डॉक्टर की मौत जैसी घटनाएं सड़क सुरक्षा पर लगातार काम की जरूरत बताती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सागवाड़ा डंपर हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में एनएच-927ए पर गलियाकोट पुल के पास सागवाड़ा बाइपास पर हुआ।

हादसे में किसकी मौत हुई और कौन घायल हुआ?
कमरे में सो रही सुशीला मनात (45) और उनकी बेटी राधिका (15) की मौत हो गई। पति विनोद और बेटा महेंद्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं और सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती हैं।

डंपर चालक का क्या हुआ?
हादसे के बाद डंपर चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने डंपर जब्त कर लिया है और नंबरों से मालिक व चालक की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने डंपर जब्त किया है, मौके की जांच शुरू की है और फरार चालक की तलाश में जुटी है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है और मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाए गए हैं।

सागवाड़ा डंपर हादसा एक परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म छोड़ गया है। पुलिस की जांच और चालक की गिरफ्तारी के बाद ही इस हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।

स्रोत: ETV Bharat की डूंगरपुर रिपोर्ट

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