डूंगरपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश रोत की मौत

डूंगरपुर डॉक्टर सड़क हादसा ने पूरे संभाग के चिकित्सा जगत को हिला दिया है। जिस अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में रोज़ मरीजों की जान बचती थी, उसी अस्पताल के सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश रोत अब इस दुनिया में नहीं हैं। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात सागवाड़ा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए एक दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय डॉ. रोत की मौत हो गई। उनके निधन की खबर से डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, कर्मचारियों और मरीजों के बीच शोक की लहर छा गई है।

उनकी पत्नी भी डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया विभाग में चिकित्सक हैं — एक ही रात में अस्पताल के दो वरिष्ठ डॉक्टरों का परिवार टूट गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर और मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कांतिलाल मेघवाल सहित कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

कौन थे डॉ. राजेश रोत?

डॉ. राजेश रोत डूंगरपुर के श्री हरिदेव जोशी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) में सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष थे। महज 42 वर्ष की उम्र में वे अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित और कुशल सर्जन के रूप में जाने जाते थे। अपने चिकित्सा सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई बड़े और जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए थे, जिनकी वजह से मरीजों और सहकर्मियों के बीच उनकी खास पहचान बनी हुई थी।

मूलतः वे वरदा थाना क्षेत्र के नौगामा गांव के रहने वाले थे। उनके बुजुर्ग माता-पिता आज भी गांव में रहते हैं — पिता किसानी करते हैं और मां गृहिणी हैं। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर डॉ. रोत ने मेडिकल की पढ़ाई पूरी की और डूंगरपुर में सर्जन के रूप में सेवा देना शुरू किया। इतनी कम उम्र में विभागाध्यक्ष बनना उनकी काबिलियत का प्रमाण था।

हादसे की रात क्या हुआ था?

पुलिस और परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को डॉ. राजेश रोत डूंगरपुर से अपनी कार में अकेले बांसवाड़ा जा रहे थे, जहां उनके बच्चे रहते हैं। रात करीब 11 से 12 बजे के बीच, जब वे डूंगरपुर-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सागवाड़ा के जेठाना क्षेत्र में पंचाल पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तभी उनके आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन के चालक ने तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए सड़क के बीचों-बीच अचानक ब्रेक लगा दिए।

डॉ. रोत ने भी आपातकालीन ब्रेक लगाए, लेकिन कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। रात करीब तीन बजे उन्हें सागवाड़ा के राजकीय चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने गहन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर

डॉ. रोत के निधन की खबर रविवार सुबह जब डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज पहुंची, तो पूरा अस्पताल परिसर स्तब्ध रह गया। अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर और मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कांतिलाल मेघवाल सहित कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने गहरा दुख जताया और इसे संस्थान के लिए बड़ी क्षति बताया।

उनकी पत्नी के लिए यह सदमा सबसे बड़ा है। ऑपरेशन थिएटर में सर्जन और एनेस्थेटिस्ट अक्सर एक टीम की तरह काम करते हैं — और यहां तो यह जोड़ी पति-पत्नी की थी। अस्पताल के स्टाफ ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े होने का भरोसा दिया है।

पुलिस जांच कहां पहुंची है?

सागवाड़ा थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ तेज और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया गया है। डॉ. रोत के भाई भगवतीलाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सागवाड़ा के थानाधिकारी मनीष कुमार के अनुसार, दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और अज्ञात वाहन चालक कौन था, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल सकी है। पुलिस टीम हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।

पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और टोल रिकॉर्ड से अज्ञात वाहन की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट अमर उजाला पर भी प्रकाशित हुई है।

एक नजर में: डूंगरपुर डॉक्टर सड़क हादसा

जानकारीविवरण
मृतक का नामडॉ. राजेश रोत, उम्र 42 वर्ष
पदसर्जरी विभागाध्यक्ष, डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज
हादसे का स्थानराष्ट्रीय राजमार्ग पर जेठाना के पास, सागवाड़ा (डूंगरपुर)
हादसे का समयशनिवार-रविवार की दरमियानी रात
प्रारंभिक कारणआगे चल रहे अज्ञात वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से टक्कर
केस दर्जसागवाड़ा थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ
परिवारपत्नी (एनेस्थीसिया विभाग में चिकित्सक), बच्चे, बुजुर्ग माता-पिता

डूंगरपुर डॉक्टर सड़क हादसे से सबक: रात के सफर पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर रात में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। डूंगरपुर में पहले हुए एसिड टैंकर हादसे में भी नेशनल हाईवे 48 पर तेज रफ्तार ने दो लोगों की जान ली थी। पुलिस के प्रारंभिक ब्योरे के मुताबिक, इस बार आगे चल रहे वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से यह दुर्घटना हुई — यानी एक पल की लापरवाही ने एक होनहार डॉक्टर की जान ले ली।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि रात में हाईवे पर गाड़ी चलाते समय आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें, ताकि अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में रुकने का समय मिल सके। तेज गति, नींद और अचानक लेन बदलना रात के हादसों के सबसे आम कारण माने जाते हैं। थकान महसूस होते ही गाड़ी रोककर आराम करना और भारी वाहनों के पीछे बहुत नजदीक न चलना — ये छोटी सावधानियां बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती हैं। हाल ही में हनुमानगढ़ में पल्लू-नोहर हाईवे पर हुए सड़क हादसे में भी तेज रफ्तार वाहन ने पैदल जा रहे युवकों को टक्कर मार दी थी, जिसमें युवकों की मौत हो गई थी।

आगे क्या होगा?

सागवाड़ा पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई है और पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस जांच जारी है और परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है।

डॉ. राजेश रोत का जाना सिर्फ एक परिवार का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे डूंगरपुर संभाग के चिकित्सा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। जिन हाथों ने सैकड़ों मरीजों को नई जिंदगी दी, वही हाथ एक सड़क हादसे की भेंट चढ़ गए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: डॉ. राजेश रोत कौन थे?

उत्तर: डॉ. राजेश रोत (42 वर्ष) डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष थे। वे अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित और कुशल सर्जन माने जाते थे, जिन्होंने कई बड़े और सफल ऑपरेशन किए थे।

प्रश्न 2: डूंगरपुर डॉक्टर सड़क हादसा कहां और कब हुआ?

उत्तर: यह हादसा शनिवार-रविवार की दरमियानी रात सागवाड़ा के जेठाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर, पंचाल पेट्रोल पंप के पास हुआ। डॉ. रोत डूंगरपुर से बांसवाड़ा अपने बच्चों से मिलने जा रहे थे।

प्रश्न 3: हादसे का कारण क्या बताया जा रहा है?

उत्तर: प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, डॉ. रोत की कार के आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे उनकी कार उससे टकरा गई। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

प्रश्न 4: क्या इस मामले में केस दर्ज हुआ है?

उत्तर: हां, सागवाड़ा थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ तेज और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। सागवाड़ा के थानाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस जांच कर रही है।

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