उदयपुर भारी वाहन प्रतिबंध: 11 मार्गों पर सुबह 7 से रात 10 बजे तक नो-एंट्री

उदयपुर घूमने या शहर के अंदरूनी इलाकों से रोज़ आने-जाने वालों के लिए यह खबर काम की है। उदयपुर भारी वाहन प्रतिबंध 28 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है। जिला प्रशासन ने शहर के 11 प्रमुख मार्गों पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक 10 टन से अधिक वजन वाले भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह रोक एक महीने तक, यानी करीब 27 नवंबर तक, प्रभावी रहेगी।

मतलब साफ है — दिन के समय शहर के भीतरी रास्तों पर अब ट्रक, डंपर और ट्रेलर नहीं दिखेंगे। यह फैसला पर्यटन सीजन में यातायात सुचारू रखने और हादसों पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। आदेश में मोटर वाहन अधिनियम 1988 और राजस्थान मोटर यान नियम 1990 का हवाला है, और इसे जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल ने जारी किया है। रात 10 बजे के बाद और सुबह 7 बजे से पहले आवाजाही पहले की तरह चलेगी।

आम लोगों और पर्यटकों पर सीधा असर

शहर के भीतरी इलाकों में रहने वालों को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। जिन सड़कों के दोनों ओर कॉलोनियां, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और बाजार हैं, वहां दिनभर भारी वाहनों से जाम लगता था। अब सुबह 7 से रात 10 बजे के बीच यातायात हल्का रहेगा, जिससे स्कूल बसों, एंबुलेंस और दफ्तर जाने वालों को राहत मिलेगी।

पर्यटकों के लिए भी यह अहम है। दीपावली के आसपास उदयपुर में बाहर से आने वालों की भीड़ बढ़ती है, और झीलों व बाजारों की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी वाहनों से लगने वाला जाम अब कम होगा। दीपावली के दौरान पर्यटन में आई तेजी के बारे में हमारी पहली रिपोर्ट भी पढ़ें।

ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों को अपनी योजना बदलनी होगी — दिन में माल पहुंचाने वाली दुकानों और गोदामों तक अब डिलीवरी रात 10 बजे के बाद या सुबह 7 बजे से पहले तय करनी होगी।

11 मार्गों की पूरी सूची — कहां-कहां लागू है रोक

जिला प्रशासन ने शहर के 11 प्रमुख मार्गों और चौराहों को चिन्हित किया है। इन सभी पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक 10,000 किलोग्राम (10 टन) से अधिक सकल वाहन वजन वाले वाहनों का प्रवेश और आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है:

क्रम प्रतिबंधित मार्ग
1 ट्रांसपोर्ट नगर से प्रतापनगर चौराहा की तरफ और शहर की ओर आने वाला मार्ग
2 बलीचा चौराहा, प्रतापनगर चौराहा, चित्रकूटनगर से भुवाणा चौराहा तक
3 रामपुरा चौराहा से सुभाष चौराहा की तरफ आने वाला रास्ता
4 भुवाणा चौराहा से भुवाणा गांव, सेलिब्रेशन मॉल, आरके सर्कल होते हुए शहर की तरफ
5 बेदला से साईफन तिराहा होते हुए फतहपुरा चौराहा शहर की तरफ
6 सुखेर घाटी से सापेटिया होते हुए बेदला लाल बोट तिराहा तक
7 एकलिंगपुरा चौराहा से हिरण मगरी की तरफ आने वाला मुख्य मार्ग
8 लेबर चौराहा सविना से खेडा सर्कल की ओर जाने वाली सड़क
9 चुंगी नाका गोवर्धन विलास से उदयपुर शहर एवं सीए सर्कल की ओर
10 संत टेरेसा स्कूल नेला तालाब से सीए सर्कल और खेडा सर्कल की ओर
11 नया आरटीओ से कालका माता रोड एवं यूनिवर्सिटी रोड की ओर

नगर निगम और उदयपुर विकास प्राधिकरण को इन स्थानों पर पर्याप्त संकेत बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बाहर से आने वाले चालकों को भी रोक की जानकारी पहले से मिल सके।

आदेश के पीछे की वजह — जाम, हादसे और व्यस्त अंदरूनी सड़कें

प्रशासन के मुताबिक शहर के आंतरिक मार्ग बेहद व्यस्त हैं। इन पर लगातार ट्रक, डंपर और ट्रेलर आने से हर समय जाम रहता था और गंभीर हादसों का खतरा बना रहता था। अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के आसपास भी भारी वाहनों से परेशानी होती थी। इसीलिए रोक सिर्फ दिन के व्यस्त घंटों तक सीमित है — रात को जब सड़कों पर दबाव कम होता है, तब आवाजाही की छूट रहेगी।

जयपुर में आमेर और चारदीवारी क्षेत्र के लिए ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था पहले भी लागू हो चुकी है — हमारी जयपुर ट्रैफिक डायवर्जन रिपोर्ट देखें।

किन वाहनों पर रोक, और किसे मिल सकेगी छूट

रोक का दायरा साफ है — 10 टन से अधिक सकल वाहन वजन वाले सभी प्रकार के भारी वाहन, जिनमें ट्रक, ट्रेलर और भारी मालवाहक वाहन शामिल हैं, प्रतिबंधित अवधि में इन 11 मार्गों पर नहीं चल सकेंगे। हल्के वाहन, दोपहिया, कार और सामान्य यात्री वाहनों पर इस आदेश का कोई असर नहीं पड़ेगा।

विशेष या आपातकालीन परिस्थिति में छूट का रास्ता भी है — किसी खास वजह से दिन के समय भारी वाहन ले जाना जरूरी हो, तो जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के इन मार्गों पर वाहन चलाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

आदेश मोटर वाहन अधिनियम 1988 और राजस्थान मोटर यान नियम 1990 के तहत जारी है, इसलिए उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। जयपुर में एआई ट्रैफिक कैमरों से बड़ी संख्या में चालान का उदाहरण हमारी जयपुर एआई ट्रैफिक कैमरा रिपोर्ट में देखें।

ट्रांसपोर्टरों और दुकानदारों के लिए काम की बातें

माल ढुलाई, दुकानदारी या निर्माण से जुड़े लोग इन बातों का ध्यान रखें: डिलीवरी का समय रात 10 बजे के बाद या सुबह 7 बजे से पहले तय करें; 11 प्रतिबंधित मार्गों से बचते हुए वैकल्पिक रास्तों की पहले से योजना बनाएं; दिन में वाहन ले जाना ही पड़े तो जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लें; और अपने चालकों को आदेश की जानकारी पहले से दें। यह आदेश 28 अक्टूबर 2026 से एक महीने, यानी करीब 27 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा, जिसके बाद प्रशासन स्थिति की समीक्षा करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: उदयपुर में भारी वाहनों का प्रतिबंध कब से कब तक लागू है?

उत्तर: यह प्रतिबंध 28 अक्टूबर 2026 से लागू हुआ है और एक महीने तक, यानी करीब 27 नवंबर 2026 तक, प्रभावी रहेगा।

प्रश्न: किन वाहनों पर रोक लगी है और किस समय?

उत्तर: 10 टन से अधिक वजन वाले भारी वाहनों — जैसे ट्रक, डंपर और ट्रेलर — पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक 11 प्रमुख मार्गों पर रोक है।

प्रश्न: क्या आपातकालीन स्थिति में भारी वाहन जा सकता है?

उत्तर: हां, विशेष या आपातकालीन परिस्थिति में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से पूर्व अनुमति लेकर भारी वाहन इन मार्गों से गुजर सकता है।

प्रश्न: इस आदेश का पर्यटकों पर क्या असर पड़ेगा?

उत्तर: पर्यटकों को फायदा होगा — दिन में भीतरी मार्गों पर जाम कम होगा और झीलों व बाजारों तक पहुंच आसान होगी।

इस खबर का स्रोत ईटीवी भारत की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट है, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल के आदेश, 11 मार्गों की सूची और एक महीने की अवधि का ब्योरा दिया गया है।

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