धौलपुर में रबी से पहले बिजली विभाग एक्शन में: किसानों को सिंचाई के लिए तय समय पर मिलेगी बिजली

रबी की बुवाई का समय नजदीक आते ही धौलपुर जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर आई है। जिले में सिंचाई के दिनों में बिजली कटौती से परेशान किसानों को इस बार तय समय पर और भरपूर वोल्टेज की बिजली मिलने का भरोसा मिला है। बिजली विभाग के धौलपुर अधीक्षण अभियंता (SE) विवेक शर्मा ने जिले के सभी सहायक अभियंताओं (AEn) और कनिष्ठ अभियंताओं (JEn) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की और रबी सीजन के लिए पहले से ही पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। बैठक का एक ही एजेंडा था — फसल के समय किसान के खेत तक बिजली पहुंचनी चाहिए, बिना रुकावट और बिना देरी के।

धौलपुर में रबी सीजन के दौरान गेहूं, सरसों और चने जैसी फसलों की सिंचाई के लिए बिजली की मांग हर साल बढ़ जाती है। सिंचाई के समय अगर बिजली आती-जाती रहे या वोल्टेज कम रहे तो मोटरें नहीं चल पातीं और फसल को पानी समय पर नहीं मिलता। इसी परेशानी को देखते हुए इस बार विभाग ने सीजन शुरू होने से पहले ही लाइन, ट्रांसफॉर्मर और फीडर दुरुस्त करने की योजना बनाई है। अधिकारियों को साफ कहा गया है कि जहां भी रखरखाव की जरूरत हो, उसे रबी शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाए।

रबी में बिजली का मतलब है फसल की जिंदगी

धौलपुर के खेतों में रबी की फसल अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती है और दिसंबर से फरवरी तक सिंचाई के लिए पानी की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। अधिकतर किसान ट्यूबवेल और कुओं से मोटर चलाकर सिंचाई करते हैं, जो पूरी तरह बिजली पर निर्भर है। अगर कटौती लंबी चले तो एक ही बार में पूरी खेती का चक्र बिगड़ जाता है — बुवाई देर से होती है, पहली सिंचाई में देरी होती है और पैदावार घट जाती है।

इसीलिए विभाग ने इस बार पहले से तैयारी की राह पकड़ी है। बैठक में तय हुआ कि 33/11 केवी के ग्रिड सब-स्टेशनों (GSS), पावर ट्रांसफॉर्मरों, फीडरों और विद्युत लाइनों की जांच कर उनकी मरम्मत समय रहते पूरी की जाएगी। जहां ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड चल रहे हैं, वहां अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि मांग बढ़ने पर सिस्टम पर दबाव न पड़े।

तय कृषि ब्लॉक के अनुसार मिलेगी बिजली

बैठक में सबसे अहम निर्देश किसानों को तय समय पर बिजली देने को लेकर दिया गया। SE ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को निर्धारित कृषि ब्लॉक के हिसाब से गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जाए। इसका मतलब यह है कि सिंचाई के घंटों में किसानों को पहले से तय शेड्यूल के अनुसार बिजली मिलेगी और विभाग की कोशिश रहेगी कि उस समय में कटौती न हो।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि बिजली आपूर्ति में कोई समस्या सामने आए तो उसे टालने के बजाय तुरंत कार्रवाई की जाए। फॉल्ट होने की स्थिति में बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करनी होगी। गांव-गांव तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि फॉल्ट की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचेगी।

शिकायतों का निपटारा होगा 181 के जरिए

किसानों और आम उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों के लिए विभाग ने 181 हेल्पलाइन पर दर्ज परिवादों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया है। बैठक में कहा गया कि शिकायत मिलने के बाद लोगों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े — अधिकारियों को समय पर कार्रवाई करनी होगी।

इसके साथ ही लंबित नए बिजली कनेक्शनों को भी तेजी से जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन किसानों या घरों के कनेक्शन की प्रक्रिया अटकी हुई है, उनकी फाइलें अब तेजी से निपटाई जाएंगी। अधिकारियों को नियमित जनसुनवाई करने को भी कहा गया है ताकि किसान अपनी बिजली संबंधी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकें और मौके पर ही समाधान मिले।

बैठक के मुख्य निर्देश एक नजर में

विषयविभाग का निर्देश
GSS और ट्रांसफॉर्मर33/11 केवी GSS, पावर ट्रांसफॉर्मर, फीडर और लाइनों का समय रहते रखरखाव
ज्यादा लोड वाले क्षेत्रअतिरिक्त विद्युत क्षमता उपलब्ध कराई जाएगी
किसानों को आपूर्तितय कृषि ब्लॉक के अनुसार गुणवत्तापूर्ण बिजली
फॉल्ट प्रबंधनफॉल्ट पर तुरंत कार्रवाई, आपूर्ति जल्द बहाल
नए कनेक्शनलंबित कनेक्शन की प्रक्रिया तेज की जाए
शिकायतें181 पर दर्ज परिवादों का त्वरित निस्तारण
जनसुनवाईकिसानों की समस्याएं सुनने के लिए नियमित जनसुनवाई

पीएम सूर्य घर योजना पर भी फोकस

बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर भी चर्चा हुई। SE ने योजना में पंजीकरण बढ़ाने पर जोर दिया और अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाए। इस योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल में राहत मिलती है।

इसके अलावा बिजली विभाग की राजस्व वसूली को भी तेज करने के निर्देश दिए गए। विभाग के लंबित राजस्व की वसूली पर अधिकारियों को ध्यान देने को कहा गया ताकि रखरखाव और विस्तार के कामों के लिए संसाधन उपलब्ध रहें।

किसानों के लिए क्या करें

धौलपुर के किसानों के लिए यह तैयारी राहत की खबर है:

  • कृषि ब्लॉक का समय जान लें — अपने AEn या JEn कार्यालय से सिंचाई के लिए तय बिजली शेड्यूल की जानकारी ले लें।
  • शिकायत 181 पर दर्ज कराएं — विभाग ने त्वरित निस्तारण का दावा किया है।
  • जनसुनवाई में जाएं — ट्रांसफॉर्मर, लाइन या वोल्टेज की समस्या सीधे अधिकारियों को बताएं।

अब इन निर्देशों के आधार पर जिले के AEn और JEn स्तर पर बिजली व्यवस्था की तैयारी की जाएगी। आने वाले हफ्तों में यह देखना होगा कि मैदानी स्तर पर ये निर्देश कितनी तेजी से अमल में आते हैं, क्योंकि असली परीक्षा तो रबी की सिंचाई शुरू होने पर ही होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: धौलपुर में रबी सीजन के लिए बिजली विभाग ने क्या तैयारी की है?
उत्तर: SE विवेक शर्मा ने AEn और JEn के साथ बैठक कर 33/11 केवी GSS, ट्रांसफॉर्मर, फीडर और लाइनों के रखरखाव, ज्यादा लोड वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त क्षमता, तय कृषि ब्लॉक के अनुसार आपूर्ति और फॉल्ट पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्रश्न 2: किसानों को सिंचाई के लिए बिजली कब और कैसे मिलेगी?
उत्तर: विभाग की योजना है कि किसानों को निर्धारित कृषि ब्लॉक के अनुसार तय समय पर गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले। अपने क्षेत्र का शेड्यूल जानने के लिए स्थानीय बिजली कार्यालय से संपर्क करें।

प्रश्न 3: बिजली की शिकायत कहां दर्ज कराएं?
उत्तर: बिजली संबंधी शिकायतें 181 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई जा सकती हैं। विभाग ने इन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं।

प्रश्न 4: पीएम सूर्य घर योजना क्या है और इसका फायदा कैसे मिलेगा?
उत्तर: यह केंद्र सरकार की योजना है जिसके तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल में राहत मिलती है। धौलपुर में अधिकारी पंजीकरण बढ़ाने के लिए लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचाएंगे।

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