सीएम आवास पर बीकानेर की बैठक: पंचायत चुनाव की रणनीति पर मंथन, बिजली और सिंचाई पानी पर सीधे निर्देश

जयपुर/बीकानेर। पंचायत चुनाव से पहले भाजपा ने बीकानेर जिले में अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार (6 अक्टूबर) को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में बीकानेर के भाजपा नेताओं ने पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों की रणनीति पर मंथन किया। लेकिन इस बैठक की सबसे अहम बात यह रही कि राजनीति के साथ-साथ जमीन से जुड़े मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीधे निर्देश दिए — श्रीडूंगरगढ़ और नोखा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को लेकर तुरंत कार्रवाई के आदेश हुए, और खाजूवाला की सिंचाई जल समस्या व कोलायत लिफ्ट परियोजना के सुचारू संचालन पर भी विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। यानी एक तरफ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान हुआ, तो दूसरी तरफ जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार के कामकाज की गति तेज करने की स्पष्ट नीयत भी दिखी।

पंचायत चुनावों का कार्यक्रम पहले ही घोषित हो चुका है — चार चरणों में मतदान होगा और 20 नवंबर को परिणाम आएंगे। ऐसे में मुख्यमंत्री निवास पर हुई यह बैठक महज औपचारिकता नहीं थी। इसमें भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, भाजपा बीकानेर देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, खाजूवाला विधायक विश्वनाथ मेघवाल, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी और नोखा से भाजपा प्रत्याशी व प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल विश्नोई मौजूद रहे। वरिष्ठ नेताओं और जिले के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरण और संगठन की तैयारियों की जानकारी साझा की।

बूथ तक संगठन: भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत का फॉर्मूला

बैठक में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर रहा कि भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से चुनावी तैयारियों में पूरी सक्रियता के साथ जुटने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। भाजपा की यह रणनीति सीधी है — संगठन का काम बूथ पर दिखे, और सरकार का काम जनता के बीच पहुंचे। पंचायत चुनावों में सरपंच, पंच, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान और जिला प्रमुख जैसे पदों के लिए मतदान होगा, इसलिए हर स्तर पर समन्वय जरूरी माना जा रहा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक समन्वय को लेकर अपने सुझाव दिए। बीकानेर देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया ने जिले में संगठन की गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की जानकारी दी और कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।

श्रीडूंगरगढ़ और नोखा की बिजली: विधायक सारस्वत का मुद्दा, मुख्यमंत्री का सीधा आदेश

बैठक के राजनीतिक पहलू के साथ-साथ प्रशासनिक पहलू भी उतना ही अहम रहा। श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने मुख्यमंत्री के सामने क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था से जुड़े मुद्दे रखे। उन्होंने ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की आवश्यकता पर जोर दिया और विद्युत व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही। सारस्वत का तर्क सीधा था — किसानों और आमजन को बिजली से जुड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। बीकानेर जैसे मरुस्थलीय जिले में बिजली और पानी दोनों ही जीवनरेखा हैं, और रबी सीजन से पहले विद्युत व्यवस्था का मजबूत होना किसानों के लिए बेहद अहम है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और श्रीडूंगरगढ़ सहित नोखा क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यानी विधायक की मांग बैठक में ही आदेश में तब्दील हो गई।

खाजूवाला की सिंचाई जल समस्या और कोलायत लिफ्ट परियोजना पर भी निर्देश

बैठक में खाजूवाला क्षेत्र की सिंचाई जल समस्या का मुद्दा भी उठा। विधायक विश्वनाथ मेघवाल की ओर से यह मुद्दा उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर बात कर आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही कोलायत लिफ्ट परियोजना के सुचारू संचालन को लेकर भी विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कोलायत लिफ्ट परियोजना बीकानेर क्षेत्र के लिए सिंचाई के लिहाज से बेहद अहम है। लिफ्ट परियोजनाओं का सुचारू संचालन सीधे तौर पर हजारों किसानों की फसलों से जुड़ा है, इसलिए मुख्यमंत्री के स्तर से सीधे निर्देश मिलना इस बात का संकेत है कि सरकार सिंचाई के मुद्दे को चुनावी मौसम में भी प्राथमिकता पर रखना चाहती है।

बीकानेर में पंचायत चुनाव की तस्वीर: चार चरणों में होगा मतदान

पंचायत चुनावों का कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले ही घोषित कर दिया है। राजस्थान में चार चरणों में मतदान होगा — पहले चरण में 23 अक्टूबर, दूसरे में 29 अक्टूबर, तीसरे चरण में 4 नवंबर और चौथे चरण में 14 नवंबर को वोटिंग होगी। 20 नवंबर को परिणाम घोषित होंगे। धनतेरस (6 नवंबर) के दिन वोटिंग नहीं होगी, इसलिए तीसरे चरण के कार्यक्रम में संशोधन भी किया जा चुका है। बीकानेर जिले में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, पंच, सरपंच, प्रधान और जिला प्रमुख के चुनाव होने हैं। 37 जिलों में 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव होगा।

क्यों मायने रखती है यह बैठक

पहली बात, यह बैठक सिर्फ भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की नहीं थी — इसमें सरकार और संगठन दोनों के तालमेल की झलक दिखी। दूसरी बात, बिजली और पानी जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री के सीधे निर्देश इस बात को दर्शाते हैं कि भाजपा चुनावी रणनीति के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही को भी मुद्दा बनाना चाहती है। तीसरी बात, खाजूवाला की सिंचाई जल समस्या और कोलायत लिफ्ट परियोजना जैसे विषयों का बैठक में आना यह बताता है कि भाजपा ग्रामीण वोटबैंक के सबसे संवेदनशील मुद्दे — पानी — को लेकर सतर्क है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: सीएम आवास पर बीकानेर की यह बैठक कब हुई?
उत्तर: यह बैठक मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर हुई। इसमें बीकानेर जिले के भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रश्न 2: बैठक में पंचायत चुनावों को लेकर क्या चर्चा हुई?
उत्तर: पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, प्रधान और जिला प्रमुख पदों के चुनाव की रणनीति पर मंथन हुआ। भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत के लिए बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में समन्वय बढ़ाने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

प्रश्न 3: बिजली और पानी को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या निर्देश दिए?
उत्तर: श्रीडूंगरगढ़ और नोखा क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। खाजूवाला की सिंचाई जल समस्या पर अधिकारियों से दूरभाष पर बात कर निर्देश दिए गए, और कोलायत लिफ्ट परियोजना के सुचारू संचालन के लिए विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए गए।

प्रश्न 4: राजस्थान में पंचायत चुनाव कब होंगे?
उत्तर: चार चरणों में मतदान होगा — 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को। परिणाम 20 नवंबर को आएंगे। धनतेरस के दिन वोटिंग नहीं होगी। 37 जिलों में 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव होगा।

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