टोंक जिले के देवली-उनियारा क्षेत्र के युवाओं के लिए दिवाली से पहले ही एक बड़ी खुशखबरी आ गई है। राज्य सरकार ने विधानसभा क्षेत्र में तीन नए स्टेडियमों के निर्माण को हरी झंडी दिखा दी है, और इसके लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। यानी अब इस इलाके के स्कूली बच्चों और खिलाड़ियों को खेलने के लिए गांव-गांव भटकना नहीं पड़ेगा — अपने ही स्कूल के कैंपस में आधुनिक खेल सुविधाएं मिलेंगी।
जो युवा अब तक खुले मैदानों में मिट्टी के ट्रैक पर दौड़ लगाते थे या ईंटों से बनी अस्थायी पिच पर क्रिकेट खेलते थे, उनके लिए यह फैसला किसी तोहफे से कम नहीं। तीनों परियोजनाएं एक साथ पूरी होने पर देवली-उनियारा क्षेत्र खेल सुविधाओं के मामले में राज्य के बेहतर क्षेत्रों में गिना जाने लगेगा।
कहां-कहां बनेंगे तीनों स्टेडियम, कितना खर्च आएगा
पहला स्टेडियम उनियारा के सरदार स्कूल में बनेगा — यह एक इंडोर स्टेडियम होगा, जिसके निर्माण पर एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। इंडोर स्टेडियम का मतलब है कि बारिश हो या तेज धूप, खिलाड़ी हर मौसम में अभ्यास कर सकेंगे।
दूसरा स्टेडियम देवली के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रस्तावित है, जिस पर भी एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह क्षेत्र का सबसे बड़ा शैक्षणिक परिसर है, जहां हजारों विद्यार्थी पढ़ते हैं — इन विद्यार्थियों को अब खेल का मैदान घर के पास ही मिलेगा।
तीसरा स्टेडियम दूनी स्थित पीएम श्री स्कूल में बनेगा, जिसके लिए 50 लाख रुपये का बजट तय किया गया है।
तीनों परियोजनाओं का विवरण एक नजर में:
| स्थान | स्कूल/परिसर | स्टेडियम का प्रकार | स्वीकृत राशि |
|---|---|---|---|
| उनियारा | सरदार स्कूल | इंडोर स्टेडियम | ₹1.00 करोड़ |
| देवली | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | स्टेडियम | ₹1.00 करोड़ |
| दूनी | पीएम श्री स्कूल | स्टेडियम | ₹0.50 करोड़ |
किस योजना से मिलेगा पैसा: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना
इन तीनों स्टेडियमों के लिए राशि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत स्वीकृत की गई है। यह योजना जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए बनाई गई है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के साथ-साथ खेल सुविधाएं भी शामिल हैं। योजना का उद्देश्य छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी स्तर की सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि गांवों के प्रतिभाशाली युवा साधनों की कमी की वजह से पीछे न रह जाएं।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्टेडियम का होना सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहता — इससे युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यही वजह है कि राज्य सरकार अब खेल बजट को सीधे जिलों और विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है।
विधायक राजेंद्र गुर्जर के प्रयास, सीएम भजनलाल शर्मा ने दी स्वीकृति
स्थानीय विधायक राजेंद्र गुर्जर के कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यह स्वीकृति उनके लगातार प्रयासों का नतीजा है। विधायक ने क्षेत्र में खेल सुविधाओं की कमी को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद बजट स्वीकृत किया गया।
गौरतलब है कि देवली-उनियारा टोंक जिले का महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र है, जहां से बीजेपी के राजेंद्र गुर्जर विधायक हैं। क्षेत्र में युवाओं की बड़ी आबादी है, और खेलों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन अब तक यहां कोई मानक स्तर का स्टेडियम नहीं था।
राज्य स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में राजस्थान के युवा लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी गांवों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने से रोकती रही है। नई सुविधाएं इसी कमी को दूर करेंगी।
क्यों अहम है यह फैसला: ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है — कमी है तो सिर्फ सुविधाओं की। देवली-उनियारा जैसे क्षेत्रों के युवा राज्य टीमों में चयन तक पहुंचते हैं, लेकिन उनके शुरुआती प्रशिक्षण के दिन खुले मैदानों और साधनों की कमी में बीतते हैं।
तीन नए स्टेडियमों के बनने से:
- स्कूली विद्यार्थी नियमित अभ्यास कर सकेंगे, जिससे उनका शारीरिक विकास बेहतर होगा
- इंडोर स्टेडियम की वजह से सालभर ट्रेनिंग संभव होगी — मानसून या गर्मी रुकावट नहीं बनेगी
- क्षेत्र में जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को घर बैठे मंच मिलेगा
- पीएम श्री स्कूल जैसे संस्थानों में खेल को शिक्षा के बराबर दर्जा मिलेगा
अब आगे क्या: निर्माण और निगरानी
बजट स्वीकृत हो जाने के बाद अब अगला चरण निर्माण कार्य का है। आमतौर पर इस तरह की परियोजनाओं में संबंधित विभाग टेंडर प्रक्रिया के जरिए निर्माण एजेंसी का चयन करता है, और काम की निगरानी जिला प्रशासन के स्तर पर होती है। क्षेत्र के लोगों की नजर अब इस बात पर होगी कि काम कितनी जल्दी शुरू होता है और गुणवत्ता कैसी रहती है।
विधायक कार्यालय का कहना है कि तीनों परियोजनाओं के जरिए विद्यार्थियों और स्थानीय युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: देवली-उनियारा में कितने स्टेडियम बनेंगे?
उत्तर: कुल तीन स्टेडियम बनेंगे — उनियारा के सरदार स्कूल में इंडोर स्टेडियम, देवली के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्टेडियम और दूनी के पीएम श्री स्कूल में स्टेडियम।
प्रश्न: तीनों स्टेडियमों पर कुल कितना खर्च आएगा?
उत्तर: कुल 2 करोड़ 50 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं — उनियारा और देवली के लिए एक-एक करोड़, और दूनी के लिए 50 लाख रुपये।
प्रश्न: राशि किस योजना से आई है?
उत्तर: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत यह स्वीकृति दी गई है।
प्रश्न: यह स्वीकृति किसके प्रयास से मिली?
उत्तर: स्थानीय विधायक राजेंद्र गुर्जर के प्रयासों से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बजट स्वीकृत किया गया है।
स्रोत: दैनिक ब्यूरो नेटवर्क