जयपुर में गंधक-पोटाश धमाका: ईश्वर नगर में पटाखा बनाते वक्त ब्लास्ट, मकान की रेलिंग-शीशे टूटे

दिवाली के मौके पर घर में पटाखा बनाना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसका ताजा उदाहरण जयपुर में सामने आया है। जयपुर गंधक पोटाश धमाका रविवार सुबह ईश्वर नगर इलाके में हुआ, जब गंधक और पोटाश के मिश्रण से पटाखा बनाने की कोशिश के दौरान अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि मकान की रेलिंग टूट गई और खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें SMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही विश्वकर्मा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब दिवाली को लेकर पूरे शहर में पटाखों की खरीद-बिक्री चरम पर है। ऐसे में यह घटना एक चेतावनी है कि गंधक-पोटाश जैसे रसायनों को घर में रखना और उनसे पटाखे बनाने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है।

जयपुर गंधक पोटाश धमाका कैसे हुआ

घटना जयपुर के जोड़ला पावर हाउस के पास स्थित ईश्वर नगर की है। जानकारी के मुताबिक, एक युवक गंधक और पोटाश को मिलाकर पटाखे की तरह चला रहा था। इसी दौरान अचानक मिश्रण में विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए।

विस्फोट की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस मकान में यह हादसा हुआ, उसकी रेलिंग टूट गई और खिड़कियों के शीशे टूटकर बिखर गए। हादसे में वहां मौजूद कई लोग घायल हो गए और उन्हें SMS अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और यह पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी है कि गंधक-पोटाश का यह सामान कहां से लाया गया था।

गंधक-पोटाश का मिश्रण क्यों होता है इतना खतरनाक

गंधक यानी सल्फर और पोटाश यानी पोटैशियम नाइट्रेट का मिश्रण बारूद का एक पुराना और बेहद खतरनाक संयोजन है। पटाखों में इसी तरह के रसायनों का इस्तेमाल होता है, लेकिन लाइसेंसशुदा फैक्ट्रियों में यह काम तय मात्रा, सुरक्षित दूरी और प्रशिक्षित लोगों की देखरेख में होता है। घर में, बिना किसी जानकारी और सुरक्षा के, इन रसायनों को मिलाना और जलाना सीधे-सीधे जान को खतरे में डालना है।

इन रसायनों की सबसे बड़ी खतरनाक बात यह है कि इनमें आग लगने के लिए किसी बाहरी चिंगारी की भी जरूरत नहीं पड़ती। थोड़ी सी रगड़, गर्मी या दबाव भी विस्फोट की वजह बन सकता है। यही वजह है कि पटाखा बनाने का काम सिर्फ अधिकृत इकाइयों में ही होना चाहिए। घर में रखा गंधक-पोटाश का छोटा सा डिब्बा भी पूरे परिवार के लिए मुसीबत बन सकता है।

दिवाली पर पटाखों से जुड़े हादसों का सिलसिला

जयपुर गंधक पोटाश धमाका दिवाली के मौसम में पटाखों से जुड़ा अकेला हादसा नहीं है। बीते दिनों नागौर जिले के बड़ली इलाके में भी पटाखों में आग लगने के बाद भीषण धमाका हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हर साल दिवाली के आसपास देशभर में पटाखों से जलने, आग लगने और विस्फोट के मामले सामने आते हैं, और इनमें सबसे ज्यादा शिकार बच्चे और युवा होते हैं।

राजस्थान में रविवार का दिन हादसों के लिहाज से भारी रहा। बीकानेर में रेलवे ट्रैक पर हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे पर एसिड से भरे कंटेनर के पलटने से रिसाव शुरू हो गया था। त्योहारों के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

पुलिस और अस्पताल की कार्रवाई, जांच जारी

हादसे की सूचना मिलते ही विश्वकर्मा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाने के साथ-साथ घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। सबसे अहम सवाल यह है कि युवक के पास गंधक-पोटाश का सामान कहां से आया और क्या वह इसे बेचने या बड़ी मात्रा में पटाखे बनाने की तैयारी में था। पुलिस इन तमाम पहलुओं की जांच कर रही है।

अवैध रूप से पटाखे बनाना और विस्फोटक सामग्री रखना कानून के तहत गंभीर अपराध है। विस्फोटक अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस के विस्फोटक सामग्री रखना या उससे पटाखे बनाना दंडनीय है, इसलिए पुलिस की जांच के बाद इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। SMS अस्पताल में भर्ती घायलों की हालत पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।

घर में पटाखे बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

दिवाली पर सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाना ही सबसे बड़ी समझदारी है। घर में गंधक, पोटाश या किसी भी तरह के रसायन से पटाखे बनाने की कोशिश बिल्कुल न करें। पटाखे हमेशा लाइसेंसशुदा दुकानों से ही खरीदें। बच्चों को पटाखे जलाते समय अकेला न छोड़ें और उनके साथ कोई बड़ा व्यक्ति जरूर रहे।

पटाखे हमेशा खुली जगह पर और ज्वलनशील सामान से दूर जलाएं। जलते हुए पटाखे के पास झुककर न देखें और अधजले पटाखे को दोबारा जलाने की कोशिश न करें। घर में पानी की बाल्टी या रेत जरूर रखें, ताकि आग लगने पर तुरंत काबू पाया जा सके। अगर किसी के कपड़ों में आग लग जाए तो उसे जमीन पर लिटाकर कंबल से ढकें और तुरंत 108 या 112 पर मदद के लिए फोन करें। जलने पर प्रभावित हिस्से को साफ ठंडे पानी से धोएं और बिना देर किए नजदीकी अस्पताल जाएं।

तथ्य जानकारी
हादसा कब हुआ रविवार, 8 नवंबर 2026 की सुबह
हादसा कहां हुआ ईश्वर नगर, जोड़ला पावर हाउस के पास, जयपुर
क्या हुआ गंधक-पोटाश से पटाखा बनाते समय जोरदार धमाका
नुकसान क्या हुआ मकान की रेलिंग टूटी, खिड़कियों के शीशे टूटे, कई लोग घायल
घायलों को कहां ले जाया गया SMS अस्पताल, जयपुर
किस थाने की पुलिस पहुंची विश्वकर्मा थाना पुलिस
जांच किस बात की हो रही है गंधक-पोटाश कहां से आया, पटाखे बनाने का मकसद क्या था

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जयपुर गंधक पोटाश धमाका कब और कहां हुआ?
यह हादसा रविवार 8 नवंबर 2026 की सुबह जयपुर के जोड़ला पावर हाउस के पास स्थित ईश्वर नगर में हुआ, जब एक युवक गंधक-पोटाश से पटाखा बना रहा था।

धमाके में कितने लोग घायल हुए?
हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें SMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की सटीक संख्या और हालत के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

गंधक-पोटाश का मिश्रण इतना खतरनाक क्यों होता है?
गंधक और पोटाश का मिश्रण बारूद जैसा विस्फोटक संयोजन होता है। इसमें थोड़ी सी रगड़, गर्मी या दबाव से भी विस्फोट हो सकता है, इसलिए घर में इससे पटाखे बनाना जानलेवा हो सकता है।

घर में पटाखे बनाना क्या कानूनी है?
नहीं, बिना लाइसेंस के विस्फोटक सामग्री रखना और उससे पटाखे बनाना विस्फोटक अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। पटाखे सिर्फ अधिकृत और लाइसेंसशुदा दुकानों से ही खरीदने चाहिए।

स्रोत: NDTV राजस्थान की मूल खबर यहां पढ़ें

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