20वीं जूनियर राज्य वुशू प्रतियोगिता: 6 अक्टूबर को खिताबी फैसला, दूसरे दिन जयपुर के खिलाड़ियों का दबदबा

राजस्थान के जूनियर वुशू खिलाड़ियों के लिए आज का दिन सबसे बड़ा इम्तिहान है। भीलवाड़ा के सुखाड़िया स्टेडियम में 4 अक्टूबर से चल रही 20वीं जूनियर (बालक-बालिका) राज्य स्तरीय वुशू प्रतियोगिता का आज, 6 अक्टूबर को अंतिम दिन है — और आज ही पुरुष एवं महिला वर्ग के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। प्रदेश के 24 जिलों के 325 युवा खिलाड़ी तीन दिन से मैट पर अपना दमखम दिखा रहे हैं, लेकिन चैंपियनशिप का असली फैसला अब घंटों की दूरी पर है।

पहले दो दिनों में जयपुर के खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा पदक जीते हैं, जबकि आज के मुकाबलों से तय होगा कि जूनियर वुशू का चैंपियन जिला कौन बनेगा।

आज खिताबी मुकाबले: सेमीफाइनल और फाइनल में क्या होगा खास

प्रतियोगिता के आयोजन सचिव नरेंद्र सिंह के अनुसार अंतिम दिन पुरुष और महिला, दोनों वर्गों के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। यानी आज के मुकाबलों से ही राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के विजेताओं का फैसला हो जाएगा।

राजस्थान वुशू संघ के अध्यक्ष हीरानंद कटारिया ने कहा है कि प्रतियोगिता अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और आज रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़े खिलाड़ी आज पदक और खिताब के लिए मैदान में उतरेंगे।

वुशू में दो अलग-अलग वर्ग होते हैं — तालू और शान्शु। तालू में खिलाड़ी तय करतब और फॉर्म का प्रदर्शन करते हैं, जबकि शान्शु (सान्दा) असली मुकाबले का वर्ग है, जिसमें दो खिलाड़ी रिंग में आमने-सामने उतरते हैं। आज दोनों वर्गों में पदक तय होंगे। मेजबान भीलवाड़ा को अपने खिलाड़ी अरुण से घरेलू मैदान पर पदक की उम्मीद है, जबकि तालू वर्ग में जयपुर की हिमांगी नेगी, स्वारित पारीक और देवांग सैनी खिताब के प्रबल दावेदार हैं।

दूसरे दिन जयपुर का दबदबा, भीलवाड़ा के अरुण की धमाकेदार जीत

प्रतियोगिता के दूसरे दिन तालू वर्ग में जयपुर के खिलाड़ियों ने चमकदार प्रदर्शन किया।

नानक्वान बालक वर्ग में जयपुर के स्वारित पारीक ने स्वर्ण और दीपकमल सिंह ने रजत पदक जीता, जबकि भीलवाड़ा के सुमित कुमार मीना ने कांस्य पदक हासिल करके मेजबान जिले का मान बढ़ाया। विन्ग्चुन बालक वर्ग में जयपुर के देवांग सैनी ने स्वर्ण, जोधपुर के पार्थ सैन ने रजत और आदित्य ने कांस्य पदक जीता।

दूसरे दिन का सबसे यादगार पल शान्शु रिंग में देखने को मिला। 56 किलोग्राम बालक वर्ग के क्वार्टर फाइनल में भीलवाड़ा के अरुण ने जालौर के मोहित सिंह को 2-0 से हराया, जिससे स्टेडियम में बैठे स्थानीय दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं। हालांकि मेजबान जिले के बाकी खिलाड़ियों — भागीरत सुवालका, डूंगर सिंह, उदय, राजवीर जजोटर, शर्मीला माली, सुमन माली और हिमांशु — को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।

दूसरे दिन के प्रमुख नतीजे (तालू वर्ग)

वर्गस्वर्णरजतकांस्य
चनक्वान (बालक)मो. अकिल (पाली)लखन पारीक (जयपुर)विश्वश्रवा आचार्य (जोधपुर)
चनक्वान (बालिका)हिमांगी नेगी (जयपुर)कीर्ति सिंहउन्नति शेखावत
नानक्वान (बालक)स्वारित पारीक (जयपुर)दीपकमल सिंहसुमित कुमार मीना (भीलवाड़ा)
विन्ग्चुन (बालक)देवांग सैनी (जयपुर)पार्थ सैन (जोधपुर)आदित्य

भीलवाड़ा में पहली बार वुशू का महासंग्राम

इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भीलवाड़ा शहर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर वुशू खेल का आयोजन हो रहा है। राजस्थान वुशू संघ और भीलवाड़ा जिला वुशू संघ के संयुक्त तत्वावधान में सत्र 2026-27 की यह प्रतियोगिता सुखाड़िया स्टेडियम में चल रही है।

प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ 4 अक्टूबर को हुआ, जिसकी मुख्य अतिथि भीलवाड़ा की महापौर जसवंत कंवर रहीं। अध्यक्षता राजस्थान वुशू संघ के अध्यक्ष हीरानन्द कटारिया ने की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर, जिला खेल अधिकारी हेमेंद्र सिंह राजावत और भारतीय वुशू टीम के कोच राजेश कुमार टेलर सहित कई अतिथि मौजूद रहे।

पहले दिन शान्शु के जूनियर बालक वर्ग में अजमेर के मोहित (45 किग्रा), अजमेर के वीरेन्द्र (48 किग्रा), पाली के अफजल (48 किग्रा), जयपुर के लक्षित चावरिया (52 किग्रा) और बूंदी के हर्षित सेनी (52 किग्रा) ने अपने-अपने मुकाबले जीते।

दूसरे दिन आयोजित सम्मान समारोह में महिला थानाधिकारी मेघना त्रिपाठी मुख्य अतिथि रहीं। स्टेट फेडरेशन ऑफ यूनेस्को एसोसिएशन इन राजस्थान के प्रदेश संयोजक गोपाल लाल माली और जिला यूनेस्को एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ललित अग्रवाल ने पदक विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। गोपाल लाल माली ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का बेहतर मंच देती हैं।

वुशू क्या है और युवाओं के लिए इसमें करियर के रास्ते

वुशू चीन की पारंपरिक युद्ध कला का आधुनिक खेल रूप है, जिसमें तालू (तय फॉर्म का प्रदर्शन) और शान्शु (रिंग में आमने-सामने मुकाबला) दो विधाएं होती हैं। यह एशियाई खेलों का हिस्सा है और विश्व चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ी पदक जीतते आए हैं।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीत सिर्फ पदक तक सीमित नहीं रहती — यहां से चुने गए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय जूनियर चैंपियनशिप में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है, और पदक विजेताओं को खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में भी लाभ मिलता है। मार्शल आर्ट में रुचि रखने वाले बच्चों के अभिभावक अपने जिले के खेल कार्यालय से प्रशिक्षण की जानकारी ले सकते हैं — चयन जिला स्तर से ही शुरू होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: 20वीं जूनियर राज्य वुशू प्रतियोगिता कहां और कब हो रही है?
उत्तर: यह प्रतियोगिता भीलवाड़ा के सुखाड़िया स्टेडियम में 4 से 6 अक्टूबर 2026 तक हो रही है। इसका आयोजन राजस्थान वुशू संघ और भीलवाड़ा जिला वुशू संघ संयुक्त रूप से कर रहे हैं।

प्रश्न: फाइनल मुकाबले कब होंगे?
उत्तर: 6 अक्टूबर को प्रतियोगिता के अंतिम दिन पुरुष और महिला वर्ग के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे, जिसके बाद चैंपियनशिप के विजेताओं का फैसला होगा।

प्रश्न: इस प्रतियोगिता में कितने खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं?
उत्तर: प्रदेश के 24 जिलों के कुल 325 खिलाड़ी इस जूनियर (बालक-बालिका) प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं।

प्रश्न: वुशू में तालू और शान्शु में क्या अंतर है?
उत्तर: तालू में खिलाड़ी तय करतब और फॉर्म का प्रदर्शन करते हैं, जबकि शान्शु (सान्दा) में दो खिलाड़ी रिंग में आमने-सामने मुकाबला करते हैं। इस प्रतियोगिता में दोनों वर्गों के मुकाबले हो रहे हैं।

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