बीकानेर में इस बार दुर्गाष्टमी कुछ अलग अंदाज में मनाई जा रही है। देवी शक्ति की आराधना के साथ-साथ स्नेहलता व्यास मेमोरियल ट्रस्ट स्वर्गीय स्नेहलता व्यास की स्मृति में आज यानी 19 अक्टूबर को छात्राओं के लिए स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर जागरूकता सत्र आयोजित कर रहा है। यह सत्र दोपहर 3 बजे ओल्ड सिटी के नया शहर क्षेत्र स्थित आरम्भ क्लासेज में होगा, जिसमें आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल एवं अनुसन्धान केंद्र, पीबीएम अस्पताल बीकानेर के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज टांटिया विशेष व्याख्यान देंगे। आरम्भ क्लासेज के निदेशक विमल स्वामी और जीके गुरु अमित सोनी का इसमें विशेष सहयोग रहेगा, जबकि ट्रस्ट के संरक्षक किशन व्यास और सचिव विनय थानवी आयोजन से जुड़े हैं।
कार्यक्रम में क्या-क्या होगा
आज का यह जागरूकता सत्र खास तौर पर उन छात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। ऐसी छात्राओं का पूरा ध्यान पढ़ाई और करियर पर रहता है, और स्वास्थ्य की ओर उनका ध्यान अक्सर देर से जाता है। सत्र में इसी बिंदु पर फोकस रहेगा — पढ़ाई के साथ सेहत भी।
सत्र में डॉ. पंकज टांटिया कैंसर की शुरुआती जानकारी देंगे, समाज में फैली भ्रांतियों और झिझक पर खुलकर बात होगी, और बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए जाएंगे। ट्रस्ट का मकसद सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति लगातार सजग रहने की आदत डालना है।
क्यों जरूरी है ऐसी जागरूकता
मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर — दोनों ही ऐसे रोग हैं जिनमें शुरुआती पहचान से इलाज की सफलता दर बहुत बढ़ जाती है। फिर भी ज्यादातर महिलाएं लक्षणों को नजरअंदाज करती हैं या शर्म के कारण किसी से बात नहीं करतीं। भारत में ज्यादातर मामलों का पता तब चलता है जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है — इसी देरी की वजह से जागरूकता सत्रों की जरूरत बढ़ जाती है। सरकारी स्तर पर आयुष्मान योजना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए मुफ्त जांच की सुविधाएं हैं, लेकिन जब तक समुदाय के स्तर पर लोग खुद आगे नहीं आते, इनका उपयोग कम ही होता है। इसीलिए स्नेहलता व्यास मेमोरियल ट्रस्ट जैसी संस्थाओं की भूमिका अहम है, जो अपनी भाषा में लोगों की झिझक तोड़ती हैं।
वो शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में हो रहे छोटे बदलावों पर ध्यान देना सबसे बड़ा बचाव है। स्तन कैंसर के कुछ आम शुरुआती संकेत ये हो सकते हैं:
- स्तन में गांठ या सूजन महसूस होना
- स्तन के आकार या त्वचा में बदलाव आना
- निप्पल से असामान्य स्राव होना
- बगल के हिस्से में दर्द या गांठ
सर्वाइकल कैंसर के मामले में पीरियड्स के बीच असामान्य ब्लीडिंग, लंबे समय तक चलने वाला दर्द या असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिख सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ध्यान रहे कि ये लक्षण जरूरी नहीं कि कैंसर ही हों, लेकिन जांच जरूर होनी चाहिए।
भ्रांतियां बनाम सच
कैंसर को लेकर समाज में कई गलतफहमियां फैली हुई हैं। आज के सत्र में इन्हीं पर बात होगी। कुछ आम भ्रांतियां और उनका सच:
| भ्रांति | सच |
|---|---|
| कैंसर छूने से फैलता है | कैंसर संक्रामक रोग नहीं है, ये छूने से नहीं फैलता |
| कैंसर का इलाज नहीं हो सकता | शुरुआती चरण में पकड़े जाने पर इलाज की सफलता दर बहुत अधिक होती है |
| ये बीमारी सिर्फ बुजुर्गों को होती है | युवा महिलाओं में भी मामले सामने आते हैं, सतर्कता हर उम्र में जरूरी है |
| गांठ मतलब कैंसर ही है | हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन हर गांठ की जांच जरूरी है |
| जांच कराने से बीमारी बढ़ जाती है | जांच से बीमारी का पता जल्दी चलता है, जो इलाज के लिए सबसे अच्छा समय होता है |
बचाव और जांच के व्यावहारिक उपाय
विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक हर महिला अपनी दिनचर्या में कुछ आसान बदलाव लाकर जोखिम कम कर सकती है:
- स्वयं परीक्षण: हर महीने एक बार स्तन की स्वयं जांच करें। इसमें 5 मिनट से ज्यादा समय नहीं लगता।
- नियमित स्क्रीनिंग: 30 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह पर मैमोग्राफी या अन्य जांच कराएं।
- सर्वाइकल स्क्रीनिंग: पैप स्मीयर टेस्ट समय-समय पर करवाएं। ये जांच सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान में बहुत मददगार है।
- टीकाकरण: एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ सुरक्षा देता है। डॉक्टर से इसके बारे में जरूर बात करें।
- जीवनशैली: धूम्रपान से दूर रहें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें। तंबाकू छोड़ने की मदद के लिए राजस्थान की सरकारी सुविधाएं देश में अव्वल रही हैं।
कार्यक्रम में पहुंचने की पूरी जानकारी
जो छात्राएं या उनके परिजन इस सत्र में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए जरूरी जानकारी:
- तारीख: 19 अक्टूबर (दुर्गाष्टमी)
- समय: दोपहर 3 बजे
- स्थान: आरम्भ क्लासेज, नया शहर क्षेत्र, ओल्ड सिटी, बीकानेर
- आयोजक: स्नेहलता व्यास मेमोरियल ट्रस्ट
- विशेषज्ञ: डॉ. पंकज टांटिया (आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल एवं अनुसन्धान केंद्र, पीबीएम अस्पताल, बीकानेर)
बीकानेर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार भी लगातार जारी है — जिला अस्पताल में हाल ही में ₹1.5 करोड़ के नए निर्माण कार्यों का शिलान्यास हुआ है।
दुर्गाष्टमी पर सेहत का संदेश
दुर्गाष्टमी के दिन शक्ति की देवी की आराधना होती है। इस दिन स्वास्थ्य जागरूकता का आयोजन मातृशक्ति के सम्मान को सेहत से जोड़ने की एक खूबसूरत कोशिश है — ट्रस्ट का मानना है कि बेटियों की असली शक्ति उनकी सेहत और जागरूकता में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: क्या यह जागरूकता सत्र सिर्फ छात्राओं के लिए है?
जवाब: यह सत्र खास तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है, लेकिन इसमें बताई जाने वाली जानकारी हर महिला के लिए उपयोगी है।
सवाल: स्तन कैंसर की जांच कितनी उम्र से शुरू करानी चाहिए?
जवाब: डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक 20 की उम्र से स्वयं परीक्षण शुरू कर देना चाहिए और 30-40 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह पर नियमित स्क्रीनिंग करानी चाहिए।
सवाल: क्या सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है?
जवाब: नियमित पैप स्मीयर जांच और एचपीवी टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सवाल: सत्र में शामिल होने के लिए क्या कोई शुल्क है?
जवाब: यह एक जागरूकता पहल है। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर इसमें शामिल हुआ जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए आयोजन समिति से संपर्क किया जा सकता है।
स्रोत: Real Fact News