राजस्थान ने तंबाकू मुक्ति उपचार के क्षेत्र में एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर अब पूरे देश की नजर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय संसाधन केंद्र ने पिछले 10 महीनों के कामकाज का मूल्यांकन कर तंबाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान को देशभर में प्रथम स्थान के लिए चुना है। यानी तंबाकू छुड़ाने के मामले में राजस्थान आज पूरे भारत में सबसे आगे खड़ा है।
ये कोई छोटी बात नहीं है। तंबाकू से होने वाली बीमारियों — मुंह का कैंसर, फेफड़ों की बीमारियां, हृदय रोग — से हर साल लाखों परिवार प्रभावित होते हैं। ऐसे में जिस राज्य की तंबाकू मुक्ति सेवाएं देश में सर्वश्रेष्ठ ठहरीं, वहां के लिए ये खबर गर्व का पल है। प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने इस उपलब्धि पर प्रदेश के चिकित्साधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई दी है।
सबसे खास बात — ये सम्मान जनवरी-फरवरी 2027 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले समारोह में औपचारिक रूप से प्रदान किया जाएगा।
10 महीनों में 1.52 लाख लोगों तक पहुंची मदद
आंकड़े इस सफलता की कहानी खुद बयां करते हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक प्रदेश में दंत चिकित्सकों के माध्यम से ब्लॉक स्तर तक एक लाख बावन हजार से अधिक लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए उपचार एवं परामर्श दिया गया है। सोचिए — ये 1.52 लाख वो लोग हैं, जिन्होंने तंबाकू की लत छोड़ी या उसे छोड़ने का रास्ता अपनाया। हर एक के पीछे एक परिवार है, एक घर का माहौल बदला है।
राजस्थान देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां दंत चिकित्सकों के माध्यम से ब्लॉक स्तर तक तंबाकू मुक्ति सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। तंबाकू से होने वाले सबसे गंभीर नुकसान — मुंह के कैंसर — का सीधा संबंध दंत स्वास्थ्य से है, इसलिए दंत चिकित्सकों को इस अभियान का चेहरा बनाना एक समझदार और असरदार फैसला साबित हुआ।
क्या-क्या किया राजस्थान ने? पूरे तंत्र की कहानी
ये उपलब्धि एक दिन की मेहनत नहीं है। राज्य तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ और जिला स्तरीय अधिकारियों ने दंत चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया, ताकि वे सिर्फ इलाज ही न करें, बल्कि तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को सही परामर्श भी दे सकें।
कई ऐसे कदम उठाए गए, जो इस सफलता की नींव बने:
- 500 से ज्यादा केंद्रों की जियो-टैगिंग: आमजन को अपने नजदीकी तंबाकू मुक्ति केंद्र की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए 500 से अधिक तंबाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केंद्रों की जियो-टैगिंग करवाई गई। अब किसी को केंद्र ढूंढने में भटकना नहीं पड़ेगा।
- एनआरटी मुफ्त दवा सूची में: तंबाकू छोड़ने के उपचार में काम आने वाली निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) को निःशुल्क दवा सूची में शामिल कर दिया गया है। मतलब, तंबाकू छोड़ने की दवा अब सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलेगी।
- महा-अभियान का स्केल: मई 2026 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पखवाड़े के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रदेश में 71 लाख 73 हजार घरों का दौरा किया। इस दौरान 21 लाख 14 हजार तंबाकू उपभोगियों की पहचान कर उन्हें तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया, और जरूरतमंदों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में उपचार के लिए रेफर भी किया गया।
इतने बड़े पैमाने पर घर-घर जाकर लोगों को समझाना आसान काम नहीं था — इसके लिए जमीनी स्तर के स्वास्थ्यकर्मियों की बड़ी टीम दिन-रात जुटी रही।
पहले भी मिल चुका है विश्व स्वास्थ्य संगठन का सम्मान
ये पहली बार नहीं है जब राजस्थान की तंबाकू नियंत्रण कोशिशों को पहचान मिली हो। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2026 में तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राजस्थान सरकार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस अवार्ड-2026 से सम्मानित किया था। इस सम्मान के तहत डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में राजस्थान को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था।
और अब राष्ट्रीय स्तर पर भी पहला स्थान — राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर राज्य को पहचान मिली है। डब्ल्यूएचओ के कंट्री हेड डॉ. यवन जे.-एफ. हुटिन ने भी प्रदेश के प्रयासों की सराहना की है, और इन सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से तकनीकी सहयोग भी दिया जा रहा है।
तंबाकू छोड़ना चाहते हैं? आपके लिए क्या है
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य तंबाकू छोड़ना चाहता है, तो ये सेवाएं सीधे आपके काम की हैं:
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| तंबाकू मुक्ति केंद्र | प्रदेश में 500 से अधिक केंद्र, जियो-टैगिंग के साथ |
| परामर्श | दंत चिकित्सकों सहित प्रशिक्षित स्टाफ से मुफ्त परामर्श |
| एनआरटी दवा | निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी अब निःशुल्क दवा सूची में |
| रेफरल | गंभीर मामलों में सीएचसी और उच्च चिकित्सा संस्थानों में उपचार |
तम्बाकू मुक्ति उपचार के ये केंद्र ब्लॉक स्तर तक फैले हैं, यानी अब तंबाकू छोड़ने की मदद के लिए बड़े शहर जाने की जरूरत नहीं। निकटतम केंद्र पर जाकर मुफ्त परामर्श लिया जा सकता है। तंबाकू मुक्ति उपचार की यही पहुंच इस उपलब्धि की सबसे बड़ी ताकत है।
यहां एक बात याद रखना जरूरी है — तंबाकू की लत शारीरिक भी है और मानसिक भी। इसलिए सिर्फ दवा से ज्यादा जरूरी है सही मार्गदर्शन और परिवार का साथ। राजस्थान के मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान की तरह ही तंबाकू छोड़ने में भी मानसिक दृढ़ता का बड़ा रोल है।
क्यों मायने रखती है ये उपलब्धि?
तंबाकू से जुड़ी बीमारियां देश में कैंसर का बड़ा कारण हैं। जब एक राज्य ब्लॉक स्तर तक मुफ्त तंबाकू मुक्ति उपचार, परामर्श और दवा पहुंचा रहा है, तो इसका सीधा फायदा उन गरीब परिवारों को होता है, जिनके लिए निजी अस्पताल का खर्च उठाना मुमकिन नहीं।
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के मुताबिक प्रदेश सरकार तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को उपचार उपलब्ध कराने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ और जिला स्तरीय अधिकारी दंत चिकित्सकों को नियमित मार्गदर्शन एवं सहयोग भी दे रहे हैं।
ये उपलब्धि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे सुधार की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है — जहां एक ओर घर-घर तक पेलिएटिव केयर पहुंचाई जा रही है, वहीं तंबाकू जैसी लत से छुटकारा दिलाने का काम भी मिशन मोड में चल रहा है। केंद्र सरकार की तंबाकू नियंत्रण योजना के तहत देशभर में ये सेवाएं चल रही हैं, और राजस्थान अब इनमें सबसे आगे है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: राजस्थान को तंबाकू मुक्ति में पहला स्थान क्यों मिला?
उत्तर: राष्ट्रीय संसाधन केंद्र ने पिछले 10 महीनों का मूल्यांकन किया — ब्लॉक स्तर तक 1.52 लाख लोगों को उपचार-परामर्श, 500+ केंद्रों की जियो-टैगिंग और दंत चिकित्सकों से सेवाओं का विस्तार। इन्हीं के आधार पर चयन हुआ।
प्रश्न 2: तंबाकू मुक्ति केंद्र पर क्या सुविधाएं मिलती हैं?
उत्तर: मुफ्त परामर्श, तंबाकू छोड़ने का उपचार, निःशुल्क एनआरटी दवा और जरूरत पर उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफरल।
प्रश्न 3: ये सम्मान कब और कहां दिया जाएगा?
उत्तर: जनवरी-फरवरी 2027 में नई दिल्ली में आयोजित समारोह में।
प्रश्न 4: क्या राजस्थान को पहले भी तंबाकू नियंत्रण के लिए सम्मान मिल चुका है?
उत्तर: हां। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2026 में राजस्थान सरकार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस अवार्ड-2026 दिया था, जिसमें दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में राजस्थान प्रथम रहा था।