बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना कस्बे में सोमवार तड़के करीब 4 बजे एक हैंडलूम शॉप में भीषण आग लग गई। गुड़ामालानी रोड पर स्थित इस दुकान में लगी बाड़मेर हैंडलूम शॉप आग इतनी विकराल थी कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी घंटों तक इस पर पूरी तरह काबू नहीं पा सकीं। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। आग लगने के कारणों और अब तक हुए नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी बाकी है।
सुबह 4 बजे का घटनाक्रम: बाड़मेर हैंडलूम शॉप आग की पूरी टाइमलाइन
NDTV राजस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा 19 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 4 बजे हुआ। धोरीमन्ना में गुड़ामालानी रोड पर स्थित हैंडलूम शॉप में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। दुकान में कपड़े और हथकरघा उत्पादों का बड़ा स्टॉक होने की वजह से आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि रिपोर्ट लिखे जाने तक इस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। NDTV के सहयोगी गणपत बिश्नोई फोन लाइन के जरिए घटना के कारण और नुकसान की ताजा जानकारी दे रहे थे। स्थानीय प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
| पहलू | विवरण |
| घटना की तारीख | 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) |
| समय | सुबह करीब 4 बजे |
| स्थान | धोरीमन्ना, गुड़ामालानी रोड, जिला बाड़मेर |
| प्रभावित प्रतिष्ठान | हैंडलूम शॉप (कपड़े और हथकरघा उत्पादों का स्टॉक) |
| राहत कार्य | फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर, आग बुझाने का काम जारी |
| आग पर काबू | रिपोर्ट के समय तक पूरी तरह काबू नहीं |
| कारण व नुकसान | आधिकारिक आकलन बाकी |
धोरीमन्ना-गुड़ामालानी रोड: बाड़मेर के हथकरघा कारोबार का अहम केंद्र
बाड़मेर सिर्फ रेगिस्तान और सरहद के लिए नहीं, बल्कि अपने हथकरघा और हस्तशिल्प के लिए भी देश-दुनिया में जाना जाता है। बाड़मेरी प्रिंट, अजरख, कशीदाकारी और ऊनी दरियों की मांग देश के बड़े शहरों से लेकर विदेशों तक है। धोरीमन्ना और गुड़ामालानी जैसे कस्बे इस कारोबार की रीढ़ हैं — यहां सैकड़ों परिवार बुनाई, रंगाई-छपाई और कपड़ा व्यापार से जुड़े हैं।
हैंडलूम शॉप में रखे कपड़े, धागे और तैयार उत्पाद आग के लिए बेहद संवेदनशील होते हैं। एक बार आग पकड़ ले तो सूती और ऊनी कपड़ा तेजी से जलता है और दुकान के अंदर रखा स्टॉक कुछ ही मिनटों में राख में बदल सकता है। यही वजह है कि हथकरघा दुकानों में लगी आग आमतौर पर सामान्य दुकानों की आग से कहीं ज्यादा नुकसानदायक साबित होती है। दीपावली के त्योहारी सीजन में जब दुकानदारों ने भारी स्टॉक भर रखा होता है, तब ऐसा हादसा कारोबारी के लिए दोहरी मार बन जाता है।
त्योहारी सीजन में आग का खतरा क्यों बढ़ जाता है
अक्टूबर-नवंबर का समय राजस्थान में त्योहारों का सीजन होता है। नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के आसपास बाजारों में रौनक बढ़ती है, दुकानों में स्टॉक भरा होता है और बिजली की खपत भी बढ़ जाती है। इसी दौरान आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे कुछ आम कारण होते हैं — पुरानी और ओवरलोडेड बिजली वायरिंग में शॉर्ट सर्किट, दुकानों में ज्वलनशील सामान का बेतरतीब भंडारण, और पटाखों या दीयों से निकली चिंगारी।
पिछले ही दिनों राजस्थान में आग से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर 15 अक्टूबर की रात बारूद से लदे एक कंटेनर में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था — वहां दमकल की तीन गाड़ियों ने आधे घंटे में आग पर काबू पाकर बड़ी त्रासदी टाल दी थी। बाड़मेर हैंडलूम शॉप आग ने एक बार फिर याद दिलाया है कि त्योहारी सीजन में दुकानदारों और घरों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सतर्कता और भी जरूरी हो जाती है।
आग लगने पर तुरंत क्या करें: हेल्पलाइन नंबर और जरूरी सावधानियां
अगर आपके आसपास कहीं आग लग जाए तो घबराने की बजाय तुरंत सही कदम उठाना सबसे अहम है। सबसे पहले फायर ब्रिगेड को 101 पर या आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल करें। आग छोटी हो तभी बुझाने की कोशिश करें, और वह भी तभी जब आपकी अपनी सुरक्षा को कोई खतरा न हो। बिजली से लगी आग पर कभी पानी न डालें — पहले मेन स्विच बंद करें। धुएं से बचने के लिए नीचे झुककर या रेंगकर बाहर निकलें, क्योंकि जहरीला धुआं ऊपर की ओर उठता है।
दुकानदारों के लिए कुछ बुनियादी सावधानियां बेहद काम की हैं — बाड़मेर हैंडलूम शॉप आग जैसी घटनाओं से सबसे बड़ा सबक यही है कि तैयारी पहले से हो। दुकान में हमेशा काम करने वाला फायर एक्सटिंग्विशर रखें और स्टाफ को इसका इस्तेमाल सिखाएं। बिजली की वायरिंग की नियमित जांच कराएं और एक ही सॉकेट पर कई भारी उपकरण न चलाएं। ज्वलनशील सामान को बिजली के बोर्ड और हीटर से दूर रखें। दीपावली के सीजन में दुकान बंद करते समय मेन स्विच जरूर बंद करें। याद रखें, आग लगने के बाद का नुकसान तो होता ही है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी से बड़ी त्रासदी को टाला जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: बाड़मेर में हैंडलूम शॉप में आग कब और कहां लगी?
जवाब: 19 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 4 बजे बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना कस्बे में गुड़ामालानी रोड पर स्थित एक हैंडलूम शॉप में यह आग लगी।
सवाल 2: क्या आग पर काबू पा लिया गया है?
जवाब: सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक इस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। राहत कार्य जारी है।
सवाल 3: आग लगने का कारण क्या था और कितना नुकसान हुआ?
जवाब: आग लगने के कारणों और नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी बाकी है। जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
सवाल 4: आग लगने पर कौन से हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें?
जवाब: फायर ब्रिगेड के लिए 101 और किसी भी आपात स्थिति के लिए 112 पर कॉल करें।
(स्रोत: NDTV राजस्थान)