बीकानेर जिला अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए रविवार का दिन अच्छी खबर लेकर आया। बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास ने जिला अस्पताल परिसर में ₹1.5 करोड़ की लागत से बनने वाले नए निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। सबसे बड़ा फायदा उन गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को होगा, जो आज भी अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में भीड़ और जगह की कमी झेलती हैं। नई प्रसूति ओपीडी, लेबर रूम, प्री-डिलीवरी और पोस्ट-डिलीवरी रूम के साथ चार नई कॉटेज बनने के बाद यह संकट काफी हद तक खत्म हो जाएगा।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष के मुताबिक पिछले ढाई वर्षों में बीकानेर जिला अस्पताल में आउटडोर और इनडोर मरीजों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। प्रसव की संख्या बढ़ी है और अब यहां पहले की तुलना में कई गुना जटिल ऑपरेशन भी किए जाने लगे हैं। मरीजों की बढ़ती भीड़ के सामने पुराना ढांचा नाकाफी पड़ने लगा था — और आज का शिलान्यास उसी खाई को पाटने वाला ठोस कदम है।
बीकानेर जिला अस्पताल: गर्भवती महिलाओं को क्या मिलेगा नया
शिलान्यास समारोह में विधायक जेठानंद व्यास ने बताया कि डीएमएफटी मद से स्वीकृत ₹1.5 करोड़ की राशि से स्त्री एवं प्रसूति विभाग की पूरी सूरत बदल जाएगी। नई प्रसूति ओपीडी में जांच की सुविधा बेहतर होगी, आधुनिक लेबर रूम से डिलीवरी के दौरान सुरक्षा बढ़ेगी, और प्री-डिलीवरी तथा पोस्ट-डिलीवरी रूम अलग होने से प्रसूताओं को आराम और निजता दोनों मिल सकेंगी। चार नई कॉटेज उन परिवारों के काम आएंगी, जिन्हें जटिल प्रसव या ऑपरेशन के बाद रुककर देखभाल की जरूरत होती है।
विधायक ने कहा कि पिछले करीब तीन वर्षों में जिला अस्पताल की सुविधाओं में आमूलचूल सुधार हुआ है, जिससे शहरी क्षेत्र के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने लगी है। डीएमएफटी मद के ये नए कार्य भी सीधे मरीजों के लाभ के लिए हैं।
बीकानेर जिला अस्पताल में 10 करोड़ का बड़ा उन्नयन पैकेज
आज का शिलान्यास असल में एक बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। बजट घोषणा की अनुपालना में जिला अस्पताल में करीब ₹10 करोड़ की लागत से उन्नयन कार्य पहले से चल रहे हैं, जिनमें नया ओपीडी ब्लॉक और मेडिसिन वार्ड शामिल हैं। ₹1 करोड़ की लागत से ड्रग स्टोर के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और काम जल्द शुरू होगा। सबसे अहम है ₹3.5 करोड़ की लागत से बन रहा नया शिशु रोग वार्ड और आईसीयू — नवजात बच्चों की गंभीर देखभाल के लिए अब बीकानेर के परिवारों को बाहर के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
| निर्माण कार्य | अनुमानित लागत | स्थिति |
|---|---|---|
| प्रसूति ओपीडी, लेबर रूम, प्री/पोस्ट-डिलीवरी रूम, 4 कॉटेज | ₹1.50 करोड़ (डीएमएफटी) | शिलान्यास 11 अक्टूबर 2026 |
| नया ओपीडी ब्लॉक और मेडिसिन वार्ड | ₹10 करोड़ (बजट घोषणा) | निर्माणाधीन |
| शिशु रोग वार्ड एवं आईसीयू | ₹3.50 करोड़ | निर्माणाधीन |
| ड्रग स्टोर | ₹1 करोड़ | टेंडर पूर्ण, कार्य शीघ्र |
भामाशाहों के सहयोग से हेरिटेज लुक में नया प्रवेश द्वार
अस्पताल में सिर्फ सरकारी पैसा ही नहीं लग रहा — भामाशाहों का सहयोग भी खुलकर सामने आया है। मदन मोहन ट्रस्ट के सहयोग से अस्पताल में नया प्रवेश द्वार, स्वागत कक्ष, प्रतीक्षालय हॉल और रजिस्ट्रेशन एरिया हेरिटेज लुक में बनाया जा रहा है। नई सोनोग्राफी मशीन, एक्स-रे सुविधा और जनरेटर की व्यवस्था भी करवाई गई है, ताकि जांच के लिए मरीजों को बाहर के लैबों के चक्कर न लगाने पड़ें और बिजली कटने पर भी इलाज में बाधा न आए।
30% मरीज बढ़े: विस्तार क्यों जरूरी था
अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष के आंकड़े बताते हैं कि सुविधाओं में वृद्धि से पिछले ढाई वर्षों में आउटडोर और इनडोर मरीजों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत वृद्धि हुई है। प्रसव की संख्या में भी इजाफा हुआ है तथा अब पहले की तुलना में कई गुना जटिल ऑपरेशन किए जाने लगे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या और उपचार की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विधायक ने परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता कमल खत्री, डॉ. सुषमा बिस्सा, पार्षद अन्नपूर्णा व्यास सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
मरीजों के लिए व्यावहारिक जानकारी
अगर आप या आपके परिवार में कोई बीकानेर जिला अस्पताल में इलाज के लिए जाता है, तो इन बातों का ध्यान रखें: डिलीवरी की अनुमानित तारीख से पहले अस्पताल में नामांकन करा लें — नई प्रसूति ओपीडी बनने के बाद कतारें कम होंगी। दवा हमेशा डॉक्टर की पर्ची के साथ अस्पताल के अधिकृत स्टोर से ही लें। नई सोनोग्राफी और एक्स-रे मशीनें लगने के बाद बाहर की निजी लैब का खर्च बच सकता है — पहले अस्पताल के जांच काउंटर पर पूछें। बिजली कटने की स्थिति में भी जनरेटर की व्यवस्था से इलाज जारी रहेगा।
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में इस तरह के बदलाव की खबरें लगातार आ रही हैं — हाल ही में टोंक के सआदत अस्पताल में दवा चोरी के मामले में नर्सिंग अधिकारी की गिरफ्तारी हुई थी, वहीं अजमेर के जेएलएन अस्पताल में सांप के रेस्क्यू और चूरू में मिड-डे मील से 48 बच्चों के अस्पताल पहुंचने की खबरें भी चर्चा में रहीं। बीकानेर का यह शिलान्यास सरकारी अस्पतालों की सूरत बदलने की उसी कड़ी का हिस्सा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: बीकानेर जिला अस्पताल में किन नए निर्माण कार्यों का शिलान्यास हुआ है?
उत्तर: विधायक जेठानंद व्यास ने 11 अक्टूबर 2026 को ₹1.5 करोड़ की लागत से स्त्री एवं प्रसूति ओपीडी, लेबर रूम, प्री-डिलीवरी रूम, पोस्ट-डिलीवरी रूम और चार कॉटेज के निर्माण का शिलान्यास किया।
प्रश्न 2: बीकानेर जिला अस्पताल के उन्नयन पर कुल कितना खर्च हो रहा है?
उत्तर: ₹1.5 करोड़ के नए शिलान्यास के अलावा ₹10 करोड़ का उन्नयन कार्य चल रहा है, ₹3.5 करोड़ से शिशु रोग वार्ड और आईसीयू बन रहा है, और ₹1 करोड़ का ड्रग स्टोर भी बनेगा।
प्रश्न 3: नए निर्माण से मरीजों को क्या फायदा होगा?
उत्तर: गर्भवती महिलाओं को बेहतर प्रसूति सुविधाएं, नवजातों के लिए आईसीयू, नई सोनोग्राफी-एक्स-रे मशीनें और दवाओं की बेहतर उपलब्धता मिलेगी।
प्रश्न 4: अस्पताल में भामाशाहों का क्या योगदान है?
उत्तर: मदन मोहन ट्रस्ट के सहयोग से हेरिटेज लुक में नया प्रवेश द्वार, स्वागत कक्ष, प्रतीक्षालय हॉल और रजिस्ट्रेशन एरिया बनाया जा रहा है। (स्रोत: बीकानेर लाइव)