पंचायत चुनाव ड्यूटी कटवाना: बांसवाड़ा में 100 से ज्यादा आवेदन, अफसर भी उलझन में

बांसवाड़ा में पंचायत चुनाव ड्यूटी कटवाना इन दिनों सबसे बड़ा प्रशासनिक सिरदर्द बन गया है। जिले में पंचायती राज चुनाव के तीन चरणों के लिए 1377 पोलिंग स्टेशनों पर कुल 8921 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन अब प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ड्यूटी कटवाने के 100 से अधिक आवेदन पहुंच चुके हैं। हर आवेदन में अलग समस्या, अलग बहाना — किसी को गांव में सरपंच के लिए मतदान करना है, तो किसी को अपनी मां की आंखों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाना है।

“काम दो दिन का, ड्यूटी तीनों चरण की” — यही है अफसरों की सबसे बड़ी उलझन

बांसवाड़ा के प्रशासनिक अधिकारियों के सामने आई सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि आवेदन देने वाले कार्मिकों को भले ही दो दिन का जरूरी काम हो, लेकिन वे ड्यूटी चुनाव के तीनों चरणों से कटवाना चाहते हैं। यानी एक चरण में छुट्टी लेकर बाकी दो चरणों में ड्यूटी करने के विकल्प पर भी कई कार्मिक राजी नहीं हैं।

अफसर अब संबंधित कार्मिक को एक चरण में अवकाश और दो चरणों में ड्यूटी का विकल्प दे रहे हैं, लेकिन कई कार्मिक इस समझौते पर भी तैयार नहीं हैं। ऐसे में चुनाव कराने वाले अधिकारियों को हर आवेदन पर अलग-अलग माथापच्ची करनी पड़ रही है।

दरअसल, पंचायत चुनाव की ड्यूटी एक दिन के मतदान तक सीमित नहीं रहती। मतदान सामग्री लेने, बूथ तैयार करने, मॉक पोल, मतदान, ईवीएम और सामग्री जमा कराने से लेकर पंच-सरपंच चुनाव, मतगणना और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं में कई दिन लग जाते हैं। इसीलिए पंचायत चुनाव ड्यूटी कटवाना चाहने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।

बहानों की पूरी लिस्ट: सरपंच का वोट, मां का मोतियाबिंद और बीपी-शुगर की रिपोर्ट

ड्यूटी कटवाने के लिए आए आवेदनों को पढ़कर अधिकारियों का कहना है कि हर आवेदन में कोई न कोई अनोखी समस्या बताई गई है। कुछ कार्मिकों ने लिखा है — “साहब, मुझे गांव में सरपंच के लिए मतदान करना है।” तो किसी ने आवेदन में लिखा — “साहब, मुझे अपनी माता की आंखों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाना है, चुनावी ड्यूटी हटा दी जाए तो आपकी मेहरबानी होगी।”

किसी के घर में शादी है, तो किसी को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या बताई गई है। सबसे ज्यादा आवेदन बीपी, शुगर और स्लिप डिस्क के मरीजों के आए हैं — सभी ने अपने-अपने मेडिकल सर्टिफिकेट सहित अन्य रिपोर्टें भी आवेदनों के साथ लगाई हैं। कई कार्मिकों ने उच्चाधिकारियों की सिफारिशें भी लगाई हैं, ताकि उनकी ड्यूटी कट जाए। अधिकारियों का कहना है कि हर आवेदन में एक अलग ही कहानी है।

आंकड़ों में बांसवाड़ा: 1377 बूथों पर 8921 कार्मिक तैनात

बांसवाड़ा में पंचायत चुनाव तीन चरणों में होगा — कुल 1377 पोलिंग स्टेशनों पर 8921 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। आमतौर पर ड्यूटी में 33 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाफ रिजर्व में रखा जाता है, लेकिन पंचायत चुनाव में पंचायत कार्मिक चुनावी ड्यूटी से बाहर हैं। इसके अलावा महिलाओं को भी चुनावी ड्यूटी से हटाया गया है। इन्हें छोड़कर शिक्षा विभाग व अन्य विभागों से ड्यूटी लगाई गई है।

चरण पोलिंग स्टेशन ड्यूटी पर कार्मिक पंचायत समितियां
द्वितीय चरण 379 2441 4
तृतीय चरण 314 2044 4
चतुर्थ चरण 684 4436 8
कुल 1377 8921 16

इतनी बड़ी तैनाती के बाद भी जब 100 से ज्यादा लोग पंचायत चुनाव ड्यूटी कटवाना चाहते हुए आवेदन दे रहे हैं, तो बूथ प्रबंधन पर दबाव बढ़ना तय है। रिजर्व स्टाफ का प्रावधान तो है, लेकिन एक साथ इतने आवेदन आने से व्यवस्था चुनौतीपूर्ण हो गई है।

पंचायत चुनाव ड्यूटी कटवाना — नियम क्या कहते हैं, इतना आसान क्यों नहीं

पंचायत चुनाव ड्यूटी कटवाना चाहने वालों को यह समझना जरूरी है कि चुनाव ड्यूटी कोई सामान्य सरकारी काम नहीं है — यह कानूनी रूप से अनिवार्य ड्यूटी होती है। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा लगाई गई ड्यूटी से छूट पाने के लिए संबंधित कार्मिक को प्रशासनिक अधिकारी के समक्ष लिखित आवेदन देना होता है, जिसमें छूट का वैध और सत्यापित कारण बताना जरूरी है।

यहीं पर बांसवाड़ा के अधिकारियों की उलझन और बढ़ गई है। मेडिकल सर्टिफिकेट तो लगभग हर आवेदन के साथ लगा है, लेकिन यह तय करना मुश्किल है कि कौन सी स्थिति वाकई ड्यूटी से छूट की हकदार है और कौन सी सिर्फ ड्यूटी से बचने का बहाना है। अधिकारियों की ओर से अब एक चरण में अवकाश और दो चरणों में ड्यूटी का विकल्प दिया जा रहा है, ताकि चुनाव प्रबंधन भी प्रभावित न हो और कार्मिकों की वास्तविक परेशानी का भी समाधान हो सके।

चुनाव ड्यूटी से जुड़े नियमों और ताजा परिपत्रों की जानकारी राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है, जहां पंचायत चुनाव 2026 से संबंधित सभी आदेश प्रकाशित किए जा रहे हैं।

दीपावली की छुट्टी और चुनाव का टकराव — शिक्षकों की नाराजगी पहले से जारी

बांसवाड़ा में पंचायत चुनाव ड्यूटी कटवाना चाहने वालों के आवेदनों की यह लहर कोई अचानक की घटना नहीं है। पंचायत राज चुनावों का कार्यक्रम इस बार अर्धवार्षिक परीक्षाओं और दीपावली के मध्यावधि अवकाश के ठीक बीच में आ गया है। पंचायत चुनाव ड्यूटी पर शिक्षकों का विरोध पहले से ही दर्ज हो चुका है — शिक्षक संगठनों का कहना है कि एक तरफ स्कूलों में परीक्षाएं चलेंगी, दूसरी तरफ शिक्षकों को चुनाव प्रशिक्षण और मतदान ड्यूटी में जाना होगा।

शिक्षा विभाग ने पंचायत चुनाव के कारण अर्धवार्षिक परीक्षाएं स्थगित करके 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक का नया कार्यक्रम जारी किया है, लेकिन चुनावी ड्यूटी का दबाव शिक्षकों पर बना हुआ है। मतदान केंद्र बनने वाले स्कूलों का अधिग्रहण भी होगा, जिससे पढ़ाई और चुनाव दोनों की व्यवस्था एक साथ संभालना प्रशासन के लिए दोहरी चुनौती है। पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया भी कई जिलों में पूरी हो चुकी है, यानी चुनावी घड़ी अब तेज चल रही है।

पंचायत चुनाव ड्यूटी कटवाना — आपके काम के सवाल

प्रश्न: बांसवाड़ा में पंचायत चुनाव की ड्यूटी कितने कार्मिकों की लगाई गई है?
उत्तर: तीन चरणों में 1377 पोलिंग स्टेशनों पर कुल 8921 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है — द्वितीय चरण में 2441, तृतीय में 2044 और चतुर्थ में 4436 कार्मिक।

प्रश्न: चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए कहां आवेदन करना होता है?
उत्तर: प्रशासनिक अधिकारी या जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष लिखित आवेदन देना होता है, जिसमें छूट का वैध कारण और उसके प्रमाण (जैसे मेडिकल सर्टिफिकेट) लगाने होते हैं।

प्रश्न: बांसवाड़ा में ड्यूटी कटवाने के लिए कितने आवेदन आए हैं?
उत्तर: अब तक 100 से अधिक आवेदन पहुंच चुके हैं — किसी को सरपंच के लिए मतदान करना है, तो किसी को परिवार में शादी या स्वास्थ्य संबंधी कारण हैं।

प्रश्न: क्या चुनाव ड्यूटी से इनकार करने पर कार्रवाई हो सकती है?
उत्तर: हां, चुनाव ड्यूटी कानूनी रूप से अनिवार्य होती है। बिना वैध कारण के अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

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