नवरात्रि से लेकर शरद पूर्णिमा तक, चूरू जिले के सालासर बालाजी धाम में आस्था का जो सैलाब उमड़ा है, उसने इस बार के सालासर बालाजी लक्खी मेला को इस साल के सबसे बड़े धार्मिक जमावड़ों में से एक बना दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक नवरात्रि से अब तक 11 लाख से अधिक श्रद्धालु बालाजी महाराज के दर्शन कर चुके हैं, और 26 अक्टूबर तक यह आंकड़ा 15 लाख के पार पहुंचने का अनुमान है।
सबसे खास बात यह है कि ये श्रद्धालु सिर्फ राजस्थान से नहीं आ रहे — देश के विभिन्न हिस्सों से लोग पैदल यात्रा कर दाढ़ी-मूंछ वाले हनुमान जी के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए धाम परिसर और आसपास के इलाके में 150 सीसीटीवी कैमरे और 350 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
सालासर बालाजी लक्खी मेला 2026: तारीख, अवधि और शरद पूर्णिमा का महत्व
सालासर का यह लक्खी मेला हर साल दशहरे से शरद पूर्णिमा तक चलता है। इस बार मेले की औपचारिक व्यवस्थाएं 22 अक्टूबर से शुरू हो गई हैं — जिला प्रशासन ने 22 से 26 अक्टूबर तक के लिए मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं, ताकि पेयजल, विद्युत, यातायात, चिकित्सा और संचार जैसी व्यवस्थाएं बिना रुकावट चलती रहें।
ध्यान देने वाली बात यह है कि 11 लाख का आंकड़ा नवरात्रि से लेकर अब तक का है — यानी शरद पूर्णिमा के मुख्य दिनों में ही चार लाख से ज्यादा अतिरिक्त श्रद्धालुओं के आने की संभावना दिख रही है। यही वजह है कि इस बार सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर खास ध्यान दिया गया है।
भीड़ का स्वरूप: पैदल यात्री और देशभर से आने वाले भक्त
सालासर बालाजी लक्खी मेला की भीड़ सिर्फ संख्या में बड़ी नहीं है, इसके स्वरूप में भी खास भावुकता दिखती है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पैदल चलकर यहां पहुंच रहे हैं — कई भक्त पूरे परिवार के साथ, कुछ गाड़ियों में और कुछ पैदल यात्राओं के जत्थों के रूप में धाम की ओर बढ़ रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लग रही हैं।
हाल ही में बहरोड़ के मनसा माता लक्खी मेले में भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला था, और अब शरद पूर्णिमा के मौके पर सालासर का जमावड़ा उससे कहीं बड़ा आकार ले रहा है।
सुरक्षा और व्यवस्था: 150 सीसीटीवी, 350 से ज्यादा जवान, 24 घंटे नियंत्रण कक्ष
इतनी बड़ी भीड़ को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, और इस बार इसके लिए पहले से ठोस इंतजाम किए गए हैं:
- निगरानी: धाम परिसर और मेला क्षेत्र में 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
- सुरक्षा बल: 350 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जो भीड़ नियंत्रण, कतार प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम कर रहे हैं।
- मेला मजिस्ट्रेट: चूरू के जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के आदेश से 22 से 26 अक्टूबर तक के लिए मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। सुजानगढ़ एडीएम को संपूर्ण मेला क्षेत्र का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि सुजानगढ़ एसडीएम को मंदिर परिसर से पश्चिम का क्षेत्र, पार्किंग व्यवस्था और तालाब क्षेत्र, और सालासर के नायब तहसीलदार को मंदिर के पूर्वी क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।
- 24 घंटे नियंत्रण कक्ष: सुजानगढ़ एडीएम के नियंत्रण में निरंतर 24 घंटे मेला नियंत्रण कक्ष कार्यरत है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
- सेवा समितियां: हनुमान सेवा समिति और सालासर धाम विकास समिति को व्यवस्थाओं में आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।
धाम की विशेषता: दाढ़ी-मूंछ वाले हनुमान जी
सालासर बालाजी धाम की पहचान इसकी अनूठी मूर्ति से है — यहां के हनुमान जी दाढ़ी-मूंछ वाले स्वरूप में विराजमान हैं, जो देशभर में दुर्लभ माना जाता है। भक्तों की आस्था है कि यहां मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होती हैं, और राजस्थान के धार्मिक मेलों की यह परंपरा प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है।
मेला फैक्ट फाइल: एक नजर में पूरी जानकारी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मेला अवधि | 22 से 26 अक्टूबर 2026 |
| मेला की प्रकृति | दशहरा से शरद पूर्णिमा तक वार्षिक लक्खी मेला |
| अब तक के दर्शनार्थी | 11 लाख से अधिक |
| अनुमानित कुल भक्त | 26 अक्टूबर तक 15 लाख पार |
| सीसीटीवी कैमरे | 150 |
| सुरक्षाकर्मी | 350 से अधिक |
| मेला नियंत्रण कक्ष | 24 घंटे कार्यरत |
| मेला मजिस्ट्रेट | सुजानगढ़ एडीएम (संपूर्ण मेला क्षेत्र) |
दर्शन के लिए जाने वालों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप सालासर बालाजी लक्खी मेला में दर्शन के लिए जाने का मन बना रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें:
- समय चुनें समझदारी से: शरद पूर्णिमा के आसपास सबसे ज्यादा भीड़ रहेगी। सुबह जल्दी पहुंचने से लंबी कतारों से बचा जा सकता है।
- पैदल यात्रियों का ख्याल: पर्याप्त पानी और हल्का भोजन साथ रखें। मेले में पेयजल की व्यवस्था प्रशासन ने की है, फिर भी अपनी बोतल साथ रखना बेहतर है।
- बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा: भीड़ में बच्चों को हमेशा साथ रखें और बुजुर्गों के लिए सुबह या देर रात जैसा कम भीड़ वाला समय चुनें।
- मदद चाहिए तो: 24 घंटे चल रहे मेला नियंत्रण कक्ष या नजदीकी सुरक्षाकर्मी से तुरंत संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: सालासर बालाजी लक्खी मेला 2026 कब तक चलेगा?
उत्तर: यह वार्षिक लक्खी मेला दशहरे से शरद पूर्णिमा तक चलता है। इस बार मेले की औपचारिक व्यवस्थाएं 22 अक्टूबर से शुरू हुई हैं और 26 अक्टूबर तक 15 लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान है।
प्रश्न 2: अब तक कितने श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं?
उत्तर: नवरात्रि से अब तक 11 लाख से अधिक श्रद्धालु सालासर बालाजी धाम में दर्शन कर चुके हैं। शरद पूर्णिमा के मुख्य दिनों में यह आंकड़ा 15 लाख के पार जाने की उम्मीद है।
प्रश्न 3: मेले में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
उत्तर: 150 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, 350 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और 24 घंटे कार्यरत मेला नियंत्रण कक्ष — इन सबके जरिए भीड़ और कानून-व्यवस्था का प्रबंधन किया जा रहा है।
प्रश्न 4: सालासर बालाजी धाम की सबसे खास बात क्या है?
उत्तर: यहां के हनुमान जी दाढ़ी-मूंछ वाले स्वरूप में विराजमान हैं, जो देशभर में दुर्लभ है। इसी अनूठी मूर्ति और मनोकामना पूर्ण होने की आस्था के चलते देशभर से लाखों भक्त यहां आते हैं।
स्रोत: तथ्य गुड न्यूज़ टुडे की 23 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट और लोकवार्ता की मेला-प्रशासन संबंधी जानकारी से सत्यापित। राजस्थान पर्यटन विभाग पर धार्मिक स्थलों की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध है।
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