त्योहारी सीजन के बीच राजस्थान का मौसम एक बार फिर बदलने जा रहा है। राजस्थान मौसम येलो अलर्ट को लेकर मौसम केंद्र जयपुर ने ताजा पूर्वानुमान जारी किया है — कल यानी 20 अक्टूबर (मंगलवार) को प्रदेश के 7 जिलों में मेघगर्जन के साथ आंधी-बारिश हो सकती है। इन जिलों में बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अगर आप बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा या टोंक में रहते हैं, तो कल का दिन संभलकर बिताएं। किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष सलाह जारी की है, क्योंकि खेतों में पकी खड़ी खरीफ फसल और मंडियों में खुले में रखा अनाज बारिश से खराब हो सकता है।
गौरतलब है कि 19 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश पर पूरी तरह ब्रेक रहा और किसी जिले में कोई अलर्ट नहीं था — लेकिन 20 अक्टूबर से पूर्वी राजस्थान में मौसम का मिजाज बदल जाएगा।
राजस्थान मौसम येलो अलर्ट: किन 7 जिलों में चेतावनी
मौसम केंद्र जयपुर के बुलेटिन के मुताबिक 20 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के इन 7 जिलों में येलो अलर्ट रहेगा:
| जिला | संभावित स्थिति | हवा की रफ्तार |
|---|---|---|
| बारां | मेघगर्जन, बिजली गिरने की आशंका | 30-40 किमी/घंटा |
| भीलवाड़ा | गरज-चमक के साथ बारिश | 30-40 किमी/घंटा |
| बूंदी | मेघगर्जन, वज्रपात का खतरा | 30-40 किमी/घंटा |
| चित्तौड़गढ़ | हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं | 30-40 किमी/घंटा |
| झालावाड़ | आंधी-बारिश, बिजली गिरने की चेतावनी | 30-40 किमी/घंटा |
| कोटा | गरज-चमक, तेज हवाओं के साथ बारिश | 30-40 किमी/घंटा |
| टोंक | मेघगर्जन, हल्की बारिश की संभावना | 30-40 किमी/घंटा |
कोटा संभाग (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) में विशेष सतर्कता की सलाह है — यहां गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधि सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है। जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कुछ अन्य हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन वहां कोई औपचारिक अलर्ट नहीं है।
IMD ने क्यों जारी की चेतावनी — वजह जानिए
मानसून विदा हो चुका है, फिर अक्टूबर के आखिर में आंधी-बारिश क्यों? मौसम विभाग के मुताबिक इसकी वजह दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक बनी एक ऊपरी वायुमंडलीय ट्रफ लाइन है। सरल शब्दों में — वायुमंडल की ऊपरी परत में हवा के दबाव की एक पट्टी नमी को ऊपर खींच रही है, जिससे बादल बनकर गरज-चमक के साथ बरस रहे हैं।
अक्टूबर में ऐसा होना असामान्य नहीं है। मानसून की विदाई के बाद भी ट्रफ लाइन या पश्चिमी विक्षोभ के असर से 2-3 दिन मौसम बिगड़ जाता है। यही वजह है कि 18 अक्टूबर को जयपुर में बारिश के साथ ओले भी गिरे थे। राहत की बात यह है कि बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर और श्रीगंगानगर समेत पश्चिमी राजस्थान में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा।
किसानों के लिए मौसम विभाग की खास सलाह
इस राजस्थान मौसम येलो अलर्ट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है — खेतों में खरीफ की फसल पककर तैयार है और कई जगह कटाई चल रही है। मौसम विभाग ने जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग के किसानों को सलाह दी है:
- पकी फसल और खलिहान में रखे अनाज को तिरपाल से ढककर रखें।
- मंडियों में खुले में रखे कृषि उत्पादों को भीगने से बचाने का प्रबंध करें।
- गरज-चमक शुरू होते ही खेत का काम रोककर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
- पशुओं को खुले में न बांधें — आंधी में पेड़ या टीन शेड गिरने का खतरा रहता है।
हल्की बारिश रबी की बुवाई के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन तेज हवा और ओले खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं — इसलिए एहतियात ही सबसे बड़ा बचाव है।
बिजली गिरने और आंधी से बचाव के जरूरी नियम
मेघगर्जन के दौरान सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली का होता है। 20 अक्टूबर को इन नियमों का पालन करें:
- बिजली कड़कने पर खुले मैदान, खेत या पानी वाली जगह से हटकर पक्की इमारत या गाड़ी के अंदर चले जाएं।
- आंधी में पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर इमारतों से दूर रहें।
- घर के अंदर हों तो बिजली उपकरणों के प्लग निकाल दें और खिड़कियों से दूर रहें।
- दोपहिया वाहन पर तेज हवा में संतुलन बिगड़ सकता है — आंधी के दौरान सफर टाल दें।
- बच्चों और बुजुर्गों को इस दौरान घर के अंदर ही रखें।
30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवा कमजोर टीन शेड और सूखी डालियों को उड़ा सकती है — पहले से जांच कर लें।
राजस्थान मौसम येलो अलर्ट का मतलब समझिए
मौसम विभाग चार रंगों का कोड इस्तेमाल करता है — हरा (मौसम सामान्य), पीला (सचेत रहें — मौसम बिगड़ सकता है), नारंगी (तैयार रहें — नुकसान संभव), लाल (तुरंत कार्रवाई करें — गंभीर खतरा)। 20 अक्टूबर को 7 जिलों में जारी यह राजस्थान मौसम येलो अलर्ट पीले स्तर का है — यानी घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है।
बाकी राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
अलर्ट वाले जिलों को छोड़ बाकी प्रदेश में मौसम मिला-जुला रहेगा। पश्चिमी राजस्थान में धूप खिली रहेगी, पूर्वी राजस्थान के शेष हिस्सों में बादल छा सकते हैं और छिटपुट बूंदाबांदी संभव है। दिन का तापमान 32-34 डिग्री और रात का 20-22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा; राजस्थान मौसम येलो अलर्ट वाले इलाकों में दिन के तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
मानसून 2026 की फाइनल रिपोर्ट के मुताबिक इस बार सामान्य से 12.6 प्रतिशत कम बारिश हुई है, इसलिए यह बारिश किसानों के लिए राहत भी ला सकती है — बशर्ते वह तबाही न मचाए। मौसम विभाग के अनुसार 21 अक्टूबर से ट्रफ का असर कमजोर होगा और दिवाली के आसपास मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: 20 अक्टूबर को किन जिलों में येलो अलर्ट है?
उत्तर: बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा और टोंक — इन 7 जिलों में मेघगर्जन, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी है।
प्रश्न 2: क्या जयपुर में भी बारिश होगी?
उत्तर: जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी संभव है, लेकिन जयपुर के लिए कोई औपचारिक अलर्ट जारी नहीं हुआ है।
प्रश्न 3: किसानों को क्या सलाह दी गई है?
उत्तर: जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग के किसान पकी फसल और मंडियों में खुले अनाज को बारिश से बचाने का इंतजाम करें; गरज-चमक में खेत का काम रोक दें।
प्रश्न 4: येलो और रेड अलर्ट में क्या अंतर है?
उत्तर: येलो का मतलब “सचेत रहें” और रेड का मतलब “तुरंत कार्रवाई करें” है। 20 अक्टूबर का राजस्थान मौसम येलो अलर्ट पीले स्तर की चेतावनी है।
ताजा मौसम जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।