सोमवार की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे भीलवाड़ा जिले के आगूंचा कस्बे में हुआ भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका पूरे इलाके को दहला गया। गुलाबपुरा थाना क्षेत्र के एक रिहायशी परिसर में खड़ी विस्फोटकों से भरी पिकअप वैन में अचानक इतना जोरदार विस्फोट हुआ कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और करीब 150 मीटर के दायरे में एक दर्जन से ज्यादा मकानों के शीशे चकनाचूर हो गए। हादसे में पिकअप चालक की मौके पर ही मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी खतरनाक विस्फोटक सामग्री एक रिहायशी इलाके के बीचों-बीच लाकर खड़ी की गई थी — अब पुलिस जांच कर रही है कि इसके पीछे उद्देश्य क्या था और इसका वैध लाइसेंस था या नहीं।
भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका कितना भीषण था: इंजन 10 फीट दूर जा गिरा
भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिकअप वैन का इंजन करीब 10 फीट दूर जा गिरा और वाहन के पुर्जे दूर-दूर तक बिखर गए। धमाके की आवाज दूर-दराज तक सुनाई दी। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया — मलबे के नीचे से चालक का शव बरामद हुआ।
जिस परिसर में पिकअप खड़ी थी, उसकी चारदीवारी पूरी तरह ढह गई। आसपास के मकानों के दरवाजों-खिड़कियों के शीशे टूट गए और कई घरों की दीवारों में गहरी दरारें आ गईं। गनीमत यह रही कि धमाके के समय आसपास के अन्य लोग बाल-बाल बच गए, वरना यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।
रिहायशी इलाके के बीच क्यों खड़ी थी विस्फोटकों से भरी पिकअप?
गुलाबपुरा थानाधिकारी संजय गुर्जर के मुताबिक धमाका आगूंचा निवासी रामदेव पुत्र हीरालाल खटीक के परिसर के नोहरे (बाड़े) में हुआ। बताया जा रहा है कि वैन के आगूंचा पहुंचने के करीब 15 मिनट बाद ही उसमें जोरदार विस्फोट हो गया।
भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका का सबसे बड़ा सवाल यही है — रिहायशी इलाके में इतना विस्फोटक किस उद्देश्य से लाया गया था? विस्फोटक का भंडारण और परिवहन दोनों कड़े नियमों के अधीन होते हैं, और बस्ती के बीच इस तरह विस्फोटक लाना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
चैनपुरिया की मैग्जीन से आया था विस्फोटक, संचालक भूमिगत
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आगूंचा से करीब पांच किलोमीटर दूर चैनपुरिया में रामदेव खटीक की विस्फोटक मैग्जीन यानी गोदाम है। इसी मैग्जीन से विस्फोटक सामग्री पिकअप वैन में लादकर आगूंचा के नोहरे तक लाई गई थी, लेकिन इसे वहां लाने का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका की जड़ तक पहुंचने के लिए पुलिस यह भी पता लगा रही है कि विस्फोटक के भंडारण और परिवहन का वैध लाइसेंस था या नहीं। घटना के बाद से ही मैग्जीन संचालक रामदेव खटीक भूमिगत है और उसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं। विस्फोटक अधिनियम के तहत बिना वैध अनुमति के विस्फोटक रखना या ले जाना गंभीर अपराध है।
मृतक चालक कौन था: बूंदी के रामअवतार की मौके पर मौत
इस भीषण हादसे में पिकअप चालक की मौके पर ही मौत हो गई। पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक मृतक की पहचान 35 वर्षीय रामअवतार के रूप में हुई है, जो बूंदी जिले का रहने वाला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका: फॉरेंसिक जांच में क्या-क्या पता लगेगा?
भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका की फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। टीम विस्फोट में इस्तेमाल हुए पदार्थों की पहचान और धमाके की असल वजह का पता लगाएगी। जांच से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है — पिकअप में किस तरह के विस्फोटक भरे थे, उनकी मात्रा कितनी थी, विस्फोट किस वजह से हुआ और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था।
पुलिस-प्रशासन की अब तक की कार्रवाई
भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका के बाद धमाके की सूचना मिलते ही अगूंचा पुलिस चौकी और गुलाबपुरा थाना पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। थानाधिकारी संजय गुर्जर खुद घटनास्थल पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेरकर सील कर दिया गया है।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है और फरार मैग्जीन संचालक की तलाश के लिए टीमें गठित की हैं। हाल के दिनों में राजस्थान पुलिस संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, और इस मामले में भी प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि आज ही पाली जिले की एक ग्वार-गम फैक्ट्री में भी भीषण आग से तीन मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे और दो लापता बताए जा रहे हैं। एक ही दिन में दो बड़े हादसों ने प्रदेश में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना एक नजर में
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| तारीख और समय | सोमवार, 19 अक्टूबर 2026, सुबह करीब 11:30 बजे |
| स्थान | आगूंचा, गुलाबपुरा थाना क्षेत्र, जिला भीलवाड़ा |
| हादसा | विस्फोटकों से भरी पिकअप वैन में भीषण धमाका |
| मृतक | पिकअप चालक रामअवतार (35), निवासी बूंदी जिला |
| नुकसान | वाहन के परखच्चे उड़े, चारदीवारी ढही, 150 मीटर दायरे में दर्जनभर मकान क्षतिग्रस्त |
| परिसर | रामदेव पुत्र हीरालाल खटीक का नोहरा, आगूंचा |
| विस्फोटक का स्रोत | चैनपुरिया (5 किमी दूर) स्थित विस्फोटक मैग्जीन |
| जांच | एफएसएल टीम, थाना प्रभारी संजय गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस जांच; संचालक भूमिगत, तलाश जारी |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: भीलवाड़ा में धमाका कहां और कब हुआ?
उत्तर: यह भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे गुलाबपुरा थाना क्षेत्र के आगूंचा गांव में हुआ। रामदेव खटीक के परिसर में खड़ी विस्फोटकों से भरी पिकअप में अचानक विस्फोट हो गया।
प्रश्न: हादसे में किसकी मौत हुई?
उत्तर: भीलवाड़ा विस्फोटक धमाका में पिकअप चालक की मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक मृतक की पहचान 35 वर्षीय रामअवतार के रूप में हुई है, जो बूंदी जिले का रहने वाला था।
प्रश्न: विस्फोटक रिहायशी इलाके में क्यों लाया गया था?
उत्तर: जांच में सामने आया है कि चैनपुरिया स्थित रामदेव खटीक की विस्फोटक मैग्जीन से विस्फोटक लादकर पिकअप आगूंचा के नोहरे में लाई गई थी। इसे वहां लाने का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
प्रश्न: अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
उत्तर: पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है, फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है और भूमिगत हुए मैग्जीन संचालक रामदेव खटीक की तलाश जारी है।