राजस्थान पंचायत चुनाव: धनतेरस पर मतदान नहीं, आयोग ने तीन चरणों का कार्यक्रम बदला

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव लड़ने या वोट देने की तैयारी कर रहे लाखों मतदाताओं के लिए एक अहम सूचना आई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के कार्यक्रम में संशोधन कर दिया है। संशोधित कार्यक्रम के तहत पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान की तारीख एक दिन पहले कर दी गई है, ताकि धनतेरस जैसे धार्मिक पर्व के दिन मतदान की स्थिति न रहे। मतदान की तारीखें पहले से घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही रहेंगी, लेकिन चुनावी प्रक्रिया से जुड़े प्रस्थान का शेड्यूल बदल गया है।

धनतेरस के दिन क्यों नहीं होगा मतदान

धनतेरस हिंदू परंपरा में शुभ खरीदारी और समृद्धि का पर्व माना जाता है। राजस्थान में इस दिन बाजारों में भारी भीड़ रहती है और लोग दिनभर खरीदारी में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में अगर चुनावी ड्यूटी या मतदान उसी दिन पड़ता, तो मतदाताओं और चुनाव कर्मियों दोनों के लिए असुविधा होती। राज्य निर्वाचन आयोग ने धार्मिक आस्था और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।

आयोग का कहना है कि मतदान जैसे लोकतांत्रिक कार्य और धनतेरस जैसे धार्मिक पर्व के बीच टकराव से बचना जरूरी था। इसलिए तीनों चरणों में पोलिंग पार्टियों के रवानगी का समय एक दिन पहले कर दिया गया, ताकि पूरी चुनावी प्रक्रिया धनतेरस से पहले सुचारु रूप से पूरी हो जाए।

चरण 1: नया कार्यक्रम क्या है

पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 22 अक्टूबर (गुरुवार) को होगा। इसके लिए पोलिंग पार्टियां 21 अक्टूबर (बुधवार) को रवाना होंगी। इसके बाद पंच और सरपंच के लिए नामांकन 23 अक्टूबर (शुक्रवार) को होगा और मतदान 24 अक्टूबर (शनिवार) को कराया जाएगा। उप सरपंच का चुनाव 25 अक्टूबर (रविवार) को होगा।

चरण 2: मतदान की नई तारीखें

दूसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान 27 अक्टूबर (मंगलवार) को होगा और मतदान 28 अक्टूबर (बुधवार) को कराया जाएगा। पंच और सरपंच के पदों के लिए नामांकन 29 अक्टूबर (गुरुवार) को होगा, मतदान 30 अक्टूबर (शुक्रवार) को होगा और उप सरपंच का चुनाव 31 अक्टूबर (शनिवार) को कराया जाएगा।

चरण 3: दिवाली से पहले पूरी होगी प्रक्रिया

तीसरे चरण में पोलिंग पार्टियां 2 नवंबर (सोमवार) को रवाना होंगी। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 3 नवंबर (मंगलवार) को होगा। इसके बाद पंच और सरपंच के लिए नामांकन 4 नवंबर (बुधवार), मतदान 5 नवंबर (गुरुवार) और उप सरपंच का चुनाव 6 नवंबर (शुक्रवार) को होगा। उल्लेखनीय है कि 6 नवंबर को धनतेरस का पर्व है, इसलिए मतदान उससे एक दिन पहले 5 नवंबर को ही करा लिया जाएगा।

संशोधित कार्यक्रम का सारांश इस तालिका में देखें:

चरण पोलिंग पार्टी रवानगी जिला परिषद/पंचायत समिति मतदान पंच-सरपंच नामांकन पंच-सरपंच मतदान उप सरपंच चुनाव
पहला 21 अक्टूबर (बुध) 22 अक्टूबर (गुरु) 23 अक्टूबर (शुक्र) 24 अक्टूबर (शनि) 25 अक्टूबर (रवि)
दूसरा 27 अक्टूबर (मंगल) 28 अक्टूबर (बुध) 29 अक्टूबर (गुरु) 30 अक्टूबर (शुक्र) 31 अक्टूबर (शनि)
तीसरा 2 नवंबर (सोम) 3 नवंबर (मंगल) 4 नवंबर (बुध) 5 नवंबर (गुरु) 6 नवंबर (शुक्र)

क्या-क्या यथावत रहेगा

राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि घोषित कार्यक्रम में अन्य कोई बदलाव नहीं किया गया है। मतदान की तारीखें वही रहेंगी जो पहले घोषित की गई थीं। केवल पहले तीन चरणों में पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान की तारीख एक दिन पहले की गई है। आयोग ने यह भी साफ किया है कि चुनावी कार्यक्रम में धनतेरस के दिन मतदान की स्थिति नहीं रहेगी।

पंचायती राज चुनाव की घोषणा के साथ ही 3 अक्टूबर से प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है। आयोग कुल चार चरणों में चुनाव करा रहा है। केवल जयपुर जिले में चार चरणों में मतदान होगा, जबकि अन्य जिलों में तीन चरणों में प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव कब होंगे

राज्य के 37 जिलों में 25 नवंबर (बुधवार) को जिला प्रमुख और 27 नवंबर (शुक्रवार) को प्रधान का चुनाव होगा। इसके अगले दिन 26 नवंबर (गुरुवार) को उप जिला प्रमुख और 28 नवंबर (शनिवार) को उप प्रधान के चुनाव कराए जाएंगे।

कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होगा। इसलिए इन चार जिलों में प्रमुख और प्रधान के चुनाव बाद में कराए जाएंगे, हालांकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव अन्य जिलों के साथ ही होंगे।

मतदाताओं को कम अंतराल में दो बार देना होगा वोट

इस चुनाव कार्यक्रम की एक खास बात यह है कि मतदाताओं को कम अंतराल में दो बार मतदान करना होगा। जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य का चुनाव एक ही दिन होगा और इसके ठीक दो दिन बाद पंच और सरपंच के लिए मतदान कराया जाएगा। सरपंच चुनाव में मतदान के बाद उसी दिन देर रात तक परिणाम घोषित किए जाएंगे।

चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मियों के लिए जरूरी जानकारी

जिन सरकारी कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगी है, उनके लिए रवानगी की नई तारीखें विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। पहले चरण की पोलिंग पार्टियां अब 21 अक्टूबर को रवाना होंगी, दूसरे चरण की 27 अक्टूबर को और तीसरे चरण की 2 नवंबर को। मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्था, ईवीएम और मतपेटी की तैयारी भी इन्हीं तारीखों के हिसाब से पूरी की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • सवाल: क्या मतदान की तारीखें बदल गई हैं?
    जवाब: नहीं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान की तारीखें पहले से घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही रहेंगी। केवल पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान की तारीख एक दिन पहले की गई है।
  • सवाल: धनतेरस के दिन मतदान क्यों नहीं होगा?
    जवाब: धनतेरस पर धार्मिक आस्था और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आयोग ने कार्यक्रम में संशोधन किया है, ताकि पर्व के दिन मतदान की स्थिति न रहे।
  • सवाल: आदर्श आचार संहिता कब से लागू है?
    जवाब: पंचायती राज चुनाव की घोषणा के साथ 3 अक्टूबर से प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।
  • सवाल: सरपंच चुनाव का परिणाम कब आएगा?
    जवाब: सरपंच चुनाव में मतदान के बाद उसी दिन देर रात तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

Leave a Comment