JDA ने हाईकोर्ट में पेश की न्यू सांगानेर रोड की पालना रिपोर्ट — 700 मीटर हिस्सा साफ, मांगा 4 सप्ताह का समय

जयपुर के न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण हटाने के मामले में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई हुई — जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने राजस्थान हाईकोर्ट के सामने शपथ पत्र के साथ अपनी पालना रिपोर्ट पेश कर दी। अदालत के आदेश पर सोमवार से शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई के पहले दिन का हिसाब देते हुए JDA ने बताया कि अब तक करीब 700 मीटर लंबे हिस्से से अतिक्रमण और बाधाएं हटा दी गई हैं। साथ ही प्राधिकरण ने कहा कि अभी 124 आपत्तियां लंबित हैं, जिनके निस्तारण और बचे हुए लगभग 1.7 किलोमीटर हिस्से से अतिक्रमण हटाने के लिए अदालत से चार सप्ताह का अतिरिक्त समय चाहिए। कोर्ट की नॉन-सिटिंग की वजह से मामले की अगली सुनवाई अब दो सप्ताह बाद होगी।

एक दिन में 700 मीटर: शपथ पत्र में JDA ने क्या-क्या बताया

JDA की ओर से एडवोकेट अमित कुड़ी और धर्माराम अदालत में पेश हुए और अदालत के आदेश की पालना में उठाए गए कदमों की जानकारी शपथ पत्र में दी। रिपोर्ट के मुताबिक 5 अक्टूबर से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। न्यू सांगानेर रोड के दोनों ओर से एक दिन की कार्रवाई में अतिक्रमण और सड़क से जुड़ी विभिन्न बाधाएं हटाई गईं।

प्राधिकरण ने अदालत को यह भी बताया कि कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और दुकानदारों की तरफ से विरोध हुआ। कई जगहों पर विरोध इतना बढ़ गया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बन आई, फिर भी प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी।

124 आपत्तियां लंबित, 100 नगर निगम के दायरे में

JDA के लिए सबसे बड़ी अड़चन फिलहाल आपत्तियों का लंबित होना है। शपथ पत्र के अनुसार कुल 124 आपत्तियां अभी निपटाई जानी बाकी हैं। इनमें से लगभग 100 आपत्तियां नगर निगम के क्षेत्राधिकार से जुड़ी हैं। यानी जिन निर्माणों पर सवाल उठा है, उनमें से बड़ी संख्या ऐसी है जिनका अधिकार-क्षेत्र JDA के बजाय नगर निगम का बताया जा रहा है।

प्राधिकरण का कहना है कि इन आपत्तियों का विधिवत निस्तारण किए बिना बचे हुए हिस्से से अतिक्रमण हटाना व्यावहारिक रूप से कठिन है। इसीलिए अदालत से चार सप्ताह का समय मांगा गया है — ताकि एक-एक आपत्ति का परीक्षण हो सके और शेष करीब 1.7 किलोमीटर लंबे हिस्से से अतिक्रमण हटाने का काम पूरा किया जा सके।

मामला यहां से शुरू हुआ: जनहित याचिका और हाईकोर्ट का सख्त रुख

यह पूरा मामला सुरेश चंद रावत और अन्य की जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में न्यू सांगानेर रोड पर फैले अतिक्रमण और सड़क की चौड़ाई को लेकर बाधाओं को हटाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि मास्टर प्लान और विभागीय दस्तावेजों में इस सड़क की चौड़ाई 100 फीट तय है, लेकिन दोनों ओर अवैध कब्जों और पक्के-अस्थाई निर्माणों के कारण यह सिमटकर मात्र 40 से 60 फीट रह गई थी। रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम और हादसों की वजह इसी सिकुड़ती सड़क को बताया गया।

राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क को उसकी तय चौड़ाई में बहाल करने के सख्त आदेश दिए थे और JDA को 6 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा तय की थी। इसी आदेश के अनुपालन में प्राधिकरण ने सोमवार सुबह से कार्रवाई शुरू की — गुर्जर की थड़ी चौराहे से सोडाला तक करीब तीन किलोमीटर के हिस्से में करीब 260 मकानों और दुकानों के अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया है। फिलहाल फोकस गुर्जर की थड़ी से आगे लगभग एक किलोमीटर के दायरे पर रहा है।

त्योहारी सीजन में व्यापारियों की नाराजगी

दीपावली से ठीक पहले शुरू हुई इस कार्रवाई का स्थानीय व्यापारियों ने विरोध किया है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में जब कारोबार बढ़ता है, उसी वक्त दुकानों और शोरूमों के आगे-पीछे तोड़फोड़ से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। कई व्यापारियों ने JDA के ऑपरेशन से पहले ही खुद अपना अतिक्रमण हटा लिया था, तो कुछ ने कार्रवाई के दौरान सामान खराब होने के डर से दुकानें खाली कर दीं।

स्थानीय व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन से त्योहारों के दौरान राहत देने की अपील भी की है। कार्रवाई के पहले दिन सिविल लाइंस के विधायक गोपाल शर्मा भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे थे। प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान न्यू सांगानेर रोड का गुर्जर की थड़ी से संजीवनी अस्पताल तक का हिस्सा बंद कर दिया और ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

पहलूविवरण
सड़क की तय चौड़ाई100 फीट (मास्टर प्लान के अनुसार)
अतिक्रमण के बाद वास्तविक चौड़ाई40 से 60 फीट
चिह्नित अवैध निर्माणलगभग 260 मकान और दुकानें
कुल प्रभावित हिस्सागुर्जर की थड़ी से सोडाला तक, करीब 3 किलोमीटर
अब तक साफ किया गया हिस्साकरीब 700 मीटर
बचा हुआ हिस्साकरीब 1.7 किलोमीटर
लंबित आपत्तियां124 (इनमें लगभग 100 नगर निगम के दायरे की)
कार्रवाई की शुरुआत5 अक्टूबर 2026, सुबह
पालना रिपोर्ट पेश6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)
JDA द्वारा मांगा गया समय4 सप्ताह
अगली सुनवाईदो सप्ताह बाद

आगे क्या होगा

हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी है, क्योंकि अदालत की नॉन-सिटिंग थी। इसका मतलब है कि JDA के पास शपथ पत्र में दिए गए ब्योरे पर कोर्ट की औपचारिक प्रतिक्रिया से पहले कुछ समय है, लेकिन अदालत की चार-सप्ताही समयावधि की मांग पर फैसला अगली सुनवाई में ही होगा।

जो लोग रोजाना इस रास्ते से गुजरते हैं, उनके लिए फिलहाल एक सलाह है — गुर्जर की थड़ी से संजीवनी अस्पताल तक का हिस्सा बंद रहने या ट्रैफिक डायवर्जन की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग अपनाएं, क्योंकि कार्रवाई जारी रहने की पूरी संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: पालना रिपोर्ट क्या होती है?

उत्तर: जब अदालत किसी आदेश के बाद यह जानना चाहती है कि उसके निर्देशों का पालन हुआ या नहीं, तो संबंधित पक्ष जो रिपोर्ट पेश करता है, उसे पालना या अनुपालन रिपोर्ट कहते हैं। JDA ने इसी रिपोर्ट में बताया कि 5 अक्टूबर से कितनी कार्रवाई हुई।

प्रश्न: JDA ने हाईकोर्ट से चार सप्ताह का समय क्यों मांगा है?

उत्तर: JDA के अनुसार अभी 124 आपत्तियां लंबित हैं, जिनमें से करीब 100 नगर निगम के क्षेत्राधिकार से जुड़ी हैं। इनका निस्तारण और बचे हुए लगभग 1.7 किलोमीटर हिस्से से अतिक्रमण हटाने के लिए प्राधिकरण को और समय चाहिए।

प्रश्न: मामले की अगली सुनवाई कब होगी?

उत्तर: अदालत की नॉन-सिटिंग की वजह से सुनवाई दो सप्ताह के लिए टल गई है। अब राजस्थान हाईकोर्ट में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

प्रश्न: इस मामले में जनहित याचिका किसने दाखिल की थी?

उत्तर: सुरेश चंद रावत और अन्य ने यह जनहित याचिका दाखिल की थी, जिसमें न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण और सड़क की बाधाओं को हटाने की मांग की गई थी।

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