मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के उमरिया गांव में मंगलवार को जो हुआ, वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था — लेकिन ये हकीकत थी। एक मकान में नशे की पार्टी चल रही थी, तभी अचानक चारों ओर से घेराबंदी हो गई। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की स्पेशल टीम ने मौके पर ही उस शख्स को दबोच लिया, जिसकी तलाश पिछले दो साल से जारी थी — एक लाख रुपये का इनामी तस्कर विश्नाराम।
विश्नाराम कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है। वो राजस्थान के ‘टॉप मोस्ट नार्को-25’ तस्करों की सूची में शामिल था, यानी राज्य के 25 सबसे खतरनाक नशा तस्करों में से एक। उसके खिलाफ एनडीपीएस, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, चोरी, धोखाधड़ी, मारपीट और बलवा जैसे 18 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। दो साल से पुलिस को चकमा देता आ रहा ये तस्कर अब आखिरकार सलाखों के पीछे है।
18 केस, 1 लाख का इनाम: कौन है विश्नाराम
| तथ्य | विवरण |
| नाम | विश्नाराम, पुत्र मदाराम |
| उम्र | 32 वर्ष |
| मूल निवासी | कुड़ला, थाना रीको, बाड़मेर (राजस्थान) |
| शिक्षा | 12वीं पास |
| घोषित इनाम | ₹1,00,000 |
| फरारी की अवधि | करीब 2 वर्ष |
| दर्ज मुकदमे | 18 से अधिक (एनडीपीएस, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, चोरी, धोखाधड़ी, मारपीट, बलवा) |
| नार्को सूची | राजस्थान के टॉप मोस्ट नार्को-25 तस्करों में शामिल |
| गिरफ्तारी की जगह | उमरिया गांव, पिपलियामंडी थाना क्षेत्र, मंदसौर (मध्यप्रदेश) |
| ऑपरेशन का नाम | ऑपरेशन मद्वैतेश |
ऑपरेशन मद्वैतेश: फर्नीचर कारीगर बने तस्कर की पहचान कैसे खुली
विश्नाराम की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, बल्कि महीनों की योजना और खुफिया जानकारी का नतीजा है। ANTF की स्पेशल टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि विश्नाराम मध्यप्रदेश में फर्नीचर का काम कर रहा है और उसने जोधपुर से कुछ कारीगर भी बुलाए हैं।
दरअसल, राजस्थान पुलिस के बढ़ते दबाव से बचने के लिए विश्नाराम ने अपनी पहचान और पेशा दोनों बदल लिए थे। मंदसौर में वो खुद को एक आम फर्नीचर व्यवसायी और कारीगर के रूप में पेश करता था, ताकि किसी को उसकी असली पहचान का पता न चले। लेकिन यही चाल उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। जब उसने फर्नीचर के काम के बहाने जोधपुर से कुछ कारीगरों को मंदसौर बुलाया, तो ANTF को इसकी भनक लग गई।
पुलिस टीम ने जोधपुर से गए कारीगरों की गतिविधियों पर बारीक नजर रखी और उनका पीछा करते हुए पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के उमरिया गांव पहुंच गई। जब टीम ने दबिश दी, तो विश्नाराम अपने तस्कर साथी के रिश्तेदार के मकान में कारीगरों के साथ नशे की पार्टी कर रहा था। टीम ने अचानक घेराबंदी कर आरोपी को मौके से ही धर दबोचा — उसे भागने का कोई मौका नहीं मिला।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में, ANTF के महानिरीक्षक (आईजी) विकास कुमार के निर्देशन में की गई।
खलासी से ड्रग सिंडिकेट तक: 12 साल का अपराध सफर
विश्नाराम की कहानी गरीबी और लालच के खतरनाक मेल की कहानी है। उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और उसके दादा डोडा (अफीम) के नशे के आदी थे। घर में महंगे नशे की लत को देखकर विश्नाराम के मन में भी कम समय में मोटी कमाई का लालच जागा, और वो धीरे-धीरे तस्करी की दुनिया में उतरता चला गया।
शुरुआत में वो ट्रकों में खलासी का काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात नीमच और मंदसौर के बड़े तस्करों से हुई। खलासी का काम उसे तस्करी के रास्तों, ठिकानों और नेटवर्क की अंदरूनी जानकारी देता रहा। देखते ही देखते उसने मध्यप्रदेश से मादक पदार्थों की खेप लाकर मारवाड़ क्षेत्र में ऊंचे दामों पर सप्लाई करने का एक बड़ा नार्को सिंडिकेट खड़ा कर लिया। बाद में उसके संपर्क हरियाणा के बड़े तस्करों तक भी पहुंच गए।
पिछले 12 वर्षों में उसके खिलाफ राजस्थान के विभिन्न थानों में डेढ़ दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। ये आंकड़ा बताता है कि वो कितना सक्रिय और खतरनाक अपराधी था।
ANTF क्या है और मारवाड़ में नशे का जाल कितना गहरा
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) नशे के तस्करों के खिलाफ विशेष रूप से बनाई गई इकाई है। पश्चिमी राजस्थान, खासकर बाड़मेर, जैसलमेर और जालौर जैसे सीमावर्ती जिले, नशे की तस्करी के लिए कुख्यात रहे हैं। यहां डोडा पोस्त, अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो मध्यप्रदेश और हरियाणा तक फैला हुआ है।
विश्नाराम जैसे तस्कर इसी नेटवर्क की कड़ियां हैं — मध्यप्रदेश से सस्ते में मादक पदार्थ लाकर मारवाड़ में महंगे दामों पर बेचना उनका धंधा है। ANTF ने पिछले कुछ महीनों में इस नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू किया है, और ‘ऑपरेशन मद्वैतेश’ उसी अभियान का हिस्सा है।
आगे क्या: पूछताछ से खुल सकते हैं नए राज
गिरफ्तारी के बाद अब ANTF और पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि विश्नाराम से पूछताछ में अंतरराज्यीय नार्को नेटवर्क से जुड़े कई और तस्करों की कड़ियां जुड़ सकती हैं। उसके मोबाइल, संपर्क सूची और वित्तीय लेनदेन की जांच से पूरे सिंडिकेट का खाका सामने आ सकता है।
ANTF के आईजी विकास कुमार ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की है कि अगर किसी को ड्रग्स या अपराधियों से जुड़ी कोई सूचना मिले, तो वो ANTF नियंत्रण कक्ष के नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: विश्नाराम कौन है और उसे कहां से गिरफ्तार किया गया?
विश्नाराम (32 वर्ष), पुत्र मदाराम, निवासी कुड़ला (बाड़मेर), राजस्थान का एक लाख रुपये का इनामी तस्कर है। उसे मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के उमरिया गांव से गिरफ्तार किया गया, जहां वो फर्नीचर व्यवसायी बनकर छिपा हुआ था।
प्रश्न 2: ‘ऑपरेशन मद्वैतेश’ क्या है?
ऑपरेशन मद्वैतेश राजस्थान पुलिस की ANTF द्वारा नशे के तस्करों के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान है। इसके तहत टॉप मोस्ट नार्को-25 सूची के तस्करों को निशाना बनाया जा रहा है। विश्नाराम की गिरफ्तारी इसी ऑपरेशन की बड़ी सफलता है।
प्रश्न 3: विश्नाराम पर कितने मुकदमे दर्ज हैं?
उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, चोरी, धोखाधड़ी, मारपीट और बलवा जैसे 18 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वो पिछले 12 वर्षों से अपराध जगत में सक्रिय था।
प्रश्न 4: नशे की सूचना कहां दे सकते हैं?
ANTF नियंत्रण कक्ष के नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।