पंचायत चुनाव दूसरा चरण: 64.32% मतदान, बाटाडू सबसे आगे

राजस्थान में गांव की सरकार चुनने की प्रक्रिया में बुधवार का दिन बड़े उत्साह के साथ बीता। पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान में शाम 6 बजे तक 64.32 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर दिया था। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है, क्योंकि कई मतदान केंद्रों पर शाम 6 बजे के बाद भी मतदाताओं की लंबी कतारें लगी हुई थीं — इसलिए अंतिम प्रतिशत में और बढ़ोतरी की संभावना है।

इस चरण में प्रदेश के 22 जिलों में जिला परिषद के 352 वार्डों और 124 पंचायत समितियों के 2,197 वार्डों के लिए मतदान हुआ। कुल 1,06,56,127 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें 55,19,336 पुरुष, 51,36,744 महिला और 47 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। मैदान में कुल 8,404 प्रत्याशी थे — जिला परिषद के 352 वार्डों के लिए 1,086 और पंचायत समिति के 2,197 वार्डों के लिए 7,318 उम्मीदवार। मतदान के लिए 11,799 केंद्र बनाए गए थे। हर मतदाता ने दो वोट डाले — एक जिला परिषद सदस्य के लिए और दूसरा पंचायत समिति सदस्य के लिए।

पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान का यह आंकड़ा इसलिए भी अहम है क्योंकि पहले चरण में भी गांवों में जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली थी, और दूसरे चरण ने उस रुझान को बरकरार रखा है।

सुबह से शाम तक: मतदान का ग्राफ कैसे बढ़ा

मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला। दिन भर मतदान प्रतिशत धीरे-धीरे बढ़ता रहा, और दोपहर के बाद इसमें तेज उछाल आया। सुबह 10 बजे तक सिर्फ 13.68 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था। दोपहर 1 बजे तक यह आंकड़ा 34.92 प्रतिशत पर पहुंच गया और अपराह्न 3 बजे तक 49.27 प्रतिशत मतदाता वोट डाल चुके थे। शाम 6 बजे तक कुल 64.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

दोपहर बाद मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़ी, क्योंकि सुबह खेत-खलिहान और घरेलू काम निपटाकर लोग दोपहर बाद मतदान के लिए निकले। कई केंद्रों पर शाम को भी कतारें देखने को मिलीं, जिससे यह साफ है कि अंतिम आंकड़ा 64.32 प्रतिशत से ऊपर जा सकता है।

कहां सबसे ज्यादा और कहां सबसे कम मतदान

जिलेवार आंकड़ों में सबसे आगे बाड़मेर की बाटाडू पंचायत समिति रही, जहां 78.30 प्रतिशत मतदान हुआ। बाड़मेर जिले की सात पंचायत समितियों में कुल 72.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया — यहां 3,53,235 पात्र मतदाताओं में से 2,54,627 लोगों ने वोट डाला।

क्षेत्र मतदान प्रतिशत
पूरे प्रदेश (दूसरा चरण, शाम 6 बजे तक) 64.32%
बाटाडू पंचायत समिति, बाड़मेर (सर्वाधिक) 78.30%
बाड़मेर जिला (7 पंचायत समितियां) 72.08%
देसूरी पंचायत समिति, पाली (सबसे कम) 49.11%
दोपहर 3 बजे तक प्रदेश का आंकड़ा 49.27%

सबसे कम मतदान पाली जिले की देसूरी पंचायत समिति में दर्ज किया गया, जहां सिर्फ 49.11 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला। दोपहर 3 बजे तक उदयपुर की देवला पंचायत समिति 65.41 प्रतिशत के साथ सबसे आगे थी, जबकि डूंगरपुर की आसपुर में उस समय सबसे कम 38.62 प्रतिशत मतदान हुआ था।

ईवीएम की खराबी ने कई जगह रफ्तार रोकी

मतदान बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण रहा, लेकिन तकनीकी खराबी ने कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को इंतजार कराया। जोधपुर की तिवरी पंचायत समिति में ईवीएम की समस्या के कारण दो बूथों पर मतदान प्रभावित हुआ। अजमेर के दो बूथों पर मतदान लगभग आधा घंटा देरी से शुरू हुआ। झुंझुनूं की सिंघाना पंचायत समिति के अंतर्गत मुरादपुर गांव में बूथ नंबर 71 पर पहला वोट पड़ने के तुरंत बाद ईवीएम खराब हो गई, जिसे बदलने के बाद मतदान फिर से शुरू हुआ।

पूरे चरण में कुल 105 बैलेट यूनिट और 71 कंट्रोल यूनिट बदली गईं। अधिकारियों ने मशीनें बदलकर मतदान सुचारू रखा, इसलिए तकनीकी दिक्कतों के बावजूद प्रक्रिया बड़े पैमाने पर पटरी पर रही।

उत्साह की तस्वीरें: 95 साल की माली देवी से लेकर मंत्रियों तक

इस चरण की सबसे दिल छूने वाली तस्वीर सीकर जिले के नीम का थाना पंचायत समिति के गणेश्वर गांव से आई, जहां 95 वर्षीय माली देवी को उनके परिजन मतदान केंद्र तक लेकर आए। उम्र के इस पड़ाव पर भी वोट डालने पहुंचीं माली देवी गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गईं।

जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में वोट डाला, जबकि स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीकर जिले में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने भी मतदाताओं से मतदान की अपील करते हुए इसे लोकतंत्र का पर्व बताया था।

पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला, वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और भारत आदिवासी पार्टी भी ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में रहीं।

छिटपुट विरोध और बहिष्कार की घटनाएं भी सामने आईं

शांतिपूर्ण मतदान के बीच दो जगहों से विरोध की खबरें भी आईं। बीकानेर के बज्जू क्षेत्र में एक मतदान केंद्र बंद पाए जाने पर ग्रामीणों ने धरना दिया, वहीं पाली के उमकाली गांव के निवासियों ने अलग ग्राम पंचायत की मांग को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया।

आगे क्या: 30 अक्टूबर को पंच-सरपंच का मतदान

दूसरे चरण का यह मतदान जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए था। इसके बाद अब 30 अक्टूबर को पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान निर्धारित है। कोटपूतली क्षेत्र में भी 28 अक्टूबर को सदस्य पदों के लिए मतदान हुआ और 30 अक्टूबर को पंच-सरपंच के लिए वोट डाले जाएंगे। यानी गांव की सरकार की पूरी तस्वीर 30 अक्टूबर के मतदान के बाद ही साफ होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में कितना मतदान हुआ?
शाम 6 बजे तक 64.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कई केंद्रों पर 6 बजे के बाद भी कतारें थीं, इसलिए अंतिम आंकड़ा इससे ज्यादा हो सकता है।

सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान कहां हुआ?
सबसे ज्यादा मतदान बाड़मेर की बाटाडू पंचायत समिति में 78.30 प्रतिशत और सबसे कम पाली की देसूरी पंचायत समिति में 49.11 प्रतिशत दर्ज किया गया।

दूसरे चरण में कितने जिलों और वार्डों में मतदान हुआ?
22 जिलों में जिला परिषद के 352 वार्डों और 124 पंचायत समितियों के 2,197 वार्डों में मतदान हुआ। कुल 8,404 प्रत्याशी मैदान में थे और 1,06,56,127 मतदाता पंजीकृत थे।

पंच और सरपंच का मतदान कब होगा?
पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 30 अक्टूबर को निर्धारित है।

राजस्थान पंचायत चुनाव से जुड़ी हर नई अपडेट के लिए पंचायत चुनाव की पिछली खबरें यहां पढ़ें और पहले चरण के मतदान की पूरी जानकारी के लिए पहले चरण का मतदान प्रतिशत यहां देखें। आधिकारिक जानकारी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट भी देखी जा सकती है।

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